SAIL ASP Expansion Project: निजीकरण की लड़ाई के बीच अलॉय स्टील प्लांट के लिए बड़ी खुशखबरी, 1,714 करोड़ के प्रोजेक्ट को सेल बोर्ड की मंजूरी
30 महीने में पूरा होगा विस्तार का काम, नए संयंत्रों के लिए ₹1,601.94 करोड़ और लिंक पैकेज व अन्य कार्यों पर ₹112.13 करोड़ खर्च होंगे। इंटक ने निजीकरण के खिलाफ लंबे संघर्ष की जीत बताया।
सूचनाजी न्यूज, दुर्गापुर। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) के दुर्गापुर स्थित अलॉय स्टील प्लांट (ASP) के विस्तार का रास्ता साफ हो गया है। सेल बोर्ड ने 25 सितंबर 2026 को हुई अपनी 537वीं बैठक में अलॉय स्टील प्लांट के विस्तार प्रोजेक्ट को प्रथम चरण की मंजूरी दे दी है। इस परियोजना पर कुल ₹1,714.07 करोड़ के अनुमानित पूंजीगत खर्च का प्रस्ताव है। सेल बोर्ड की मंजूरी को दुर्गापुर के अलॉय स्टील प्लांट के भविष्य और नई पीढ़ी के रोजगार एवं औद्योगिक संभावनाओं के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सेल के प्रोजेक्ट्स विभाग की ओर से जारी स्वीकृति पत्र में विस्तार परियोजना के लिए आवश्यक वित्तीय मंजूरी और आगे की कार्रवाई का उल्लेख किया गया है। दुर्गापुर स्टील प्लांट (DSP) एवं इस्को बर्नपुर स्टील प्लांट के निदेशक प्रभारी सुरजीत मिश्र को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
₹1,714 करोड़ से बदलेगी अलॉय स्टील प्लांट की तस्वीर
सेल बोर्ड की ओर से स्वीकृत परियोजना में दो प्रमुख वित्तीय मद शामिल हैं। पहले मद के तहत नए संयंत्रों और सुविधाओं के लिए ₹1,601.94 करोड़ के अनुमानित पूंजीगत खर्च को मंजूरी दी गई है। इस राशि में जीएसटी पर उपलब्ध इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के ₹199.55 करोड़ शामिल नहीं हैं। परियोजना की आधार तिथि 2026 की तीसरी तिमाही रखी गई है। इसमें ₹138.24 करोड़ का फ्यूचर एक्सपेंडीचर (FE) घटक भी शामिल है।
दूसरे मद में लिंक पैकेज और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए ₹112.13 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इस राशि में जीएसटी पर ₹19.36 करोड़ का इनपुट टैक्स क्रेडिट शामिल नहीं है। सेल बोर्ड ने लिंक पैकेज और संबंधित कार्यों के लिए मौजूदा डेलिगेशन ऑफ पावर्स (DoP) के तहत ₹112.13 करोड़ तक खर्च करने के लिए ISP एवं DSP के निदेशक प्रभारी को भी अधिकृत किया है।
स्टेज-2 की मंजूरी के बाद 30 महीने में पूरा होगा काम
स्वीकृति पत्र के अनुसार, परियोजना के क्रियान्वयन की समयसीमा स्टेज-2 की मंजूरी मिलने के बाद 30 महीने निर्धारित की गई है। यानी परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए अगले चरण की मंजूरी महत्वपूर्ण होगी।
यहां ध्यान देने वाली बात है कि सेल बोर्ड ने फिलहाल परियोजना को स्टेज-1 की मंजूरी दी है। इसलिए इसे परियोजना के लिए महत्वपूर्ण शुरुआती स्वीकृति के रूप में देखा जाना चाहिए। वास्तविक क्रियान्वयन की समयसीमा स्टेज-2 की मंजूरी से जुड़ी है।
निजीकरण के खिलाफ संघर्ष का परिणाम बता रहा इंटक
अलॉय स्टील प्लांट के विस्तार को मंजूरी मिलने के बाद इंटक दुर्गापुर के महासचिव रजत दीक्षित ने इसे निजीकरण के खिलाफ लंबे समय से चल रही लड़ाई का परिणाम बताया है। इंटक की ओर से जारी संदेश में HSWU और ASWU के साथ DSP एवं ASP में निजीकरण के विरोध में संघर्ष करने वाले लोगों के योगदान को याद किया गया है।
इंटक नेताओं ने इस उपलब्धि के लिए संघर्ष करने वाले सभी लोगों को धन्यवाद देते हुए कहा कि यह लंबे संघर्ष से हासिल हुई सफलता है। इसे वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों की बेहतर संभावनाओं के लिहाज से भी उत्साहजनक बताया गया है। रजत दीक्षित ने अलॉय स्टील प्लांट की टीम को कॉरपोरेट मंजूरी मिलने पर हार्दिक बधाई दी।
इंटक ने आने वाली परियोजना के क्रियान्वयन में सहयोग की अपेक्षा भी जताई है। संगठन का संदेश स्पष्ट है कि अलॉय स्टील प्लांट का विस्तार केवल औद्योगिक परियोजना नहीं, बल्कि निजीकरण के खिलाफ लंबे संघर्ष के बाद हासिल हुई एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में भी देखा जा रहा है।