SAIL E0 Exam: जूनियर ऑफिसर परीक्षा के लिए Syllabus अपलोड, आईसीए पाठ्यक्रम में बदलाव, जुड़े 3 नए चैप्टर

कर्मचारियों की ज्ञानवृद्धि एवं अद्यतन औद्योगिक समझ को ध्यान में रखते हुए इंडस्ट्री एंड कंपनी अवेयरनेस (आईसीए) पाठ्यक्रम में महत्वपूर्ण संशोधन किया गया है। सूचनाजी न्यूज, भिलाई। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड-सेल के कर्मचारी ई-0 परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। अधिकारी बनने का मौका मिलने वाला है। इससे पहले ताज़ा अपडेट यह है कि सिलेबस को अपलोड कर दिया गया है। 3 नए चैप्टर को जोड़ दिया गया है। आइसीए पाठ्यक्रम में बदलाव किए गए हैं। सेल कर्मचारियों को अधिकारी बनाने जूनियर ऑफिसर की परीक्षा हर एक वर्ष के ब

  • कर्मचारियों की ज्ञानवृद्धि एवं अद्यतन औद्योगिक समझ को ध्यान में रखते हुए इंडस्ट्री एंड कंपनी अवेयरनेस (आईसीए) पाठ्यक्रम में महत्वपूर्ण संशोधन किया गया है।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड-सेल के कर्मचारी ई-0 परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। अधिकारी बनने का मौका मिलने वाला है। इससे पहले ताज़ा अपडेट यह है कि सिलेबस को अपलोड कर दिया गया है। 3 नए चैप्टर को जोड़ दिया गया है। आइसीए पाठ्यक्रम में बदलाव किए गए हैं। सेल कर्मचारियों को अधिकारी बनाने जूनियर ऑफिसर की परीक्षा हर एक वर्ष के बाद ली जाती है। इसी तारतम्य में, परीक्षा का सिलेबस कॉरपोरेट ऑफिस की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है। कर्मचारियों की ज्ञानवृद्धि एवं अद्यतन औद्योगिक समझ को ध्यान में रखते हुए इंडस्ट्री एंड कंपनी अवेयरनेस (आईसीए) पाठ्यक्रम में महत्वपूर्ण संशोधन किया गया है। अब इस पाठ्यक्रम में तीन नए विषय सेल का वित्तीय प्रदर्शन, मानव संसाधन एवं प्रतिस्पर्धी विश्लेषण को शामिल किया गया है। पहले जहां पाठ्यक्रम में 14 अध्याय थे, वहीं अब इन नए विषयों के जुड़ने से कुल अध्यायों की संख्या बढ़कर 17 हो गई है। सूत्रों के अनुसार, यह बदलाव कर्मचारियों को कंपनी की वर्तमान स्थिति, संसाधन प्रबंधन एवं प्रतिस्पर्धात्मक वातावरण की बेहतर समझ प्रदान करने के उद्देश्य से किया गया है। वहीं, जीपीओई एवं जीएफएम से संबंधित पाठ्यक्रम में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है और ये पहले की तरह यथावत रहेंगे। संशोधन केवल आईसीए विषय के अंतर्गत किया गया है, जिसमें अद्यतन जानकारी जोड़ी गई है। कॉर्पोरेट कार्यालय द्वारा संशोधित पाठ्यक्रम को आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है। कर्मचारियों से अपेक्षा की गई है कि वे नवीनतम पाठ्यक्रम का अध्ययन कर अपनी तैयारी उसी के अनुरूप सुनिश्चित करें।