सेल में पदनाम बदलने से सभी हो गए चीफ, लेकिन पद हुआ चीप

सूचनाजी न्यूज, भिलाई। इंटक और बीएमएस के बीच एक बार फिर जुबानी जंग शुरू हो गई है। इंटक यूनियन द्वारा डी क्लस्टर को सुपरवाइजर कैडर दिए जाने की मांग पर भिलाई इस्पात मजदूर संघ-बीएमएस ने कई सवाल उठा दिए। कार्यकारी अध्यक्ष चन्ना केशवलू ने कहा कि जब यह लोग नई प्रमोशन पॉलिसी पर हस्ताक्षर कर रहे थे, तब उन्होंने इसकी कमियों पर कोई विचार नहीं किया। और पूरे संयंत्र में इससे सबसे अच्छी प्रमोशन पॉलिसी बताकर प्रचार करते रहे।

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इन्हीं लोगों की मेहरबानी से आज संयंत्र में चार्जमैन जैसा सम्मानजनक पद समाप्ति की ओर है। इन्होंने चार्ज मैन को नकारा और कामचोर माना और प्रबंधन के साथ मिलकर चीफ मास्टर टेक्नीशियन/ऑपरेटर लेकर आ गए। कार्यकारी अध्यक्ष ने कहा कि चीफ हर सेक्शन में एक होता है, पर यहां सभी चीफ हो गए और पद चीप (सस्ता) हो गया, जिसके पास अपना कोई पावर नहीं होगा। एक सेक्शन से दूसरे सेक्शन में काम करने के लिए बाध्य होंगे।

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पूरे संयंत्र में इस पॉलिसी का विरोध हो रहा है और लोग इनसे सवाल पूछ रहे हैं। इसीलिए लोगों को दिखाने के लिए सुपरवाइजर कैडर की बात कर रहे हैं। एक ओर चार्जमैन पद खत्म करते हैं। दूसरी तरफ सुपरवाइजर पद की बात करते हैं। प्रबंधन द्वारा इन्हें जब हस्ताक्षर करने के लिए बुलाया जाता है तो अति उत्साह में बगैर विचार किए साइन कर अपनी पीठ थपथपाने वालों को अब समझ में आ गया है कि उनकी नैया डूब रही है।

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इसलिए वह यह भी भूल जाते हैं कि खुद ही अपने तीन साथियों के साथ वाहवाही लूटने के लिए बड़े ही उत्साह पूर्वक साइन किए एमओयू ठीक से पढ़े भी नहीं, जिसका दुष्परिणाम सभी कर्मचारी भुगत रहे हैं। और प्रबंधन ग्रेच्युटी एलटीसी में कटौती कर रहा है और यह लोग प्रदर्शन कर रहे हैं। सवाल यह है कि प्रदर्शन किसके खिलाफ कर रहे हैं। जिस प्रकार से इनके द्वारा प्रबंधन के साथ मिलकर कर्मचारी विरोधी फैसले लिए और कर्मचारियों का नुकसान हुआ है, उसे सभी बहुत नाराज है और आने वाले मान्यता चुनाव में कर्मचारी उसका जवाब देने के लिए तैयार बैठे हैं।

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