सुरक्षा ही सर्वोपरि: स्टील मेल्टिंग शॉप 3 में सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम, इन्हें मिला पुरस्कार

सेल स्तर पर भी श्रेष्ठ सुरक्षा पुरस्कार प्राप्त कर अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। सूचनाजी न्यूज, भिलाई। भिलाई इस्पात संयंत्र के इस्पात गलन शाला 3 (एसएमएस-3) में व्यावहारिक सुरक्षा संस्कृति को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एक प्रेरणादायक सुरक्षा प्रोत्साहन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में मुख्य महाप्रबंधक (एसएमएस-3) त्रिभुवन बैठा उपस्थित रहे। अपने उद्बोधन में श्री बैठा ने कहा कि इस्पात गलन शाला–3 ने सुरक्षा के क्षेत्र में सदैव उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है तथा सेल स्तर पर भी श्

  • सेल स्तर पर भी श्रेष्ठ सुरक्षा पुरस्कार प्राप्त कर अपनी विशिष्ट पहचान बनाई।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। भिलाई इस्पात संयंत्र के इस्पात गलन शाला 3 (एसएमएस-3) में व्यावहारिक सुरक्षा संस्कृति को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एक प्रेरणादायक सुरक्षा प्रोत्साहन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में मुख्य महाप्रबंधक (एसएमएस-3) त्रिभुवन बैठा उपस्थित रहे। अपने उद्बोधन में श्री बैठा ने कहा कि इस्पात गलन शाला–3 ने सुरक्षा के क्षेत्र में सदैव उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है तथा सेल स्तर पर भी श्रेष्ठ सुरक्षा पुरस्कार प्राप्त कर अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। उन्होंने कहा, “शीर्ष स्थान प्राप्त करना जितना चुनौतीपूर्ण है, उससे कहीं अधिक कठिन उसे बनाए रखना है।” उन्होंने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अपने कार्य निष्पादन में निरंतर उत्कृष्टता बनाए रखते हुए सुरक्षा के प्रति सजग एवं प्रतिबद्ध रहने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान बीआई एसपीओसी (BI SPOC) डी. विजित ने सुरक्षा पुरस्कारों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि ऐसे आयोजनों का उद्देश्य कर्मचारियों में सुरक्षा के प्रति जागरूकता, जिम्मेदारी एवं सहभागिता की भावना को प्रोत्साहित करना है। उन्होंने “फेटल पोटेंशियल ऑब्जर्वेशन” की अवधारणा को विस्तार से समझाते हुए तिमाही एसईई (Safety Excellence Engagement) राउंड के अंतर्गत सर्वाधिक उपयोगी एवं प्रभावी ऑब्जर्वेशन दर्ज करने वाले कर्मचारियों को सम्मानित किया। इस अवसर पर इस्पात गलन शाला 3 के महाप्रबंधक पी. सतपथी, एस. के. मिश्रा, पी. के. अग्रवाल तथा डी. के. वार्ष्णेय सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। साथ ही, एसएमएस-3 के विभिन्न अनुभागों से अनेक कार्यपालक अधिकारी, जैसे कि संचालन, अनुरक्षण, यांत्रिक, विद्युत एवं प्रशिक्षण विभाग के प्रतिनिधियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई, जिससे कार्यक्रम की गरिमा एवं प्रभावशीलता में और वृद्धि हुई। कार्यक्रम का सफल संचालन जयश्री द्वारा किया गया, जबकि किरण कुमार एवं आशुतोष सिंह का विशेष सहयोग सराहनीय रहा। यह आयोजन इस्पात गलन शाला 3 में विकसित सुदृढ़ सुरक्षा संस्कृति, सामूहिक उत्तरदायित्व तथा “सुरक्षा ही सर्वोपरि” के मूल मंत्र के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का जीवंत उदाहरण है।