भिलाई स्टील प्लांट ने छत्तीसगढ़ी खेल गेड़ी को दिया नया लुक, गेड़ी-बॉल का बनाया फॉर्मेट, कोच हो रहे तैयार

सूचनाजी न्यूज, भिलाई। भिलाई इस्पात संयंत्र के सीएसआर विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ के लोक जीवन व लोक संस्कृति से जुड़े खेल ‘गेड़ी’ को नया स्वरूप दिया जा रहा है। दुर्ग जिले के खेल शिक्षकों के लिए ‘गेड़ी बॉल’ प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया।

इसमें मुख्य अतिथि के रूप में बीएसपी के कार्यपालक निदेशक (कार्मिक एवं प्रशासन) केके सिंह उपस्थित हुए। इसके अतिरिक्त इस नए खेल ‘गेड़ी बॉल’ की परिकल्पना तथा इसके अवधारणा के प्रणेता पूर्व कार्यपालक निदेशक एसके जैन एवं इसे मूर्त रूप देने वाले सीएसआर के पूर्व कार्मिक व खेल प्रशिक्षण ताजुद्दीन विशेष रूप से उपस्थित थे

विदित हो कि छत्तीसगढ़ की माटी से जुड़े खेल “गेड़ी” को नया आयाम देते हुए एक नए खेल “गेड़ी बाल” का सृजन सन 2019 में किया गया था। इसके प्रचार प्रसार एवं विकसित करने के उद्देश्य से बुधवार को दुर्ग जिले के विभिन्न शासकीय विद्यालयों के खेल शिक्षकों को गेड़ी बाल के नियमों की जानकारी देने हेतु प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया।

इसका आयोजन भिलाई इस्पात संयंत्र के निगमित सामाजिक उत्तरदायित्व विभाग द्वारा सेवानिवृत्त सेल कार्मिकों द्वारा गठित गेड़ी बाल एसोसिएशन एवं शिक्षा विभाग-दुर्ग के संयुक्त तत्वावधान में भिलाई इस्पात विकास विद्यालय सेक्टर-6 के प्रागंण में आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ ग्राम पउवारा के शालेय छात्रों के “प्रदर्शन मैच” द्वारा किया गया।

राष्ट्रीय स्तर के खेल के रूप में स्थापित कराने पर फोकस

कार्यपालक निदेशक (कार्मिक एवं प्रशासन) केके सिंह ने कहा कि “गेड़ी बाल” छत्तीसगढ़ को खेल जगत में एक नई एवं विशिष्ट पहचान प्रदान करेगा। भविष्य में इसकी लोकप्रियता एवं आकर्षण इसे राष्ट्रीय स्तर के खेल के रूप में स्थापित करेगी। उन्होंने आयोजको, खेल प्रशिक्षकों, खिलाड़ियों एवं समस्त खेल प्रेमियों के प्रति शुभकामनाएं व्यक्त की। इस अभिनव खेल के विकास हेतु भिलाई इस्पात संयंत्र की ओर से सदैव प्रोत्साहन, मार्गदर्शन एवं सहयोग का आश्वासन दिया। इसी कड़ी में उपस्थित अन्य अतिथियों ने भी अपने विचार व्यक्त किये और खेल के विकास में हरसंभव मदद का आश्वासन दिया।

30 मिनट का खेल और नौ-नौ खिलाड़ी


प्रथम चरण में दुर्ग जिले के चयनित लगभग 40 शालेय खेल प्रशिक्षकों एवं दुर्ग जिले के विभिन्न शालाओं के खिलाड़ियों को प्रशिक्षित किया जाएगा। तत्पश्चात इन शालाओं के मध्य प्रतियोगिताओं का आयोजन विभिन्न स्तरों पर किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि ‘गेड़ी बॉल’ के इस नये खेल में प्रत्येक टीम में 9-9 खिलाड़ी होते है, जो गेड़ी पर चढ़कर बॉल से खेलते हुए गोल करते है। यह सम्पूर्ण खेल 30 मिनट के लिए खेला जाता है। इस नये खेल में जहां छत्तीसगढ़ की मिट्टी की खुशबु को महसूस किया जा सकता है। वहीं, यह टीम भावना को जगाने में भी सहायक सिद्ध होती है। इस नये खेल में जहां छत्तीसगढ़ के पारम्परिक खेल गेड़ी का रोमांच है। वहीं फुटबॉल का उत्साह भी। इससे जहां शारीरिक क्षमता का विकास होता है। वही यह चुनौतियों पर विजय पाने का साहस प्रदान करता है।

इन अधिकारियों ने निभाई जिम्मेदारी

नगर सेवाएं विभाग के मुख्य महाप्रबंधक यूके झा, गेड़ी बाल एसोसिएशन के अध्यक्ष एसके जैन, जिला शिक्षा अधिकारी अभय कुमार जयसवाल, महाप्रबंधक अभियांत्रिकी संजय कुमार, अक्षय पात्र फाउंडेशन के प्रमुख व्योमपाद दास, जिला खेल अधिकारी तनवीर अकिल, गेड़ी बाल एसोसिएशन के सचिव ताजुद्दीन, गेड़ी बाल एसोसिएशन के सदस्य सीएसआर विभाग के महाप्रबंधक शिवराजन, प्रबंधक सुशील कामड़े, सहायक प्रबंधक विवेक मिश्रा उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन रजनी रजक द्वारा किया गया।

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