RSP ने बदली स्टील बिक्री की रणनीति: 82.5% माल सीधे ग्राहकों तक, स्टॉकयार्ड पर निर्भरता घटी
राउरकेला स्टील प्लांट ग्राहक ऑर्डर और उत्पाद डिस्पैच के बीच मजबूत कड़ी बनाकर एक अधिक रिस्पॉन्सिव, एफिशिएंट और वित्तीय रूप से टिकाऊ सेल्स एवं डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम की ओर बढ़ रहा है।
सूचनाजी न्यूज, राउरकेला। स्टील कारोबार में सिर्फ उत्पादन बढ़ाना ही काफी नहीं है, बल्कि तैयार माल सही ग्राहक तक सही समय
- राउरकेला स्टील प्लांट ग्राहक ऑर्डर और उत्पाद डिस्पैच के बीच मजबूत कड़ी बनाकर एक अधिक रिस्पॉन्सिव, एफिशिएंट और वित्तीय रूप से टिकाऊ सेल्स एवं डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम की ओर बढ़ रहा है।
सूचनाजी न्यूज, राउरकेला। स्टील कारोबार में सिर्फ उत्पादन बढ़ाना ही काफी नहीं है, बल्कि तैयार माल सही ग्राहक तक सही समय पर पहुंचाना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। इसी दिशा में सेल के राउरकेला स्टील प्लांट (RSP) ने अपनी डिस्पैच रणनीति में डायरेक्ट ऑर्डर फुलफिलमेंट पर खास जोर दिया है। इसका सीधा उद्देश्य बिक्री से होने वाली रकम की वसूली तेज करना, वर्किंग कैपिटल को बेहतर बनाना और कंपनी के कैश फ्लो को मजबूत करना है।
जुलाई 2026 के आंकड़े इसकी तस्वीर साफ करते हैं। RSP ने इस महीने कुल 3,64,649 टन सेल योग्य स्टील डिस्पैच किया। इसमें से 3,00,911 टन स्टील सीधे ग्राहकों के ऑर्डर के आधार पर भेजा गया, जबकि 63,738 टन स्टॉकयार्ड के जरिए डिस्पैच हुआ। यानी जुलाई में करीब 82.5 प्रतिशत स्टील सीधे ग्राहक के ऑर्डर पर डिस्पैच किया गया।
चार महीने में 84.9% स्टील सीधे ऑर्डर पर
अप्रैल से जुलाई 2026 के दौरान RSP ने कुल 13,28,999 टन सेल योग्य स्टील डिस्पैच किया। इसमें 11,28,691 टन स्टील सीधे ग्राहक के ऑर्डर के खिलाफ भेजा गया। यह कुल डिस्पैच का करीब 84.9 प्रतिशत है। वहीं, इस अवधि में 2,00,308 टन स्टील स्टॉकयार्ड रूट से भेजा गया। आंकड़ों से संकेत मिलता है कि RSP अपने तैयार उत्पादों को पहले से मिले ग्राहक ऑर्डर के अनुरूप डिस्पैच करने पर लगातार जोर दे रहा है।
CRNO और Pipes में 90% से ज्यादा डायरेक्ट डिस्पैच
RSP के कुछ खास उत्पादों में डायरेक्ट ऑर्डर फुलफिलमेंट का स्तर और भी बेहतर रहा। CRNO और Pipes जैसे निच प्रोडक्ट्स में डायरेक्ट ऑर्डर फुलफिलमेंट 90.4 प्रतिशत रहा। वहीं, नॉन-PET उत्पादों में यह आंकड़ा 81.4 प्रतिशत रहा।
इस रणनीति का फायदा यह है कि तैयार माल को लंबे समय तक स्टॉकयार्ड में रखने की जरूरत कम होती है और उत्पादन से लेकर ग्राहक तक पहुंचने की प्रक्रिया अधिक सीधे तरीके से संचालित की जा सकती है।
स्टॉक कम, कैश फ्लो मजबूत करने पर जोर
RSP की यह रणनीति सिर्फ डिस्पैच का आंकड़ा बढ़ाने तक सीमित नहीं है। प्लांट का जोर इस बात पर है कि तैयार उत्पाद कन्फर्म्ड ग्राहक ऑर्डर के खिलाफ सीधे डिस्पैच हों। इससे बिक्री की रकम की प्राप्ति में तेजी आने और इन्वेंट्री मैनेजमेंट बेहतर होने की उम्मीद है।
सीधे ऑर्डर के आधार पर डिस्पैच बढ़ने से स्टॉकयार्ड में तैयार माल के अनावश्यक रूप से पड़े रहने की जरूरत भी कम हो सकती है। इससे कंपनी के वर्किंग कैपिटल पर दबाव घटाने और वित्तीय लचीलापन बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
ग्राहक की मांग से उत्पादन और डिस्पैच जोड़ने की कवायद
RSP का यह कदम उत्पादन, ग्राहक की मांग और डिस्पैच के बीच बेहतर तालमेल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। खासकर ऐसे समय में जब स्टील कारोबार में बिक्री के साथ-साथ कैश कन्वर्जन और इन्वेंट्री मैनेजमेंट भी अहम हो गया है, डायरेक्ट ऑर्डर फुलफिलमेंट पर जोर कंपनी के लिए वित्तीय रूप से महत्वपूर्ण रणनीति बन सकता है।
RSP का कहना है कि ग्राहक ऑर्डर और उत्पाद डिस्पैच के बीच मजबूत कड़ी बनाकर प्लांट एक अधिक रिस्पॉन्सिव, एफिशिएंट और वित्तीय रूप से टिकाऊ सेल्स एवं डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम की ओर बढ़ रहा है।