सेक्टर 9 अस्पताल के सैकड़ों तकनीकी कर्मचारियों का डेढ़ माह से वेतन लंबित, प्रबंधन की चुप्पी पर सवाल

तकनीकी कर्मचारियों की कमी दूर करने के लिए शुरू की गई थी संविदा नियुक्ति। यह अत्यंत चिंताजनक है कि अस्पताल जैसी आवश्यक सेवा में कार्यरत कर्मचारियों को अपने ही मेहनताने के लिए इंतजार करना पड़ रहा है।

सूचनाजी न्यूज, भिलाई। सेल भिलाई इस्पात संयंत्र के जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय एवं अनुसंधान केंद्र, सेक्टर-9 सहित विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों में नर्सिंग स्टाफ, टेक्नीशियन, फार्मासिस्ट एवं पैथोलॉजी से जुड़े तकनीकी कर्मचारियों की लगातार कमी बनी हुई थी। इन पदों पर भर्ती की मांग के बीच संयंत्र प्रबंधन ने संविदा आधार पर कर्मचारियों को नियुक्त करने का निर्णय लिया। इसके तहत हिंदुस्तान लेटेक्स लिमिटेड (HLL) को कर्मचारियों की व्यवस्था करने की जिम्मेदारी सौंपी गई, जिसने यह कार्य टाइम एंड मैनेजमेंट T&M नामक संविदा संस्था को दिया।

अस्पताल से लेकर स्वास्थ्य केंद्रों तक सेवाएं दे रहे हैं लगभग 130 कर्मचारी

इस व्यवस्था के अंतर्गत लगभग 130 कर्मचारी सेक्टर-9 अस्पताल, हेल्थ सेंटर, मेन मेडिकल पोस्ट तथा ऑक्यूपेशनल हेल्थ सेंटर में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इन कर्मचारियों को एक-एक वर्ष के अनुबंध पर नियुक्त किया जाता है। ये कर्मचारी स्वास्थ्य सेवाओं के सुचारु संचालन और मरीजों को आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

डेढ़ माह से वेतन नहीं मिलने से कर्मचारियों में नाराजगी

कर्मचारी अपनी सेवा शर्तों और सुविधाओं से संबंधित समस्याओं को लेकर लगातार प्रबंधन के समक्ष अपनी बात रख रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी समस्याओं का संतोषजनक समाधान नहीं हुआ है। स्थिति और गंभीर तब हो गई है, जब पिछले लगभग डेढ़ माह से इन कर्मचारियों को वेतन का भुगतान नहीं किया गया है। कर्मचारियों से चर्चा में पता चला कि जिम्मेदार लोगों की ओर से समस्याओं का हवाला देते हुए समाधान होने पर भुगतान करने की बात कही जा रही है। लेकिन कर्मचारियों के सामने सवाल है कि वेतन भुगतान में देरी की जिम्मेदारी आखिर किसकी है?

प्रबंधन तत्काल हस्तक्षेप कर वेतन भुगतान सुनिश्चित करे

यह अत्यंत चिंताजनक है कि अस्पताल जैसी आवश्यक सेवा में कार्यरत कर्मचारियों को अपने ही मेहनताने के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबंधन को इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर लंबित वेतन का भुगतान सुनिश्चित करना चाहिए। साथ ही, कर्मचारियों की सेवा शर्तों, सुविधाओं और समय पर वेतन भुगतान की स्थायी व्यवस्था की जानी चाहिए, ताकि कर्मचारियों का आर्थिक शोषण न हो और अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रभावित न हों। कर्मचारियों को समय पर वेतन देना किसी की कृपा नहीं, बल्कि उनके श्रम का उचित अधिकार है।