भिलाई इस्पात संयंत्र: केंद्रीय न्यूनतम वेतन, बोनस, समय पर मजदूरी और गिफ्ट कूपन से कम में कोई समझौता नहीं

स्टील ठेका श्रमिक यूनियन इंटक की बैठक। अध्यक्ष संजय साहू ने कहा-ठेका श्रमिकों को जल्द मिले केंद्रीय न्यूनतम वेतन। दीपावली से पहले सभी पात्र ठेका श्रमिकों को नियमानुसार निर्धारित बोनस मिले।

सूचनाजी न्यूज, भिलाई। स्टील ठेका श्रमिक यूनियन इंटक की कार्यकारिणी की बैठक यूनियन कार्यालय में आयोजित की गई। बैठक में भिलाई इस्पात संयंत्र में कार्यरत ठेका श्रमिकों को केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित केंद्रीय न्यूनतम वेतन जल्द लागू करने सहित विभिन्न श्रमिक समस्याओं पर चर्चा की गई।

यूनियन के अध्यक्ष संजय कुमार साहू ने कहा कि भिलाई इस्पात संयंत्र के उत्पादन, उत्पादकता एवं लाभार्जन में ठेका श्रमिकों का महत्वपूर्ण योगदान है। इसके बावजूद ठेका श्रमिकों को केंद्रीय न्यूनतम वेतन का लाभ देने में लगातार देरी की जा रही है, जिससे श्रमिकों में आक्रोश बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा श्रम संहिताओं को 21 नवंबर 2025 से प्रभावी किए जाने के बाद भी सेल प्रबंधन की ओर से केंद्रीय न्यूनतम वेतन लागू करने के संबंध में आवश्यक परिपत्र जारी नहीं किया गया है।

उन्होंने कहा कि सेल प्रबंधन ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में लगभग 10,000 करोड़ रुपये के लाभ का लक्ष्य रखा है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने में ठेका श्रमिक भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। ऐसे में उनके योगदान को नजरअंदाज करना उचित नहीं है। यूनियन लगातार प्रधानमंत्री, केंद्रीय श्रम मंत्री, केंद्रीय इस्पात मंत्री, केंद्रीय श्रम आयुक्त, उप श्रम आयुक्त एवं सेल प्रबंधन को पत्र लिखकर केंद्रीय न्यूनतम वेतन लागू करने की मांग कर रही है।

ठेका श्रमिकों को भी मिले गिफ्ट कूपन

बैठक में मांग की गई कि सेल प्रबंधन द्वारा निर्धारित उत्पादन एवं उत्पादकता के लक्ष्यों को प्राप्त करने पर नियमित कर्मचारियों की तरह ठेका श्रमिकों को भी गिफ्ट अथवा कूपन दिए जाएं। इससे ठेका श्रमिकों का मनोबल बढ़ेगा और वे उत्पादन, उत्पादकता एवं लाभार्जन के लक्ष्यों को हासिल करने में और अधिक उत्साह से योगदान दे सकेंगे।

दीपावली से पहले बोनस भुगतान सुनिश्चित हो

यूनियन ने मांग की कि दीपावली से पहले सभी पात्र ठेका श्रमिकों को नियमानुसार निर्धारित बोनस का भुगतान सुनिश्चित किया जाए, ताकि श्रमिक एवं उनके परिवार त्योहार खुशहाली के साथ मना सकें।

प्रत्येक माह 10 तारीख से पहले मिले वेतन

बैठक में बताया गया कि बीएसपी के कुछ विभागों में ठेका कंपनियों द्वारा समय पर वेतन भुगतान नहीं किए जाने की शिकायतें लगातार यूनियन कार्यालय में पहुंच रही हैं। यूनियन ने मांग की कि ठेका श्रमिकों को प्रत्येक माह की 10 तारीख से पहले वेतन भुगतान सुनिश्चित किया जाए तथा नियमों का उल्लंघन करने वाली ठेका कंपनियों के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई की जाए। वेतन भुगतान में लगातार देरी होने पर संबंधित जिम्मेदारों की जवाबदेही तय की जाए और श्रमिकों को उनका बकाया वेतन दिलाया जाए।

सभी गेटों से प्रवेश और मोटरसाइकिल ले जाने की सुविधा मिले

बैठक में ठेका श्रमिकों को संयंत्र के सभी निर्धारित गेटों से आने-जाने की सुविधा, छोटा गेट पास उपलब्ध कराने तथा संयंत्र के अंदर मोटरसाइकिल ले जाने की व्यवस्था करने की मांग भी उठाई गई। यूनियन का कहना है कि इन सुविधाओं से श्रमिक समय पर अपने कार्यस्थल तक पहुंच सकेंगे और उन्हें अनावश्यक परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा।

मांगें पूरी नहीं हुईं तो होगा बड़ा आंदोलन

संजय कुमार साहू ने कहा कि यूनियन इन सभी समस्याओं को लेकर बीएसपी प्रबंधन से लगातार चर्चा कर रही है। शीघ्र ही ज्ञापन सौंपकर इन मांगों पर ठोस कार्रवाई की मांग की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि प्रबंधन ने ठेका श्रमिकों की समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया, तो यूनियन श्रमिकों के हितों की रक्षा के लिए बड़े आंदोलन करने को बाध्य होगी।

बैठक में सी.पी. वर्मा, दीनानाथ सिंह, सारवा आर. दिनेश, गुरुदेव साहू, मनोहर लाल, जयराम ध्रुव, कान्हा राम, कुलेश्वर, देवेंद्र, के. रामू, नरेंद्र कुमार, मनहरण लाल, बलराम वर्मा, कामता प्रसाद पटेल, दामन लाल, प्रेम कुमार, संतोष कुमार कृष्ण कुमार वर्मा योगेन्द्र कुमारराजकुमार गुप्ता, महेंद्र कुमार सहित कार्यकारिणी के अन्य सदस्य उपस्थित थे।