सेल कर्मचारियों से रिकवरी का आया सर्कुलर, 31 मार्च 2023 तक 43 हजार की रिकवरी

एस-1 से एस-5 ग्रेड तक के कर्मचारियों से 30 हजार, एस-6 से एस-8 ग्रेड तक 36 हजार और एस-9 से एस-11 ग्रेड तक के कर्मचारियों से 43 हजार रुपए वापस लिया जाएगा।

सूचनाजी न्यूज, भिलाई। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (Sail) के कर्मचारियों की जेब ढिली होने जा रही है। 43 हजार रुपए तक रिकवरी की जाएगी। प्रबंधन ने इसका सर्कुलर जारी कर दिया है। 31 मार्च 2023 तक रिकवरी की जाएगी। कर्मचारियों से रिकवरी के बाद अधिकारिक सूचना जारी कर दी गई है।

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प्रबंधन ने कर्मचारियों को पहले ही सतर्क कर दिया था कि जल्द ही रिकवरी प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। इसलिए मानसिक रूप से तैयार रहें। शनिवार को रिकवरी का सर्कुलर जारी कर दिया गया है। इसको लेकर मान्यता प्राप्त यूनियन पर एक बार फिर विरोधी यूनियनों ने हमला बोल दिया है। सोशल मीडिया पर भड़ास निकाली जा रही है।

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भिलाई स्टील प्लांट के श्रमिक नेताओं ने सूचनाजी.कॉम को बताया कि प्रबंधन एलटीसी (Leave Travel Concession) की रिकवरी करेगी। रिकवरी प्रक्रिया जल्द ही शुरू होगी। एस-1 से एस-5 ग्रेड तक के कर्मचारियों से 30 हजार, एस-6 से एस-8 ग्रेड तक 36 हजार और एस-9 से एस-11 ग्रेड तक के कर्मचारियों से 43 हजार रुपए वापस लिया जाएगा।

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एलटीसी की राशि को पर्क्स में समाहित कर दिया गया है। वेतन समझौता के तहत 26.5 प्रतिशत पर्क्स तय किया गया है। इसमें एलटीसी की राशि भी शामिल है। इसलिए अलग से एलटीसी नहीं दिया जा सकता है। जबकि कर्मचारियों ने एलटीसी की अलग से राशि ली है। इस वजह से अब एलटीसी की राशि की रिकवरी की जाएगी।

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बताया जा रहा है कि 2021 में प्रबंधन ने एलटीसी की राशि दी थी। अक्टूबर 2021 में ही वेतन समझौता हुआ, जिसमें पर्क्स में ही एलटीसी को समाहित करने पर सहमति बनी। कर्मचारियों का कहना है कि पर्क्स अक्टूबर से दिया जा रहा है, लेकिन एलटीसी अप्रैल से लिया गया है। प्रबंधन का तर्क है कि पर्क्स दे चुके हैं। सबको मिलाकर 26.5 प्रतिशत तय हुआ है। इसलिए एलटीसी को अगल से कैसे दिया जा सकता है। कर्मचारियों ने एक साथ एलटीसी और पर्क्स भी ले लिया है।

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बता दें कि एलटीसी चार साल का ब्लॉक ईयर का होता है। दो-दो साल का सब-ब्लॉक बनाया गया था। सब-ब्लॉक में एलटीसी यानी होम टाउन के लिए और दूसरे ब्लॉक में एलएलटीसी यानी भ्रमण के लिए राशि दी गई। एलएलटीसी न देकर सीधतौर एलटीए कर दिया गया था।

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