SAIL में बोनस का उड़ता कबूतर, एक ही शिगूफा से फीडबैक आया तड़ातड़

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Management getting feedback from social media on SAIL Bonus Formula
सोशल मीडिया पर सेल कर्मचारी प्रबंधन के खिलाफ निकाल रहे भड़ास। तरह-तरह के कमेंट आ रहे सामने। दिल में मोटी रकम का ख्याल और प्रबंधन को कोसती ज़ुबां
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10 अक्टूबर को होने वाली बोनस मीटिंग से पहले प्रबंधन के सामने सारे आंकड़े, बातें, सबूत, बयान, ख्वाहिश, अड़चन तक की स्थिति स्पष्ट हो चुकी है।

अज़मत अली, भिलाई। सेल कर्मचारियों का बोनस। यह शब्द आते ही कर्मियों के आंख और कान खुल जाते हैं। दिल में मोटी रकम का ख्याल और प्रबंधन को कोसती ज़ुबां…। शब्द ऐसे-ऐसे कि, जिसे लिखा नहीं जा सकता है। बोनस विवाद को हल करने के लिए सेल प्रबंधन ने नए फॉर्मूले का शिगूफा छोड़ दिया है। फॉर्मूले का उड़ता कबूतर हर तरफ की खबर लेकर प्रबंधन तक पहुंच रहा है।

अलग-अलग फीडबैक लेने के लिए लाखों रुपए खर्च करने की भी जरूरत नहीं पड़ी। 10 अक्टूबर को होने वाली बोनस मीटिंग से पहले प्रबंधन के सामने सारे आंकड़े, बातें, सबूत, बयान, ख्वाहिश, अड़चन तक की स्थिति स्पष्ट हो चुकी है। अब देखना यह है कि इस फॉर्मूले पर 10 को पूरे दिन मीटिंग होती है या चंद मिनट में फैसला…। एनजेसीएस की पांचों यूनियन नेताओं के लिए अग्नि परीक्षा भी है।

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बोनस मीटिंग से पहले प्रबंधन की ओर से छोड़े गए फॉर्मूले को लेकर सोशल का बाजार काफी गर्म है। एक भी कर्मचारी ऐसा नहीं दिखा, जिसने इसके पक्ष में कुछ लिखा हो…। सोशल मीडिया के सभी प्लेटफॉर्म पर कर्मचारियों की भावनाओं को पढ़कर यही लग रहा है कि प्रबंधन ने बैठे-बिठाए दुश्मनी मोल ली है। सूचनाजी.कॉम सोशल मीडिया पर चल रही बतकही के कुछ अंश प्रस्तुत कर रहा है।

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अधिकारियों-कर्मचारियों और राष्ट्रीय नेताओं के एक वाट्सएप ग्रुप में कर्मचारी ने लिखा-मैनेजमेंट का साइकोलॉजिकल गेम चालू हो गया। यूनियन नेता और हमें सावधान रहने की जरूरत है…। इस पर दूसरे कर्मचारी ने जवाब दिया-ये फार्मूला मैनेजमेंट का ही बनाया गया और डिस्ट्रीब्यूट किया गया है, जो अभी मार्केट में आया है, लेकिन पिछले NJCS मीटिंग में क्या ये, सबको दिया गया था। ग्रुप के NJCS लीडर इसका उत्तर दें… मेरे हिसाब से 10-12 तो NJCS महाशय हैं ग्रुप में, चुपचाप बैठे हैं। अगर नहीं दिया गया था तो मैनेजमेंट फार्मूला खुले बाज़ार में छोड़कर हम लोगों का opinion लेने की जो कोशिश कर रहा है, ऐसे कोशिश अगर ज्यादा हो जाएगा तो NJCS की क्या जरूरत…।

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एक अन्य कर्मी ने अपनी भड़ास निकालते हुए लिखा-ज्यादा बोनस न देने के बहाने में ये अस्पष्ट फार्मूला कर्मचारियों को गुमराह करने के लिए बनाया गया। अगर ये फार्मूला स्वीकार कर लिया जाए तो मान लो कि ज्यादा बोनस मिलना असम्भव है। और भविष्य में बोनस की आशा करना समाप्त हो जाएगी…।

तनावपूर्ण माहौल में एक कर्मी ने मजादिकया अंदाज में लिखा-इस फार्मूला को देख कर पहला ख़्याल दिमाग़ में यही आया…साला बोनस का फार्मूला ना हो गया….CA का पेपर हो गया…।

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सेल कर्मियों के बीच से ज्यादा कमेंट करने वाले एक बंदे ने लिखा-सेल कंपनी में प्रबंधन शब्द ही हिटलर का पर्याय बन चुका है, जिसमे यूनियन लीडरों की अकर्मण्यता भस्मासुर प्रबंधन को आकुत शक्तियां प्रदान कर चुका है। इसलिए उच्च प्रबंधन अपने आप को अहम ब्रह्मात्र समझने लगा है। यदि सेलकर्मियो ने नाव डूबा दी तो वो भी डूबने से नहीं बचेगी। सेल कर्मी उत्पादन बंद करके जब चाहेगा सेल रूपी नाव डूबा सकता है। कर्मियों को जब कुछ देना रहता है तो प्रबंधन के लोग आईआईटी लेवल का गणित लगाते हैं और जब उनको खुद लेना रहता है तो आईटीआई वाला गणित लगाते हैं…।

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