SAIL वेज रीविजन 100 माह बाद भी अधूरा, 6 सालों से मुनाफा, फिर एग्रीमेंट न हुआ पूरा

छह सालो से लगातार सेल का टर्नओवर 1 लाख करोड़ रुपये के पार। लगातार छह सालों से मुनाफा, फिर भी वेज रीविजन अधूरा सूचनाजी न्यूज, बोकारो। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड-सेल (Steel Authority of India Limited-SAIL) के कर्मचारियों का वेज एग्रीमेंट अब भी अधूरा है। बोकारो, भिलाई, राउरकेला, इस्को बर्नपुर, दुर्गापुर, सेलम, विश्वेश्वरैया, अलाय स्टील प्लांट के कर्मचारी इंतजार में हैं। ये खबर भी पढ़ें : भिलाई इस्पात संयंत्र : बार और रॉड मिल का प्रोडक्शन 1.0 मिलियन टन पार , कटा केक बीएसएल अनाधिशासी कर्मचारी संघ

  • छह सालो से लगातार सेल का टर्नओवर 1 लाख करोड़ रुपये के पार।
  • लगातार छह सालों से मुनाफा, फिर भी वेज रीविजन अधूरा
सूचनाजी न्यूज, बोकारो। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड-सेल (Steel Authority of India Limited-SAIL) के कर्मचारियों का वेज एग्रीमेंट अब भी अधूरा है। बोकारो, भिलाई, राउरकेला, इस्को बर्नपुर, दुर्गापुर, सेलम, विश्वेश्वरैया, अलाय स्टील प्लांट के कर्मचारी इंतजार में हैं। ये खबर भी पढ़ें: भिलाई इस्पात संयंत्र: बार और रॉड मिल का प्रोडक्शन 1.0 मिलियन टन पार, कटा केक बीएसएल अनाधिशासी कर्मचारी संघ का कहना है कि सेल तथा बीएसएल कर्मचारियों का वेतन समझौता अधूरा हुए 100 माह हो गया है। 21-22 अक्टूबर 2021 को एनजेसीएस संविधान का उल्लंघन कर किसी तरह इंटक, एचएमएस तथा एटक के नेताओं के हस्ताक्षर से वेज रीविजन का मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैण्डिंग (MOU) किया गया। ये खबर भी पढ़ें: SAIL BSP: वित्तीय वर्ष में बेहतरीन रिजल्ट, भिलाई स्टील प्लांट के सभी ईडी एक साथ पहुंचे बधाई देने दूसरे महारत्ना कंपनियों तथा सेल अधिकारियों के मुकाबले 2 प्रतिशत कम एमजीबी तथा 8.5% कम पर्क्स प्रतिशत पर समझौता किया गया। उसके बाद तीन साल 6 माह बीत जाने के बाद भी न तो 39 माह के एरियर पर समझौता किया गया। न ही पर्क्स के एरियर पर भी कोई बात की गई। जबकि सेल अधिकिरियों को एक अप्रैल 2020 से पर्क्स को प्रभावी कर उसका 19 माह का एरियर दिया गया। ये खबर भी पढ़ें: राउरकेला इस्पात संयंत्र: न्यू प्लेट मिल ने जीती वित्त वर्ष 2024-25 की चैंपियन ट्रॉफी यूनियन ने कहा-कर्मचारियों के माने तो एनजेसीएस में 25 में से 20 गैर निर्वाचित तथा बाहरी नेताओं के दम पर ही सेल मैनेजमेंट मनमानी कर रही है। जिसके लिए बीएसएल अनधिशाषी कर्मचारी संघ बोकारो ने दिल्ली उच्च न्यायालय मे मुकदमा दर्ज कराया है। ये खबर भी पढ़ें: गर्मी और लू से बचाव के लिए एडवाइजरी जारी, लू लगने पर तुरंत ये करें वहीं, फुल एनजेसीएस मीटिंग आयोजित हुए भी 15 माह से अधिक समय हो गया है। अंतिम फुल एनजेसीएस मीटिंग 20 जनवरी 2024 को आयोजित की गई थी। ये खबर भी पढ़ें: बीएसपी ने किया MATS और सचदेवा कोचिंग सेंटर सील, 77 लाख बकाया, फंसे व्यापारी नेता सिंघल

बीएकेएस ने कहा-सेल कर्मियों के अटके मुद्दे

1 . अधिकारियों तथा दूसरे महारत्ना कंपनियों के तर्ज पर 15% एमजीबी तथा 35% पर्क्स हेतु एमओए समझौता। 2 . 39 माह का फिटमेंट एरियर तथा 58 माह का पर्क्स एरियर का भुगतान। 3 . इंसेंटीव रिवार्ड में संशोधन और उसका एरियर। 4 . हाउस पर्क्युजीट में अधिकिरियों के तर्ज पर 50% आयकर छूट। 5 . ग्रेड वाईज तथा कलस्टर वाईज सम्मानजनक पदनाम। 6 . S11 ग्रेड में अटके वरिष्ठ कर्मचारियों को स्टैगेनेशन इंक्रिमेंट की सुविधा। 7 . छूट्टियों में एकरुपता कर 15 सीएल, 30 ईएल तथा 7 आर एच सहित होली, दिवाली, दशहरा, दुर्गा पूजा, ईद, गुरुनानक जयंती, क्रिसमस, मई दिवस, अंबेडकर जयंती के दिन को पेड होलीडेज घोषित करना। 8 . एनजेसीएस में सिर्फ सेक्रेट बैलेट इलेक्शन से निर्वाचित रिकॉगनाईज्ड ट्रेड यूनियन नेता को ही सदस्य बनाना, एनजेसीएस स्तर पर वेलफेयर कमेटी बनाना, एनजेसीएस मीटिंग का वार्षिक कैलेण्डर बनाना। ये खबर भी पढ़ें: राज्यपाल रमेन डेका के सामने दुर्ग जिले के प्रशासनिक-पुलिस अफसरों की पेशी, पढ़िए डिटेल

पूरा इंडस्ट्रियल रिलेशन ही धाराशायी

सेल में न तो औद्योगिक विवाद अधिनियम 1947 के प्रावधानों का पालन हो रहा है। न ही कारखाना अधिनियम के प्रावधानों का ही पालन हो रहा है। पूरा इंडस्ट्रियल रिलेशन ही धाराशायी हो गया है। बाहरी नेताओं को कर्मचारियों के मुद्दो से कोई मतलब नहीं रह गया है। हरिओम, अध्यक्ष-बीएकेएस बोकारो ये खबर भी पढ़ें: वित्त वर्ष 2024-25: भिलाई इस्पात संयंत्र ने उत्पादन में उड़ाया गर्दा, पढ़िए कहां बना नया रिकॉर्ड