पिछले दिनों कर्मचारी की काउंसिलिंग कराकर उसे स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआर) के लिए आवेदन करने के लिए भी तैयार किया गया था।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। सेल-भिलाई स्टील प्लांट ने कार्यस्थल पर नशे की हालत में पहुंचने वाले कर्मचारियों के खिलाफ अब सख्ती शुरू कर दी है। ड्यूटी के दौरान शराब के नशे में पाए जाने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई की जा रही है। इसकी शुरुआत आरईडी से हुई है। नशे की हालत में ड्यूटी पहुंचने वालों की जांच और धर-पकड़ तेज कर दी गई है।
सेफ्टी को लेकर प्रबंधन ने खास रणनीति बनाई है। हर स्तर पर सख्ती बरती जा रही है, ताकि कार्यस्थल पर किसी भी तरह की लापरवाही की गुंजाइश न रहे। प्रबंधन की ओर से स्पष्ट संदेश दिया गया है कि सुरक्षित कामकाज की राह में आने वाली सभी बाधाओं को दूर किया जाए। यदि कोई कर्मचारी संभावित हादसे का कारण बन रहा है या सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर रहा है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
नशे की हालत में पाए जाने पर कर्मचारी सस्पेंड
बीएसपी के आरईडी विभाग में कार्यरत कर्मचारी राहुल कुमार रामटेके को कार्यस्थल पर नशे की हालत में पाए जाने के मामले में सस्पेंड किया गया है। जानकारी के मुताबिक, पर्सनल विभाग की निगरानी में कर्मचारी का एमएमपी-1 में मेडिकल परीक्षण कराया गया। इसके बाद उसे सेक्टर-9 अस्पताल ले जाया गया, जहां भी मेडिकल जांच कराई गई। मेडिकल जांच में नशे की हालत की पुष्टि होने संबंधी रिपोर्ट के आधार पर कर्मचारी के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है।
2030 में होना है रिटायरमेंट
कर्मचारी के वर्ष 2030 में सेवानिवृत्त होने की बात सामने आई है। रिटायरमेंट से कुछ वर्ष पहले निलंबन की कार्रवाई होने से परिवार में भी चिंता बढ़ गई है। प्रबंधन से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, कर्मचारी के खिलाफ पहले भी कार्रवाई की जा चुकी है। बताया जा रहा है कि पूर्व में सेवा से बर्खास्तगी की कार्रवाई भी हुई थी, जिसके बाद कानूनी प्रक्रिया के जरिए कर्मचारी ने दोबारा ज्वाइन किया। इसके बावजूद ड्यूटी के दौरान नशे की शिकायतें सामने आती रहीं।
प्रबंधन की चिंता मुख्य रूप से कार्यस्थल की सुरक्षा को लेकर है। नशे की हालत में ड्यूटी करने से कर्मचारी के साथ-साथ आसपास काम करने वाले अन्य कर्मचारियों की सुरक्षा भी प्रभावित हो सकती है। इससे कभी भी गंभीर हादसे की स्थिति पैदा होने की आशंका रहती है।
काउंसिलिंग के बाद वीआर की कोशिश भी हुई थी
बताया जा रहा है कि पिछले दिनों कर्मचारी की काउंसिलिंग कराकर उसे स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआर) के लिए आवेदन करने के लिए भी तैयार किया गया था। हालांकि, पूर्व में सेवा समाप्ति और बाद में दोबारा ज्वाइनिंग होने के कारण सेवा अवधि कम हो गई थी। इसी वजह से कंपनी की वीआर योजना के तहत पात्रता नहीं बन सकी।
अब एक बार फिर नशे की हालत में ड्यूटी पहुंचने के मामले में निलंबन की कार्रवाई ने बीएसपी में कार्यस्थल की सुरक्षा और अनुशासन को लेकर प्रबंधन की सख्ती का संकेत दिया है।
