SAIL NEWS: कर्मचारियों से LTC, LTA रिकवरी केस पहुंचा न्यायालय, अब ट्रिब्यूनल में लड़ाई
इस संबंध में कई बैठकें हो चुकी है। दोनों पक्ष अपनी अपनी मांग पर अडिग है। एफओसी किया जाना उचित होगा। इस पर दोनों पक्षों में सहमति प्रदान की। अब यह मामला सेंट्रल लेबर कमिश्नर के माध्यम से अंडर सेक्रेटरी (श्रम मंत्रालय) द्वारा सेंट्रल गवर्नमेंट इंडस्ट्रियल ट्रिब्यूनल कम लेबर कोर्ट जबलपुर में भेजा जाएगा। सूचनजी न्यूज, भिलाई। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड-सेल के कर्मचारियों के LTC, LTA रिकवरी मामला तूल पकड़ चुका है। कानूनी लड़ाई शुरू हो गई है। प्रबंधन को कटघरे में खड़ा किया जा रहा है। भिलाई श्रमिक स
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इस संबंध में कई बैठकें हो चुकी है। दोनों पक्ष अपनी अपनी मांग पर अडिग है।
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एफओसी किया जाना उचित होगा। इस पर दोनों पक्षों में सहमति प्रदान की।
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अब यह मामला सेंट्रल लेबर कमिश्नर के माध्यम से अंडर सेक्रेटरी (श्रम मंत्रालय) द्वारा सेंट्रल गवर्नमेंट इंडस्ट्रियल ट्रिब्यूनल कम लेबर कोर्ट जबलपुर में भेजा जाएगा।
एचएमएस यूनियन ने 3 तर्क प्रस्तुत किया
1- जब सब ब्लॉक किया समाप्त होने के दो माह पूर्व रिकवरी की जानकारी दी जाएगी तो कर्मचारी 2 माह के बीच में एलटीसी/एलटीए कैसे ले सकेंगे, जबकि पर्क का बास्केट भी अगस्त 2022 में लाया गया। उस समय भी रिकवरी की जानकारी नहीं दी गई जो तर्कसंगत नहीं है। ये खबर भी पढ़ें: भत्ते, रिफंड ईपीएस शेयर, सेवानिवृत्ति के बाद वेतन पर बड़ी खबर 2- यूनियन ने कहा कि हमें एलटीसी/एलटीए का नगदीकरण मिलता रहा है, जो हमारे फिक्स पर्क का हिस्सा है। एक तो रिकवरी करना गलत है। दूसरा यदि रिकवरी की भी गई तो कर्मचारियों का 1 अप्रैल 2021 से 17 नवंबर 2021 तक का फिक्स पर्क का भाग क्यों रिकवरी किया गया। जिन कर्मचारियों ने एलटीसी-एलटीए नगदीकरण नहीं किया। उन्हें भी 1 अप्रैल 2021 से 17 नवंबर 2021 तक का एलटीसी-एलटीए नगदीकरण का हिस्सा दिया जाना था।
3- जिन कर्मचारियों ने एलटीसी-एलटीए नगदीकरण कराया था, उन कर्मचारियों ने तीन दिन की छुट्टी ली थी। उन्हें उनकी छुट्टी वापस करनी थी। लेकिन प्रबंधन ने ऐसा नहीं किया।
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जबलपुर ट्रिब्यूनल में केस पहुंचा
महासचिव प्रमोद कुमार मिश्र ने बताया कि दोनों पक्षों को सुनने के पश्चात कॉन्सिलेशन ऑफिसर सहायक श्रमायुक्त (केंद्रीय) रायपुर ने कहा-इस संबंध में कई बैठकें हो चुकी है। दोनों पक्ष अपनी अपनी मांग पर अडिग है। अतः एफओसी किया जाना उचित होगा। इस पर दोनों पक्षों में सहमति प्रदान की।
अब यह मामला सेंट्रल लेबर कमिश्नर के माध्यम से अंडर सेक्रेटरी (श्रम मंत्रालय) द्वारा सेंट्रल गवर्नमेंट इंडस्ट्रियल ट्रिब्यूनल कम लेबर कोर्ट जबलपुर में भेजा जाएगा। आगे की सुनवाई न्यायालय में होगी।
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