लखनऊ कोचिंग में भीषण आग से 15 छात्रों की मौत, पढ़ें मृत और 9 घायलों के नाम

आग के जाल में फंसे छात्र, लखनऊ में कोचिंग सेंटर बना मौत का कुंड। लखनऊ में अग्नितांडव: धुएं और लपटों के बीच बुझ गईं कई जिंदगियां। कोचिंग सेंटर में लगी आग ने छीनी 14 से ज्यादा छात्रों की जान, सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दुर्घटना स्थल का निरीक्षण किया। इसके बाद वह King George's Medical University पहुंचे। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से प्रत्येक मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। सूचनाजी न्यूज, लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधा

  • आग के जाल में फंसे छात्र, लखनऊ में कोचिंग सेंटर बना मौत का कुंड।
  • लखनऊ में अग्नितांडव: धुएं और लपटों के बीच बुझ गईं कई जिंदगियां।
  • कोचिंग सेंटर में लगी आग ने छीनी 14 से ज्यादा छात्रों की जान, सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल।
  • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दुर्घटना स्थल का निरीक्षण किया। इसके बाद वह King George's Medical University पहुंचे।
  • प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से प्रत्येक मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता राशि दी जाएगी।
सूचनाजी न्यूज, लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सोमवार को हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। कोचिंग सेंटर की इमारत में लगी आग ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया। धुएं और आग की लपटों के बीच फंसे छात्रों में चीख-पुकार मच गई। इस दर्दनाक हादसे में 15 लोगों की मौत की खबर है, जिनमें अधिकांश छात्र बताए जा रहे हैं। 9 अन्य गंभीर रूप से झुलस गए हैं। कइयों को जान बचाने के लिए छत और बालकनी से कूदना पड़ा। कुछ छात्र-छात्राएं एक तार के सहारे बिल्डिंग से नीचे उतरते हुए हुए देखे गए। दमकल कर्मियों को बिल्डिंग की दीवार तोड़कर रेस्क्यू आपरेशन चलाना पड़ा। इसी बीच आग की चपेट में एक बिल्ली में भी फंसी रही, जिसे फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों ने बचा लिया है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग लगने के बाद इमारत में अफरा-तफरी मच गई। बाहर निकलने का रास्ता नहीं मिलने से कई छात्र अंदर ही फंस गए। शुरुआती चर्चाओं में यह भी सवाल उठ रहे हैं कि जिस भवन में कोचिंग संचालित हो रही थी, वहां अग्नि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम थे या नहीं। फायर एग्जिट और आवश्यक एनओसी को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। हादसे की सूचना मिलते ही दमकल और बचाव दल मौके पर पहुंच गए। घंटों चले रेस्क्यू ऑपरेशन में घायलों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। कई घायलों का इलाज गंभीर अवस्था में चल रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस भीषण अग्निकांड पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। प्रधानमंत्री ने घोषणा की है कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से प्रत्येक मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। वहीं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दुर्घटना स्थल का निरीक्षण किया। इसके बाद वह King George's Medical University पहुंचे, जहां उन्होंने घायलों और उनके परिजनों से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों से उपचार की जानकारी ली और सभी घायलों का सर्वोत्तम इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये तथा गंभीर रूप से घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सभी पीड़ित परिवारों के साथ पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ खड़ी है। इस हृदयविदारक हादसे ने एक बार फिर शहरी क्षेत्रों में अग्नि सुरक्षा मानकों और भवनों की वैधता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मासूम छात्रों की मौत से पूरे शहर में शोक और आक्रोश का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि लोग इस बात की मांग कर रहे हैं कि हादसे के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। मृतकों की सूची (15) सागर निलेश अनामिका सत्यम अनुक्षा सृष्टमनी आदित्य श्रीवास्तव ज्योति भविष्या अब्दुल रहमान सूरज शाह माफिजा जॉयनल चक्रवर्ती मोहम्मद अममार सुमैया घायलों की सूची (9) जयंत लवप्रीत मोहम्मद आशिक नयन श्रीवास्तव पंकज शैलेन्द्र अभिषेक पंकज जोशी गौरव कुमार घटना स्थल 2813 सेक्टर-डी, वार्ड महाकवि जय शंकर प्रसाद, अलीगंज तहसील सदर, लखनऊ।