Vizag Steel Plant Accident: दहकते कोक ओवन में गिरा सुपरवाइजर, लाश तक नहीं बची, RINL में खौफनाक हादसा

मृतक की पहचान 50 वर्षीय संजय कुमार सिंह के रूप में हुई है। वह कोक ओवन बैटरी के संचालन से जुड़े कार्य में लगी फॉसबेल कंपनी में मैकेनिकल सुपरवाइजर थे।

सूचनाजी न्यूज, विशाखापत्तनम। राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड (RINL) के विशाखापत्तनम स्थित वाइजैग स्टील प्लांट में एक भीषण दसे ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कोक ओवन बैटरी-2 में गिरने से एक मैकेनिकल सुपरवाइजर की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शव के बजाय करीब 5 किलोग्राम अवशेष ही बरामद होने की जानकारी सामने आई है। घटना की खबर मिलते ही प्लांट में अफरा-तफरी मच गई।

मृतक की पहचान 50 वर्षीय संजय कुमार सिंह के रूप में हुई है। वह कोक ओवन बैटरी के संचालन से जुड़े कार्य में लगी फॉसबेल कंपनी में मैकेनिकल सुपरवाइजर थे। बताया जा रहा है कि बीती रात करीब 12:30 बजे वह कोक ओवन क्षेत्र में काम कर रहे थे। इसी दौरान उनका पैर ऐसी जगह पड़ गया, जहां ठोस आधार मौजूद नहीं था। संतुलन बिगड़ने के कारण वह धधकते कोक ओवन में जा गिरे।

हटाया गया लीड बना हादसे की वजह

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, जिस स्थान पर सुपरवाइजर का पैर पड़ा, वहां पहले एक लीड लगा हुआ था। आरोप है कि किसी ने उसे हटा दिया था और काम पूरा होने के बाद उसे दोबारा अपनी जगह पर नहीं लगाया गया। ऐसे में वहां सुरक्षित आधार नहीं होने के कारण यह हादसा हुआ। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम और संभावित लापरवाही की आधिकारिक जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

हादसे में जान गंवाने वाले संजय कुमार सिंह बिहार के रहने वाले बताए जा रहे हैं। घटना ने प्लांट में कार्यरत कर्मचारियों और अधिकारियों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं। अब यह सवाल उठ रहा है कि खतरनाक कोक ओवन क्षेत्र में काम के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं और हटाए गए लीड को दोबारा स्थापित क्यों नहीं किया गया। नियम यह है कि लीड के ऊपर पैर रखना ही नहीं है। यहां तो लीड ही गायब था। एक ओवन में 3 लीड होते हैं। कोक साइड के लीड में हादसा हुआ है। 

सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल

कोक ओवन जैसे अत्यधिक जोखिम वाले क्षेत्र में काम के दौरान सुरक्षित प्लेटफॉर्म, खुले स्थानों की पहचान, बैरिकेडिंग और निर्धारित सुरक्षा प्रक्रियाओं का पालन बेहद जरूरी है। इस हादसे के बाद यह जांचना महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित स्थान पर पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम थे या नहीं और जिम्मेदार अधिकारियों अथवा ठेका कंपनी की ओर से किसी स्तर पर चूक हुई थी या नहीं।