SAIL BSL: अशांति से कुछ ही कदम दूर बोकारो स्टील प्लांट, सारे गेट जाम, रात में ही ड्यूटी पहुंच गए कर्मचारी-अधिकारी
सेल बीएसएल प्रबंधन ने विपरित हालात से बचने का इंतजाम किया है। दवा से लेकर खाने तक का पूरा इंतजाम है। कैंटीन में सारा सामान भरा गया है। विस्थापित समूहों के सामने चुनौती है कि नियोजन की मांग पूरी कराएं। जिला प्रशासन के सामने चुनौती है कि रास्ते को खुलवाए।
सूचनाजी न्यूज, बोकारो। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड-सेल बोकारो स्टील प्लांट के सभी गेट को विस्थापित समूहों ने जाम कर दिया है। अब किसी को भी अंदर जाने नहीं दिया जा रहा है। नियोजन की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन का रूप अब पूरी तरह से बदल गया है। अब तक शांतिपूर्वक आंदोलन चल रहा था। मेन गेट भी बंद करने से हालात बदलते दिख रहे हैं।
उत्पादन को ठप होने से बचाने के लिए बीएसएल प्रबंधन ने रातों-रात बड़ा दांव खेला। जिस मिल और शॉप को बंद नहीं किया जा सकता है, वहां जरूरत के हिसाब से मैनपॉवर को प्लांट में बुला लिया गया। रात के अंधेरे में ही कर्मचारी, अधिकारी और ठेका मजदूर प्लांट में दाखिल हो चुके थे। रात 1 बजे से लेकर 4 बजे के बीच कार्मिक प्लांट और एडीएम बिल्डिंग में पहुंच चुके थे।
जिन विभागों का कामकाम रोकना संभव है, वहां के मैनपॉवर को नहीं बुलाया गया। ये कार्मिक शनिवार सुबह जब मेन गेट पर पहुंचे तो विस्थापित समूहों से सामना हो गया। सबको पीछे हटना पड़ा है। सीआइएसएफ जवानों ने मोर्चा संभाल रखा है। वहीं, पुलिस प्रशासन भी हालात पर नज़र बनाए हुए है। संभावना जताई जा रही है कि आज दिन में किसी तरह भी गेट को खोलवाने की कवायद होगी।
बताया जा रहा है कि ए शिफ्ट वाले बाहर ही भटक रहे हैं। एडीएम बिल्डिंग का ताला रात में ही खोल दिया गया था। घरों में सो रहे कार्मिकों को जगाकर आफिस बुला लिया गया। भोर में ही आंदोलनकारियों ने गेट के सामने बिस्तर बिछा दिया है।
बीएसएल प्रबंधन का कहना है कि विपरित हालात से बचने का इंतजाम किया गया है। दवा से लेकर खाने तक का पूरा इंतजाम है। कैंटीन में सारा सामान भरा गया है।