बीएसपी कांट्रैक्टर्स एंड लेबर वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष सीजू एन्थोनी के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने डायरेक्टर पर्सनल से मिले।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। सेल भिलाई स्टील प्लांट में लगातार हो रहे हादसों पर लगाम लगाने के लिए कवायद चल रही है। सेल के डायरेक्टर पर्सनल केके सिंह भिलाई पहुंचे। बीएसपी कांट्रैक्टर्स एंड लेबर वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष सीजू एन्थोनी के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने डायरेक्टर पर्सनल से मुलाकात की। बीएसपी में हो रहे लगातार हादसों से उत्पन्न परिस्थितियों पर गंभीर चर्चा व्यक्त की।
दुर्घटनाओं को रोकने के लिए श्रमिकों की संख्या में जो कटौती की गई है, उस कटौती को वापस लेने की मांग की गई। संयंत्र के सभी गैलरी, सीढ़ियों और क्रेनों की नियमित रखरखाव पर विशेष ध्यान देते हुए जाँच आवृत्ति को बढ़ाए जाने की मांग की। श्रमिकों की लगातार कमी होने के कारण स्थानीय श्रमिकों मे भी रोजगार की समस्या उत्पन्न हो रही है। डायरेक्टर पर्सनल को सोसायटी के पदाधिकारियों ने अवगत कराते हुए कहा कि श्रमिक संख्या मे कटौती के पूर्व लगभग 26000 ठेका श्रमिक संयंत्र में कार्यरत थे। वहीं, 20%की कटौती से लगभग 5000-6000 (कार्यकुशल )श्रमिकों को बेकार हो गए है।
बीएसपी में लगातार नियमित कर्मचारियों और अधिकारियों की कमी के कारण ठेका श्रमिकों के कार्य के दौरान उचित मार्गदर्शन के अभाव में कार्य स्थल पर सुरक्षा मानको का शत प्रतिशत पालन नहीं हो पाता। दुर्घटना होने पर सम्बंधित अधिकारी और कर्मचारी को निलंबित करने की प्रक्रिया की वजह से बीएसपी कार्मिक/अधिकारी मानसिक दबाव मे कार्य कर रहे हैं, जिसका सीधा असर उनके स्वास्थ्य पर पड़ रहा है।
वर्तमान में कार्य कर रहे अधिकारियों और कर्मचारियों पर हो रहे मानसिक दबाव से मुक्त करने की जवाबदारी प्रबंधन की है। मानव संसाधनों का दोहन सेल मैनेजमेंट अव्यवारिक रूप से कर रही है, क्योंकि संयंत्र की उत्पादन क्षमता जब 4 एमटी थी, उस समय के कर्मचारियों की संख्या अभी आधे से भी कम हो गई है, जबकि उत्पादन लगभग दोगुना 7 एमटी हो गई। ये आंकड़े स्पष्ट रूप से सिद्ध करते है कि प्रबंधन केवल उत्पादन के लक्ष्य की ओर देख रहा है। मानव संसाधन से कोई सरोकार नहीं रह गया है।
उत्पादन का बढ़ना और श्रमिकों का घटना व्यवहारिक नहीं है। प्रबंधन को चाहिए कि प्रत्येक निविदा मे नियोजन किए जाने वाले श्रमिकों की संख्या का उल्लेख किया जाना चाहिए। सीजू एन्थोनी ने प्रबंधन से मांग की है कि संयंत्र में चल रहे ठेका कार्यों की समीक्षा कर श्रमिकों की न्यूनतम संख्या का पुनः निर्धारण हो। वहीं, भविष्य मे होने वाले निविदा मे न्यूनतम श्रमिकों की संख्या का उल्लेख टेंडर में ही हो।
नगर क्षेत्र में निवासरत पूर्व कर्मचारी /अधिकारी जो रिटेंशन सुविधा के अंतर्गत निवास कर रहे है, उन पर प्रबंधन सहानुभूति का परिचय देते हुए उन्हें रिटेंशन के आवासों में रहने दे, क्योंकि इन आवासों का किराया एवं अन्य शुल्क नियमित रूप से प्रबंधन को इन पूर्व कर्मियों से प्राप्त हो रहा है। सेक्टर के अंदर की सड़के लम्बे समय से समुचित देखभाल के अभाव में ख़राब हो गई है। चारो ओर झाड़िया ही झाड़िया हैं, जिसके कारण आए दिन दुर्घटनाए होती रहती। अतः सड़क एवं पुलिया का संधारण कार्य हो, वही बैक लाइन की जीर्ण शीर्ण स्थिति से अवगत कराया गया, जिसके लिए त्वरित ठोस कार्यवाही की मांग की गई।
सेल निर्देशक को ज्ञापन सौपने वालों में सोसायटी के अध्यक्ष सीजू एन्थोनी, कार्यकारी अध्यक्ष त्रिलोकी सिंह, उपाध्यक्ष धीरज शुक्ला, नवीन सिंह, वीके बाबू, कमल अवस्थी, एम मोहन उपस्थित थे। ज्ञापन को पढ़कर निर्देशक ने प्रतिनिधि मंडल को आश्वत किया कि भिलाई के मुद्दों के निराकरण हेतु सार्थक कदम सेल द्वारा उठाए जाएंगे।
