बीएसपी-जिला प्रशासन की ढिलाई, कर्मचारियों की जान खतरें में आई

सूचनाजी न्यूज, भिलाई। भिलाई टाउनशिप की यातायात व्यवस्था को लेकर कर्मचारियों ने फिर सवाल उठाए हैं। दो स्थानों पर भारी वाहनों के जरिए बैरियर तोड़ने के बाद अब तक नया बैरियर नहीं लग सका है। एक तरफ दुर्ग से प्रवेश करते ही एमडी बंगले के सामने जिला दंडाधिकारी द्वारा एक बोर्ड लगाया गया है, जिसमें बकायदा लिखा है कि दुर्ग शहर में भारी एवं मध्यम वाहनों का प्रवेश पूर्णतया प्रतिबंधित है। मजेदार बात यह है कि इस रास्ते से प्रतिदिन 200 से 300 भारी वाहन गुजरते हैं। कम से कम 50 टन से ज्यादा वजन लेकर शहर में प्रवेश करते हैं और बाहर निकलते हैं। इसी तरीके से जब यह वाहन सिलतरा में आयरन ओर खाली करके इसी मार्ग से गुजरते हैं।

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वहीं, बीएसपी प्रबंधन ने बोरिया गेट के आगे से एक बोर्ड लगाया है, जिसमें लिखा है आगे भारी वाहनों के लिए रास्ता बंद है। और उसी तरीके से टीपीएल प्रवेश द्वार या फायर ब्रिगेड के सामने भी एक ऐसा ही बोर्ड लगाया गया है, लेकिन भारी वाहन बेधड़क आवाजाही करते हैं। भिलाई स्टील प्लांट के जागरूक कर्मचारियों ने प्रबंधन से सवाल पूछा कि आखिर कब बनेगा नया फाइट बैरियर। लगभग 2 माह पहले यहां हाइट बैरिकेट लगाए गए थे, जिसे ट्रक चालकों ने क्षतिग्रस्त कर दिया और आज भी वह सड़क किनारे पड़े हुए हैं।

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दो-तीन महीने पहले करोड़ों रुपए खर्च कर एमडी बंगले से लेकर बोरिया गेट तक सड़क बनाई गई। और इन भारी वाहनों की वजह से सड़क कई स्थानों पर उखड़ चुकी है। उबड़-खाबड़ की वजह से वाहन चालक गिर रहे हैं। एक तरफ संयंत्र में लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं। दूसरी तरफ इन भारी वाहनों की वजह से खतरों का सामना करते हुए लोग ड्यूटी पहुंच रहे हैं।

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कर्मचारियों का आरोप है कि बीएसपी प्रबंधन एवं जिला प्रशासन सड़क पर बोर्ड लगा कर मात्र खानापूर्ति कर रहा है। बीएसपी प्रबंधन कहता है हमें चालान करने का अधिकार नहीं है और जिला प्रशासन एवं पुलिस विभाग मरोदा सेक्टर एंट्री रोड पर छोटे वाहनों एवं दोपहिया वाहनों का चालान करता है, लेकिन यहां से गुजरने वाले भारी वाहनों को रोकने की किसी की हिम्मत ही नहीं। कर्मचारी बेबस हैं। आखिर इसका समाधान कौन करेगा?

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