सेल की एकमात्र यूनियन बीडब्ल्यूयू, जहां कैश नहीं ऑनलाइन होता संघर्ष फंड का भुगतान

बीएसपी वर्कर्स यूनियन-बीडब्ल्यूयू ने एक अनोखा प्रयोग शुरू कर दिया है। संघर्ष फंड के लिए सदस्यों से ली जाने वाली राशि को स्कैनर के माध्यम से प्राप्त करने की व्यवस्था शुरू कर दी है।

अज़मत अली, भिलाई। देशभर की तमाम ट्रेड यूनियनें सदस्यता शुल्क लेती है। सालाना रसीद काटी जाती है। कहीं 60 रुपए तो कहीं 100 रुपए तक की सालाना रसीद कटती है। कर्मचारी कैश अदा करते हैं। इसके बाद रुपए को लेकर जोड़-घटाव और झंझटों से गुजरना पड़ता है। पाई-पाई का हिसाब रखना मुश्किल हो जाता है। इन सबसे बचने के लिए बीएसपी वर्कर्स यूनियन-बीडब्ल्यूयू ने एक अनोखा प्रयोग शुरू कर दिया है। संघर्ष फंड के लिए सदस्यों से ली जाने वाली राशि को स्कैनर के माध्यम से प्राप्त करने की व्यवस्था शुरू कर दी है। बीएसपी वर्कर्स यूनियन की सदस्यता शुल्क से लेकर चंदा तक ऑनलाइन अदा किया जा रहा है।

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बीडब्ल्यूयू के प्रयास को बैंक ने भी सराहा है। बैंक मैनेजर ने इस तरह के प्रयोग को हर यूनियनों को अपनाने की सलाह दी है ताकि पैसे के लेन-देन में पारदर्शिता आ जाए। शुक्रवार शाम टीएंडडी के कर्मचारी आशीष श्रीवास्तव यूनियन दफ्तर पहुंचे। बतौर पदाधिकारी अपना बकाया अदा करते हुए स्कैनर उठाया। इस नजारे को सूचनाजी.कॉम ने कैमरे में कैद किया।
इस बाबत अध्यक्ष उज्जवल दत्ता ने बताया कि स्कैनर की वजह से कर्मचारियों को बहुत फायदा हो गया है। कैश को लेकर अक्सर दिक्कत होती थी।

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सदस्यता शुल्क व सहयोग राशि का भुगतान करना आसान हो गया है। पहले पैसे को लेकर काफी तनाव की स्थिति बनती थी। लिखा-पढ़ी में समय बर्बाद होता था। नई व्यवस्था से पारदर्शिता आ गई है। यूनियन के खाते में कर्मचारियों द्वारा दी गई सदस्यता शुल्क की जानकारी सबको होती है। वहीं, यूनियन के पदाधिकारियों को भी सुविधा हो गई। मौजूदा समय में हर कोई ऑनलाइन पेमेंट को तवज्जो दे रहा है। इसलिए स्कैनर का इंतजाम किया गया है। दावा किया जा रहा है कि सेल की एकमात्र यूनियन बीएसपी वर्कर्स यूनियन है, जिसने इस तरह का प्रयोग शुरू किया है।

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