SAIL CMD: पैरवी करने वालों से भयंकर चिढ़ते हैं अमरेंदु प्रकाश, भरी मीटिंग में DIC को दिखा चुके मंत्री की चिट्ठी…

साल 1991 में बोकारो स्टील प्लांट से कॅरियर शुरू करने वाले सीएमडी अमरेंदु प्रकाश पैरवी करने वालों से काफी चिढ़ते हैं। सूचनाजी न्यूज, भिलाई। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड-सेल के सीएमडी की विदाई 1 अप्रैल को हो जाएगी। इस्तीफा दे चुके हैं। नए सीएमडी की चयन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। अचानक से सेल में हो रही उथल-पुथल के पीछे की काफी लंबी दास्तां है। साल 1991 में बोकारो स्टील प्लांट से कॅरियर शुरू करने वाले अमरेंदु प्रकाश पैरवी करने वालों से काफी चिढ़ते हैं। यही वजह है कि सेफी और ट्रेड यूनियन नेताओं के

साल 1991 में बोकारो स्टील प्लांट से कॅरियर शुरू करने वाले सीएमडी अमरेंदु प्रकाश पैरवी करने वालों से काफी चिढ़ते हैं। सूचनाजी न्यूज, भिलाई। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड-सेल के सीएमडी की विदाई 1 अप्रैल को हो जाएगी। इस्तीफा दे चुके हैं। नए सीएमडी की चयन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। अचानक से सेल में हो रही उथल-पुथल के पीछे की काफी लंबी दास्तां है। साल 1991 में बोकारो स्टील प्लांट से कॅरियर शुरू करने वाले अमरेंदु प्रकाश पैरवी करने वालों से काफी चिढ़ते हैं। यही वजह है कि सेफी और ट्रेड यूनियन नेताओं के साथ भी रिश्ते अच्छे नहीं बन सके। मिलना-जुलना, उठना-बैठना बड़ी मुहब्बत से करते। लेकिन, पैरवी के मामले में साथ न देते। इसलिए लोग नाराज हो जाते। यही वजह है कि सोशल मीडिया पर कुछ लोग सक्रिय हो गए हैं और भड़ास निकाल रहे। ये खबर भी पढ़ें: तो क्या कर्नाटक कैडर के IAS होंगे SAIL के नए CMD, रेस में मनीष राज गुप्ता, आलोक वर्मा, एके पंडा भी किसी ने अगर पैरवी की, तो उसकी खैर नहीं। बकायदा भरी मीटिंग में पानी तक उतार देते हैं। अपने मातहत को बता भी देते कि देखना, इस बंदे ने पैरवी कराई है। बिल्कुल तवज्जो मत देना। अमरेंदु प्रकाश के साथ काम कर चुके सेल कारपोरेट आफिस के अधिकारी बताते हैं कि वह पैरवी को बिल्कुल पसंद नहीं करते। प्रतिभा के बल पर सामने आने की बात करते हैं। सभी प्लांट के उच्चाधिकारियों के साथ मीटिंग में एक स्टील प्लांट के डायरेक्टर इंचार्ज किसी अधिकारी की तारीफ कर रहे थे। मकसद ये था कि उसे लाभ दिया जाए। इतना सुनते ही सीएमडी अमरेंदु प्रकाश भड़क गए। मुहब्बत से डीआइसी को बोले-सर, जिसकी बात आप कर रहे हैं, उसने मंत्रीजी से भी पैरवी कराया है। यह देखिए, लेटर। लेटर में जो भाषा लिखी है, वही बात आप बोल रहे हैं। इसलिए पैरवी कराने वालों से दूर रहिए। ये खबर भी पढ़ें: SAIL CMD Resigned: 35 साल का रिश्ता सेल से अमरेंदु प्रकाश का एक झटके में खत्म, गरीब परिवार से नाता, कभी सेकंड नहीं आए, पढ़ें डिटेल पैरवी शब्द से चिढ़ने की बात में दम लगता है। एक ट्रांसफर के मामले में मंत्रालय, आइएएस, केंद्रीय अधिकारियों, आरएसएस, भाजपा नेताओं की पैरवी के बाद भी एक कर्मचारी को राहत नहीं मिल सकी। पैरवी का दायरा इतना बड़ा था कि अमरेंदु प्रकाश की नजरों में कर्मचारी पर खतरे की सुई लटकती गई। घर वापसी न हो सकी। अमरेंदु प्रकाश की विदाई के बाद ही कुछ रास्ता बनता दिखेगा। ये खबर भी पढ़ें: Big News: SAIL CMD अमरेंदु प्रकाश दे चुके हैं इस्तीफा, 1 अप्रैल तक कार्यकाल, नए सीएमडी की चयन प्रक्रिया शुरू कारपोरेट आफिस में सीएमडी के साथ काम करने वाले एक अधिकारी ने सूचनाजी.कॉम से खुलकर कहा-अगर, अमरेंदु प्रकाश इस्पात मंत्रालय के अधिकारियों की हां में हां मिलाने और पैरवी के आगे दंडवत हो जाते तो शायद इस्तीफा न देना पड़ता। कई बार सचिव तक को जवाब दे चुके हैं कि ये काम नहीं हो सकता है…।