SAIL Safety Alert: सेल के सभी प्लांट में अब मोबाइल फोन बैन, उल्लंघन पर 7 दिन गेटपास होगा जब्त

SAIL में औद्योगिक सुरक्षा को लेकर सख्ती। स्टील प्लांट ने शॉप फ्लोर पर मोबाइल इस्तेमाल प्रतिबंधित। उल्लंघन पर कार्रवाई और गेटपास जब्त करने का प्रावधान। आइएसपी में सर्कुलर जारी। भिलाई में भी अमल। इस्पात सचिव की रिव्यू मीटिंग के बाद सीएमडी डॉ. अशोक कुमार पंडा का सख्त आदेश।

सूचनाजी न्यूज, भिलाई। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) के इस्पात संयंत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सख्ती बढ़ा दी गई है। प्लांट के भीतर खतरनाक कार्यस्थलों पर मोबाइल फोन का इस्तेमाल अब भारी पड़ेगा। सेल प्रबंधन ने शॉप फ्लोर और सक्रिय कार्यक्षेत्रों में मोबाइल फोन के उपयोग पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है। नियम तोड़ने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों और ठेका श्रमिकों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। ठेका श्रमिकों के मामले में सात दिनों के लिए गेटपास जब्त करने का प्रावधान भी जारी एडवाइजरी में स्पष्ट किया गया है।

सेल के सीएमडी डॉ. अशोक कुमार पंडा ने शुक्रवार को सभी इस्पात संयंत्रों के निदेशक प्रभारी (DIC) के साथ वर्चुअल बैठक कर सुरक्षा उपायों को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए। साथ ही सुरक्षा के मामले में जीरो टॉलरेंस के 11 सूत्रीय एजेंडे पर गंभीरता से अमल करने को कहा गया है। इसका असर दिखने लगा है। सबसे पहले सेल के इस्को स्टील प्लांट (ISP) बर्नपुर ने मोबाइल फोन के इस्तेमाल को लेकर आधिकारिक एडवाइजरी जारी कर दी।

शॉप फ्लोर पर मोबाइल इस्तेमाल करने पर कार्रवाई

इस्को स्टील प्लांट के जीएम (सेफ्टी, फायर सर्विसेज एंड एनवायरनमेंट) अभिजीत रॉय की ओर से जारी एडवाइजरी में स्पष्ट किया गया है कि सभी शॉप फ्लोर और सक्रिय कार्यक्षेत्रों में मोबाइल फोन का इस्तेमाल तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित है। इसका उद्देश्य काम के दौरान ध्यान भटकने से होने वाली दुर्घटनाओं और गंभीर सुरक्षा जोखिमों को रोकना है।

एडवाइजरी के मुताबिक, मोबाइल फोन का आवश्यक इस्तेमाल केवल ऑपरेशनल क्षेत्र से बाहर स्थित कार्यालय भवनों, शौचालयों या निर्धारित मोबाइल कियोस्क तक सीमित रहेगा। यानी उत्पादन और अन्य सक्रिय कार्यस्थलों पर काम करते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा।

नियमित कर्मचारी हों या ठेका श्रमिक, सभी पर लागू होगा नियम

स्टील प्लांट प्रबंधन ने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिया है कि वे नियमित कर्मचारियों के साथ-साथ ठेका श्रमिकों के बीच भी इस नियम का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करें। यदि कोई कर्मचारी या ठेका श्रमिक शॉप फ्लोर अथवा सक्रिय कार्यक्षेत्र में मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए पाया जाता है, तो उसके खिलाफ तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। एडवाइजरी में ठेका श्रमिकों के गेटपास को सात दिनों के लिए जब्त करने की कार्रवाई का भी उल्लेख है। यह कदम कार्यस्थल पर अनुशासन बनाए रखने के साथ-साथ कर्मचारियों और ठेका श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।

एक पल की लापरवाही बन सकती है बड़े हादसे की वजह

स्टील प्लांट जैसे औद्योगिक प्रतिष्ठानों में भारी मशीनें, गर्म धातु, चलती क्रेन और अन्य जोखिमपूर्ण गतिविधियां लगातार संचालित होती हैं। ऐसे वातावरण में काम के दौरान थोड़ी-सी असावधानी भी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है। मोबाइल फोन पर ध्यान जाने से कार्यस्थल पर मौजूद खतरों के प्रति सतर्कता कम हो सकती है।

इस्को स्टील प्लांट की एडवाइजरी में भी स्पष्ट संदेश दिया गया है कि ध्यान भटकने का एक क्षण गंभीर दुर्घटना या जानलेवा हादसे का कारण बन सकता है। सुरक्षा को मोबाइल फोन के इस्तेमाल से हमेशा ऊपर रखा जाना चाहिए।

13 अक्टूबर की समीक्षा बैठक के बाद तेज हुई कार्रवाई

सेल में सुरक्षा उपायों को लेकर यह सख्ती ऐसे समय बढ़ाई गई है, जब 13 अक्टूबर को स्टील सेक्रेटरी संदीप पौंड्रिक ने समीक्षा बैठक में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और ठोस कदम उठाने पर जोर दिया था। इसके बाद सेल प्रबंधन स्तर पर सुरक्षा निर्देशों के अनुपालन की प्रक्रिया तेज हुई है।

शुक्रवार को सीएमडी डॉ. अशोक कुमार पंडा की ओर से सभी प्लांटों के निदेशक प्रभारी के साथ वर्चुअल बैठक कर निर्देश दिए जाने के बाद संयंत्रों में कार्रवाई शुरू हो गई है। इस्को स्टील प्लांट ने एडवाइजरी जारी कर नियमों को स्पष्ट कर दिया है, जबकि भिलाई स्टील प्लांट (BSP) प्रबंधन ने भी इसे लागू करने की दिशा में कवायद शुरू कर दी है। ठेका कंपनियों को भी सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए जा रहे हैं।

सुरक्षा में लापरवाही पर नहीं मिलेगी छूट

सेल प्रबंधन की इस पहल का मुख्य उद्देश्य दुर्घटनाओं की आशंका कम करना और कार्यस्थलों पर सुरक्षा संस्कृति को मजबूत करना है। मोबाइल फोन पर प्रतिबंध के साथ 11 सूत्रीय जीरो टॉलरेंस एजेंडे पर अमल से यह संदेश दिया गया है कि उत्पादन और कामकाज के दौरान सुरक्षा नियमों से समझौता नहीं किया जाना चाहिए।

अब नजर इस बात पर रहेगी कि भिलाई सहित सेल के अन्य संयंत्रों में इन निर्देशों को किस तरह लागू किया जाता है और कार्यस्थलों पर सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए प्रबंधन क्या कदम उठाता है।