राउरकेला स्टील प्लांट के मंच पर क्या खूब दिखी स्वतंत्रता संग्राम 1857 की झलक
कथानक, नाटकीयता, संवाद, मंच कला, संगीत और निर्देशन के मामले में बेहतरीन प्रदर्शन किया और दर्शकों को अंत तक अपनी सीटों से बांधे रखा। सूचनाजी न्यूज, राउरकेला। राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय, नई दिल्ली और सेल, राउरकेला इस्पात संयंत्र (आरएसपी) द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित 30 दिवसीय बाल रंगमंच कार्यशाला का समापन अंतिम उत्पादन-घाटी 1857 (GHATI 1857) के रूप में हुआ, जिसका मंचन 10 जून, 2025 को सिविक सेंटर में किया गया। [caption id="attachment_44039" align="alignnone" width="300"] एनएसडी और आरएसपी द्वारा संयुक
- कथानक, नाटकीयता, संवाद, मंच कला, संगीत और निर्देशन के मामले में बेहतरीन प्रदर्शन किया और दर्शकों को अंत तक अपनी सीटों से बांधे रखा।
एनएसडी और आरएसपी द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित बाल रंगमंच कार्यशाला के अंतिम प्रस्तुति ‘GHATI 1857’ का मंचन।[/caption]
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निदेशक प्रभारी (डीआईसी), आरएसपी सह अतिरिक्त प्रभार निदेशक प्रभारी,( इस्को स्टील प्लांट और दुर्गापुर स्टील प्लांट), आलोक वर्मा समारोह के मुख्य अतिथि थे, जबकि अध्यक्ष, दीपिका महिला संघति, नम्रता वर्मा, सहायक प्रोफेसर और डीन अकादमिक (एनएसडी), प्रो. मोहम्मद अब्दुल कादिर शाह, कार्यपालक निदेशक (वर्क्स), विश्व रंजन पलाई, कार्यपालक निदेशक (सामग्री प्रबंधन), अनिल कुमार, कार्यपालक निदेशक (खान), एमपी. सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी प्रभारी (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं), डॉ. जे के आचार्य, उपाधाक्षाएं (डीएमएस), प्रतिज्ञा पलाई, रीता रानी एवं बंदना सिंह सम्मानित अतिथि थे। कार्यक्रम का उद्घाटन नम्रता वर्मा और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने दीप प्रज्वलित करके किया।
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आलोक वर्मा ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए बच्चों की प्रतिभा की खूब प्रशंसा की, जिन्होंने नाटक को पूर्णता और सटीकता के साथ निभाया। उन्होंने कहा, "नाटक में भाव, चाल, अभिनय सब कुछ बहुत ही बेहतरीन तरीके से दर्शाया गया था।" श्री वर्मा ने बच्चों को कला के प्रति अपने जुनून को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया।
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नाटक घाटी 1857 ने कथानक, नाटकीयता, संवाद, मंच कला, संगीत और निर्देशन के मामले में बेहतरीन प्रदर्शन किया और दर्शकों को अंत तक अपनी सीटों से बांधे रखा।
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अंत में गणमान्य व्यक्तियों ने एनएसडी के पूर्व छात्र और कार्यशाला निदेशक, जगन्नाथ सेठ, सहायक निदेशकों, समन्वयकों और बच्चों के कलाकारों को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए प्रशंसा के प्रतीक के रूप में स्मृति चिन्ह भेंट किए। इस अवसर पर डीआईसी ने प्रोफेसर अब्दुल कादिर शाह को भी सम्मानित किया।
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महाप्रबंधक (जनसंपर्क) और संचार प्रमुख अर्चना सत्पथी ने स्वागत भाषण दिया, जबकि स्थानीय समन्वयक (एनएसडी) भास्कर चंद्र महापात्रा ने औपचारिक धन्यवाद प्रस्ताव ज्ञापित किया। सहायक प्रबंधक (जनसंपर्क) जॉयदेव मजूमदार ने कार्यक्रम का संचालन किया। कार्यक्रम में सयंत्र के कई वरिष्ठ अधिकारी, थिएटर प्रेमी और कलाकारों के परिवार के सदस्य शामिल हुए।
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