स्टील सिटी चेंबर ने सीएम भूपेश बघेल को लिखा पत्र, भिलाई टाउनशिप में बिजली रेट न बढ़ाने की मांग
सीएसपीडीसीएल और बीएसपी जो स्वयं लाइसेंस अथॉरिटी है बिजली की दरों में वृद्धि करने की बात सामने आ रही है। सूचनाजी न्यूज, भिलाई। स्टील सिटी चेंबर ऑफ कॉमर्स (Steel City Chamber of Commerce) ने छत्तीसगढ़ शासन को पत्र लिखा है। सरकार से मांग की गई है कि किसी भी स्थिति में भिलाई टाउनशिप क्षेत्र में बिजली की दरों में वृद्धि नहीं की जानी चाहिए। ये खबर भी पढ़ें: Bhilai Steel Plant: रेल एंड स्ट्रक्चरल मिल के कर्मचारी-अधिकारी बने शिरोमणि, पत्नी को भी मिला सम्मान अध्यक्ष ज्ञानचंद जैन का कहना है कि एक तरफ राज्य
- सीएसपीडीसीएल और बीएसपी जो स्वयं लाइसेंस अथॉरिटी है बिजली की दरों में वृद्धि करने की बात सामने आ रही है।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। स्टील सिटी चेंबर ऑफ कॉमर्स (Steel City Chamber of Commerce) ने छत्तीसगढ़ शासन को पत्र लिखा है। सरकार से मांग की गई है कि किसी भी स्थिति में भिलाई टाउनशिप क्षेत्र में बिजली की दरों में वृद्धि नहीं की जानी चाहिए।
अध्यक्ष ज्ञानचंद जैन का कहना है कि एक तरफ राज्य की सरकार बिजली बिलों में आवासीय उपभोक्ताओं को हाफ बिजली बिल योजना का लाभ देना चाहती है। दूसरी ओर सीएसपीडीसीएल और बीएसपी जो स्वयं लाइसेंस अथॉरिटी है बिजली की दरों में वृद्धि की बात करती है।
विद्युत नियामक आयोग में भिलाई इस्पात संयंत्र के द्वारा बिजली दरों में वृद्धि संबंधी प्रस्ताव को तत्काल प्रभाव से वापस लेना चाहिए और शहर के उपभोक्ताओं को अनावश्यक बोझ से बचाना चाहिए। ज्ञानचंद जैन ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से आग्रह किया है कि भिलाई नंदिनी, अहिवारा, राजहरा और हिररी माइन्स जहां पर आवासीय भूमि का आवंटन भिलाई इस्पात संयंत्र के द्वारा किया गया है, उन उपभोक्ताओं को भी बिजली बिल छूट का लाभ मिलना चाहिए। राज्य शासन के नियमों के तहत बिजली बिल छूट का लाभ मिलना चाहिए।
ज्ञानचंद जैन ने कहा है कि जिन्होंने समय पर बिजली बिल का भुगतान किया होगा। वही आवास धारक छूट लेने का लाभ रखता है, लेकिन भिलाई टाउनशिप क्षेत्र के ऐसे कितने उपभोक्ता इस सूची में दर्ज होंगे इस पर एक प्रश्न चिन्ह भी है? जब तक सूची पूर्णता वेरीफाई करके ना निकाली जा सके,तब तक कैसे छूट का लाभ दिया जा सकता है? ज्ञानचंद्र जैन ने कहा कि यह चुनावी फंडा हो सकता है और यदि छत्तीसगढ़ शासन को सुविधाओं का लाभ दिया जाना होता साढ़े 4 साल बीत जाने के बाद आज याद नहीं आते।