SAIL के सभी प्लांट के Expansion प्रोजेक्ट के लिए जमीन रखकर, बाकी से जुटाएंगे पैसा
सेल में नॉन-कोर रियल एस्टेट मोनेटाइजेशन की रफ्तार तेज, बोकारो में 5 हजार एकड़ भूमि बेचने की तैयारी। सूचनाजी न्यूज, भिलाई। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) ने अपनी जमीन से धन जुटाने का रास्ता निकाल लिया है। सेल के भिलाई, बोकारो, राउरकेला, दुर्गापुर, इस्को स्टील प्लांट बर्नपुर आदि की खाली जमीन को सरकारी संस्था को लीज ट्रांसफर और प्राइवेट को लाइसेंस पर देने पर मंथन किया गया है। भविष्य के Expansion प्रोजेक्ट के लिए आवश्यक जमीन को छोड़कर बाकी से धन जुटाने का रोडमैप तैयार किया जा रहा है। नॉन-कोर र
- सेल में नॉन-कोर रियल एस्टेट मोनेटाइजेशन की रफ्तार तेज, बोकारो में 5 हजार एकड़ भूमि बेचने की तैयारी।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) ने अपनी जमीन से धन जुटाने का रास्ता निकाल लिया है। सेल के भिलाई, बोकारो, राउरकेला, दुर्गापुर, इस्को स्टील प्लांट बर्नपुर आदि की खाली जमीन को सरकारी संस्था को लीज ट्रांसफर और प्राइवेट को लाइसेंस पर देने पर मंथन किया गया है। भविष्य के Expansion प्रोजेक्ट के लिए आवश्यक जमीन को छोड़कर बाकी से धन जुटाने का रोडमैप तैयार किया जा रहा है।
नॉन-कोर रियल एस्टेट के मोनेटाइजेशन को लेकर बड़ी पहल शुरू कर दी है। दो दिवसीय हेड ऑफ एचआर मीटिंग में टाउनशिप सुविधाओं के आधुनिकीकरण, कर्मचारी कल्याण और नॉन-कोर संपत्तियों के उपयोग को मानव संसाधन विकास के प्रमुख एजेंडे के रूप में शामिल किया गया।
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बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि सेल के विभिन्न प्लांट्स की खाली जमीन, पुराने भवन, स्कूल, आवास और गैर-उपयोगी संपत्तियों की व्यापक सूची तैयार कर उन्हें चरणबद्ध तरीके से मोनेटाइज किया जाएगा।
बोकारो में अकेले 5 हजार एकड़ भूमि मोनेटाइजेशन के दायरे में
सूत्रों के अनुसार, आवास और एक्सपेंशन क्षेत्र को छोड़कर केवल बोकारो स्टील प्लांट में करीब 5 हजार एकड़ जमीन मोनेटाइजेशन की प्रक्रिया में लाई जा सकती है। इसके तहत खाली जमीन को सूचीबद्ध किया जा रहा है।
इससे अतिक्रमण पर लगाम लगेगा। शहर के विस्तार का रास्ता भी खुलेगा। बोकारो में एनआरबी लागू किया गया है। स्कूल, हॉस्पिटल, अपना बाजार आदि को ट्रांसफर किया जा रहा है।
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सरकारी संस्थाओं को जमीन प्रत्यक्ष रूप से ट्रांसफर की जाएगी, जबकि निजी संस्थानों को यह जमीन लाइसेंस मोड पर दी जाएगी। सेल का मानना है कि इससे शहरों का व्यवस्थित विकास होगा और नॉन-कोर संसाधनों के माध्यम से बड़ी राजस्व प्राप्ति भी संभव होगी।
अन्य प्लांट्स में भी मोनेटाइजेशन की प्रक्रिया जारी
- सेल के सभी प्लांट अपने-अपने स्तर पर नॉन-कोर रियल एस्टेट की पहचान और उपयोगिता बढ़ाने पर काम कर रहे हैं।
- राउरकेला स्टील प्लांट में हॉस्पिटल को आउटसोर्स करने की प्रक्रिया चल रही है।
- बोकारो स्टील प्लांट के हॉस्पिटल का भी आउटसोर्सिंग प्लान तैयार है।
- कई अन्य यूनिट्स में ऑक्सीजन प्लांट पहले ही निजी हाथों में दिए जा चुके हैं।
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उच्च स्तरीय एचआर अधिकारियों की बैठक में बनी रणनीति
बैठक में सेल के कॉर्पोरेट कार्यालय और भिलाई, बोकारो, राउरकेला, दुर्गापुर और बर्नपुर इस्पात संयंत्रों के वरिष्ठ मानव संसाधन अधिकारी शामिल हुए। बैठक में राजीव पांडे, कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन), निगमित कार्यालय, हरिमोहन झा, मुख्य महाप्रबंधक (मानव संसाधन), राजश्री बनर्जी, कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन), बोकारो, तरुण मिश्रा, कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन), राउरकेला, सुष्मिता रॉय, कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन), दुर्गापुर, उमेंद्र पाल सिंह, मुख्य महाप्रबंधक (मानव संसाधन), इस्को स्टील प्लांट बर्नपुर आदि शामिल हुए थे।
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बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि नॉन-कोर एसेट्स के मोनेटाइजेशन के साथ-साथ कर्मचारियों के लिए बेहतर सुविधाएं, आधुनिक टाउनशिप और उद्योगों के लिए स्थान उपलब्ध कराने की दिशा में व्यापक कार्ययोजना लागू की जाएगी।
इस कदम से सेल को राजस्व बढ़ाने में मदद मिलेगी, वहीं शहरों के विकास और जमीन के बेहतर उपयोग की दिशा में भी यह महत्वपूर्ण साबित होगा।