BSP QR Code: भिलाई स्टील प्लांट में ट्रायल सफल, सभी गेट पर एक साथ अनिवार्य, गाड़ियों पर लगाएं क्यूआर कोड, वरना नहीं जा सकेंगे ड्यूटी

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BSP QR Code
कर्मचारियों के वाहनों पर लगे क्यूआर कोड को मोबाइल स्कैनर के जरिए सीआइएसएफ के जवान सभी गेट पर चेक कर रहे हैं।
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क्यूआर कोड के लिए कर्मचारी अपने-अपने पर्सनल डिपार्टमेंट से संपर्क करें। ई-सहयोग के माध्यम से हर कर्मचारी खुद क्यू-आर कोड बना लें।

अज़मत अली, भिलाई। भिलाई स्टील प्लांट (BSP) के कर्मचारियों के लिए क्यूआर कोड को अनिवार्य कर दिया गया है। दो दिन के ट्रायल के बाद सोमवार सुबह से इसे अनिवार्य किया गया है। कर्मचारियों के वाहनों पर लगे क्यूआर कोड को मोबाइल स्कैनर के जरिए सीआइएसएफ के जवान गेटों पर चेक कर रहे हैं। बीएसपी का कहना है कि सभी गेटों पर एक साथ चेकिंग की जा रही है। करीब 40 प्रतिशत कर्मचारियों और अधिकारियों ने अपने वाहनों पर क्यूआर कोड लगाया है। जिनके वाहनों पर क्यूआर कोड नहीं है, उन्हें समझाइश दी जा रही है, ताकि वे एक-दो दिन के भीतर क्यूआर कोड अपने वाहनों पर चस्पा कर लें।

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समझाइश के बावजूद जो लोग क्यूआर कोड नहीं लगाएंगे, उन्हें प्लांट में दाखिल होने से रोक दिया जाएगा। इसलिए मुसीबत से बचना है तो अपने पर्सनल डिपार्टमेंट से ही संपर्क करें और क्यूआर कोड प्राप्त कर लें। प्लांट के बाहर किसी भी दुकान से क्यूआर कोड न बनवाएं, अन्यथा मुसीबत बढ़ सकती है।

बता दें कि क्यूआर कोड (QR Code) को एक सितंबर से अनिवार्य किया जाना था, लेकिन तकनीकी कारणों से इसे लागू नहीं किया सका था। वहीं, बीएमएम ने इसे रोकवाने का दावा किया था। इसके खिलाफ मंत्रालय तक शिकायत की थी, लेकिन कोई असर नहीं हुआ है।

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BSP QR Code का मतलब गाड़ियों का एरिया पास…

बीएसपी प्रबंधन का कहना है कि BSP QR Code का मतलब गाड़ियों का एरिया पास। प्लांट में अंदर दाखिल होने वाले वाहनों का क्यूआर कोड एक तरह का पास है। कर्मचारी का पास, पहचान पत्र है, जिसके आधार पर बीएसपी में दाखिल होता है। सीआइएसएफ आई-कार्ड देखने के बाद ही कार्मिकों को प्लांट में प्रवेश करने देता है। इसी तरह वाहनों की पहचान के लिए क्यूआर कोड गेट पास की तरह कार्य करेगा। इसका कोई दूसरा उद्देश्य नहीं है।

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पहले कागज पर वाहन का गेट पास जारी होता था

बीएसपी में पहले कागज पर वाहन का गेट पास जारी किया जाता था, जो लंबे समय से बंद है। डिजिटल युग में वही वाहनों का गेट पास क्यूआर कोड के रूप में अब सामने आया है। इसमें कुछ भी नया नहीं है। प्रबंधन ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक तकनीकी कारणों को नहीं सुधार लिया जाता, तब तक हर कर्मचारियों को क्यू-आर बनवा लेना चाहिए, ताकि अचानक से किसी पर बोझ न पड़े।

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ई-सहयोग के माध्यम से हर कर्मचारी खुद क्यू-आर कोड बना लें

क्यूआर कोड के लिए कर्मचारी अपने-अपने पर्सनल डिपार्टमेंट से संपर्क करें। ई-सहयोग के माध्यम से हर कर्मचारी खुद क्यू-आर कोड बना लें। पर्सनल डिपार्टमेंट से फ्री में प्रिंट ले सकता है। किसी तरह की समस्या होने पर संबंधित विभाग के कार्मिकों से सलाह ली जा सकती है।

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क्यूआर कोड से अवांछनीय हरकतों पर लगेगी लगाम

स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड-सेल (SAIL) की इकाई भिलाई स्टील प्लांट में क्यूआर कोड को अनिवार्य किया जाना है। वहीं, सीआइएसएफ का तर्क है कि प्लांट में दाखिल होने वाले वाहनों की पहचान बहुत जरूरी है। कर्मचारी-अधिकारी ड्यूटी करने आते हैं और उनका गेट पास है। इसी तरह वाहनों का पास क्यूआर कोड रहेगा तो सीआइएसएफ को काफी मदद मिलेगी। बगैर क्यूआर कोड वाले वाहन प्लांट में प्रवेश करते ही पकड़े जा सकेंगे। साथ ही अगर किसी तरह की अवांछनीय हरकत होने वाली होगी तो उसे रोका जा सकेगा। साथ ही अवांछनीय तत्वों पर नकेल लगाई जा सकेगी।

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प्लांट के बाहर क्यूआर कोड न बनवाएं

बीएसपी प्रबंधन ने स्पष्ट रूप से बोल दिया है कि पर्सनल आफिस में फ्री में क्यूआर कोड का प्रिंट ले सकते हैं। प्लांट के बाहर कहीं भी किसी भी तरह से पेमेंट करके इसे न बनवाएं। बीएसपी कर्मचारियों-अधिकारियों का ब्योरा सिस्टम से कनेक्ट है। इसलिए क्यूआर कोड में कहीं खामी नहीं होगी। जबकि प्लांट के बाहर क्यूआर कोड बनाने वाले अलग-अलग साफ्टवेयर का इस्तेमाल करते हैं, जो बीएसपी से मैच नहीं करेगा। गेट पर जांच के दौरान अगर, यह क्यूआर कोड गलत पाया गया तो कार्मिकों पर विभागीय कार्रवाई हो सकती है। फर्जीवाड़ा के आरोप में नौकरी पर संकट आ सकता है। इसलिए 100-50 रुपए के चक्कर में अपनी नौकरी पर आफत मत आने दीजिए। अपने ही पर्सनल डिपार्टमेंट से संपर्क करें।

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