डिवाइडर कब बनेगा? BSP प्रबंधन और कितनों की मौत का कर रहा इंतज़ार?
सीटू महासचिव टी जोगाराव ने प्रबंधन से मांग की है कि बोरिया गेट से बीएसएफ चौक तक फॉरेस्ट एवेन्यू सड़क पर डिवाइडर निर्माण का कार्य बिना किसी और देरी के शुरू कराया जाए।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। भिलाई टाउनशिप में लगातार हादसे बढ़ते जा रहे हैं। मौत के बाद भी नगर सेवाएं विभाग नींद से नहीं जाग रहा है। फॉरेस्ट एवेन्यू सड़क पर डिवाइडर निर्माण की मांग वर्षों से की जा रही है, लेकिन अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण है। डिवाइडर के अभाव में लगातार सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं और लोगों की जान जा रही है। 19 अक्टूबर की रात तालपुरी निवासी छात्रा अक्षिता की जवाहर उद्यान के समीप सड़क दुर्घटना में हुई मौत ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा के सवाल को गंभीर बना दिया है। इसी मार्ग पर दुर्घटना में घायल होने के बाद बीएसपी कर्मी मोहम्मद सिद्दीकी की भी अस्पताल में मृत्यु हो चुकी है। आखिर प्रबंधन कितनी दुर्घटनाओं और मौतों के बाद इस जरूरी मांग पर ठोस कार्रवाई करेगा?
पत्र दे दिया, मांग दोहरा दी, अब कार्रवाई की बारी
सीटू ने 21अक्टूबर 2026 को महाप्रबंधक (प्रभारी), नगर प्रशासन एवं सेवाएं विभाग को डिवाइडर निर्माण के संबंध में पत्र सौंपा एवं पत्र की प्रतिलिपि कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) को प्रेषित किया गया। पत्र में बोरिया गेट से बीएसएफ चौक तक अर्थात डीपीएस स्कूल के पीछे स्थित चोपड़ा पेट्रोल पंप तक के सड़क मार्ग पर तत्काल डिवाइडर निर्माण शुरू कराने की मांग की गई है। इस मार्ग से टाउनशिप के निवासी, स्कूली बच्चे और संयंत्र कर्मी बड़ी संख्या में आवागमन करते हैं।
सहमति और आश्वासन बहुत हुए, जमीन पर काम कब दिखाई देगा?
इस मुद्दे पर पूर्व में भी उच्च प्रबंधन को पत्र दिया जा चुका है (एच एस ई यू/24/16 दिनांक 27/05/2024) एवं विस्तार से बातचीत भी हो चुकी है। कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) डिवाइडर निर्माण का कार्य जल्द शुरू होने की बात कह चुके हैं। नगर सेवाएं विभाग के पूर्व मुख्य महाप्रबंधक भी कह चुके हैं कि डिवाइडर निर्माण पर उच्च स्तर पर सहमति हो चुकी है। इसके बावजूद धरातल पर स्थिति जस की तस बनी हुई है। सीटू का सवाल है कि जब इस जरूरी निर्माण पर सहमति बन चुकी है, तो फिर कार्य शुरू करने में देरी क्यों हो रही है? जनसुरक्षा से जुड़े मामले में केवल आश्वासन देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसका समयबद्ध क्रियान्वयन भी जरूरी है।
कारों में चलने वाले अधिकारी दोपहिया चालकों की परेशानी कब समझेंगे?
सीटू ने कटाक्ष करते हुए कहा कि जिन अधिकारियों के हाथों में डिवाइडर निर्माण का निर्णय लेकर काम शुरू कराने की जिम्मेदारी है, वे स्वयं प्रायः चारपहिया वाहनों में चलते हैं और उनके लिए वाहन चालक भी उपलब्ध होते हैं। शायद इसीलिए दोपहिया वाहन चालकों को तेज रफ्तार तथा गलत दिशा से आने वाले वाहनों के बीच जिस खतरे का सामना करना पड़ता है, उसकी गंभीरता उन्हें प्रत्यक्ष रूप से महसूस नहीं हो पाती है। यदि ऐसा है, तो प्रबंधन को इस सड़क की वास्तविक स्थिति को करीब से देखना चाहिए। जनसुरक्षा का निर्णय अधिकारियों की सुविधा के आधार पर नहीं, बल्कि सड़क का उपयोग करने वाले आम नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर होना चाहिए।
मौत के बाद अफसोस नहीं, दुर्घटना से पहले सुरक्षा चाहिए
सीटू महासचिव टी जोगाराव ने प्रबंधन से मांग की है कि बोरिया गेट से बीएसएफ चौक तक फॉरेस्ट एवेन्यू सड़क पर डिवाइडर निर्माण का कार्य बिना किसी और देरी के शुरू कराया जाए। सड़क दुर्घटना में किसी की जान जाने के बाद शोक व्यक्त करना और संवेदना जताना अपनी जगह है, लेकिन ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए समय रहते ठोस कदम उठाना प्रबंधन की जिम्मेदारी है। यदि अब भी निर्णय लेने और निर्माण शुरू करने में देरी की गई, तो दुर्घटनाओं और जान गंवाने की घटनाओं का खतरा बना रहेगा। ऐसी स्थिति में हम केवल अफसोस व्यक्त करते रह जाएंगे। सीटू का स्पष्ट कहना है कि जनता की सुरक्षा आश्वासनों से नहीं, ठोस कार्रवाई से सुनिश्चित होगी। प्रबंधन तत्काल डिवाइडर निर्माण शुरू कराकर अपनी जिम्मेदारी निभाए।