सीटू बोला-हड़ताल के बाद मात्र 2 बैठकों में पर्क्स 15% से 26.5% तक पहुंचा, एचएमएस ने बीडब्ल्यूयू को बताया गेस्ट आर्टिस्ट

सूचनाजी न्यूज, भिलाई। भिलाई इस्पात संयंत्र के संघर्षों के इतिहास में 30 जून 2021 सुनहरे अध्याय को जोड़ता है। इस दिन अभूतपूर्व हड़ताल हुई थी, क्योंकि 22 जून से 27 जून 2021 तक चले ऑनलाइन बैठक में प्रबंधन एमजीबी पर्क्स एवं अन्य मुद्दों को लेकर अड़ियल रुख अख्तियार कर रहा था, जिससे नाराज होकर कर्मियों ने सेल के इतिहास में पहली बार इतनी बड़ी हड़ताल किया। पूर्व मान्यता प्राप्त यूनियन सीटू का कहना है कि इसका श्रेय उन सभी कर्मचारियों को जाता है, जिन्होंने अपने मांग और अधिकार के लिए हड़ताल में शामिल हुए। सड़कों पर उतरे और अपनी आवाज बुलंद की, जिसके लिए सीटू सभी कर्मियों को क्रांतिकारी अभिवादन करता है। इस हड़ताल के बाद मात्र 2 बैठकों में पर्क्स को 15% से 26.5% तक पहुंचाया जा सका।
फर्क होता है लड़ने और लड़ते दिखने में

सीटू ने एक यूनियन पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वास्तव में लड़ने और लड़ते दिखने का अभिनय करने में फर्क होता है। इनका तो ऐसा चरित्र रहा है कि किसी हड़ताल में प्रबंधन के साथ खड़े होकर हड़ताली कर्मियों के संघर्षों को कमजोर करने के लिए उत्पादन जारी रखने का आश्वासन दिए हैं, तो किसी हड़ताल में संघर्षशील कर्मियों के खिलाफ अनर्गल बयानबाजी किए हैं। 30 जून की हड़ताल में तो 14 दिन पूर्व दिए जाने वाले नोटिस तक नहीं दिए। किंतु हड़ताल की सफलता को देखते हुए कुछ समय के लिए गेट पर भी पहुंचा।
एकता और संघर्ष से हासिल की जा सकती है अपनी जायज मांग
सीटू के सहायक महासचिव टी.जोगा राव का कहना है कि एकता और संघर्ष से अपनी जायज मांगों को हासिल किया जा सकता है। 22 से 27 जून 2021 तक हुई बैठक में यूनियनों के द्वारा 15% एमजीबी पर अड़े रहने की बात तय होने के बावजूद चार यूनियनों के द्वारा 13% एमजीबी पर सहमत होने के बाद सीटू आज भी 15% पर ही अड़ा हुआ है। 23 जून 2021 की ऑनलाइन बैठक में एक यूनियन ने तो 25% पर्क्स मांग चुका था। बावजूद इसके 30 जून के हड़ताल ने पर्क्स को 26.5% तक पहुंचाया। वेतन समझौता की लंबित मांगों को लेकर संघर्ष जारी है,जारी रहेगा, जो कुछ भी मिला है। वह कर्मियों के संघर्षों से मिला है और आगे भी जो कुछ मिलेगा वह भी कर्मियों के संघर्षों से ही मिलेगा।
एरियर्स और सिलिंग लेस ग्रेच्युटी के लिए साझा संघर्ष जरूरी
संगठन सचिव डीवीएस रेड्‌डी ने किहा कि चुनाव के मद्देनजर अलग-अलग यूनियने चुनाव जीतने से एरियर्स दिलाने अथवा ग्रेच्युटी सिलिंग खत्म करवाने जैसे घोषणाएं कर रहे हैं। किंतु हकीकत यह है कि एरियर्स कर्मियों का हक है, जिसको लेकर सीटू के विभिन्न अभियान अलग-अलग संयंत्रों में जारी है। वहीं, ग्रेच्युटी सिलिंग को लेकर सीटू ने लेबर कोर्ट में परिवाद तो दायर किया ही है। साथ ही साथ कोलकाता हाईकोर्ट में केस भी दायर कर दिया है, जिसकी सुनवाई जारी है। बावजूद इसके सीटू मानता है कि एरियर्स दिलाने एवं ग्रेच्युटी सिलिंग को समाप्त करने जैसे मुद्दों पर स्वतंत्र संघर्ष के साथ संयुक्त संघर्ष भी आवश्यक है।
एचएमएस ने कहा-बीएसपी वर्कर्स यूनियन गेस्ट आर्टिस्ट है…
एचएमएस के महासचिव प्रमोद कुमार मिश्र ने बीएसपी वर्कर्स यूनियन पर कटाक्ष किया। सेल चेयरमैन को चिट्‌ठी लिखने और हड़ताल पर खुद की पीठ थपथपाने पर तंज किया। कहा-बीएसपी वर्कर्स यूनियन के नेता गेस्ट आर्टिस्ट की तरह हड़ताल के दिन चंद समय के लिए आए थे। बीडब्ल्यूयू ने हड़ताल की नोटिस तक नहीं दिया था, लेकिन आज श्रेय लेने में वह पीछे नहीं है। माहौल बनाया जा रहा है कि वह हड़ताल का समर्थक है।

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