Coal India Bonus: कोल इंडिया ने 77 हजार बोनस के लिए रिजर्व रखी थी रकम,यूनियन ने 76,500 में किया एग्रीमेंट, ढाई लाख कर्मियों को 500-500 की चपत!

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CIL Bonus
कोल इंडिया प्रबंधन और ट्रेड यूनियन के नेताओं के बीच रांची में बोनस मीटिंग हुई। सीटू, एचएमएस, बीएमएस और एटक के नेता रहे शामिल।
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कोल इंडिया के 2 लाख 29 हजार कर्मचारियों का बढ़ा 4 हजार बोनस, सैलरी के साथ ही आएगा 76500। सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि कोल इंडिया द्वारा रिजर्व रकम से भी कम में एग्रीमेंट किया गया है।

सूचनाजी न्यूज, छत्तीसगढ़। बोनस हर तरफ छाया हुआ है। टाटा स्टील, एनएमडीसी और अब कोल इंडिया में बोनस तय हो गया है। कोल इंडिया के 2 लाख 29 हजार कर्मचारियों का बोनस तय होने के बाद भी विवाद थम नहीं रहा। सोशल मीडिया पर यूनियन नेताओं के फैसले पर सवाल उठाए जा रहे हैं। आरोप लगाए जा रहे हैं। एक-एक कर्मचारियों के खाते में 76,500 रुपए बोनस आएगा। बोनस एग्रीमेंट होने के बाद नया बवाल शुरू हो गया है। सोशल मीडिया पर मुद्दा गरमाता जा रहा है। आरोप लगाया जा रहा है कि हर कर्मचारी को 500-500 रुपए की चपत लगी है।

कोल इंडिया ने पहले से ही तय कर लिया था कि इस बार 77 हजार रुपए बोनस दिया जाएगा। कंपनी ने इसके लिए बकायदा 1785 करोड़ रुपए रिजर्व करके रखा था। लेकिन यूनियन इस राशि को भी नहीं ले सकी और 500 रुपए यानी 76,500 रुपए में एग्रीमेंट कर लिया है। अब यूनियन नेताओं से सवाल पूछे जा रहे हैं कि आखिर किस फॉर्मूले से यह समझौता किया गया है।

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बताया जा रहा है कि पिछले साल कोल इंडिया का प्रॉफिट करीब 12 हजार करोड़ का था। जबकि 2020 में करीब 17 हजार करोड़ प्रॉफिट था। कोल इंडिया प्रबंधन ने 2020 की तुलना में 2021 में 5 हजार करोड़ का लॉस बताया था। पिछले साल 2 लाख 41 हजार मैनपॉवर था। इन कर्मचारियों में बोनस बांटने के लिए कंपनी ने 17 करोड़ खर्च किया था। इस बार 14 हजार वर्कर कम हो गए।

वर्तमान में 2 लाख 29 हजार कर्मचारी हैं। प्राफिट भी 17 हजार करोड़ के आसपास है। सवाल यह उठाया जा रहा कि जब कंपनी माइनस 5 हजार में थी तब 4 हजार रुपए बढ़ाकर दिया। आज जब 5 हजार प्लस में तो भी चार हजार रुपए बढ़ा।

हैरानी की बात यह है कि जब कंपनी ने पहले से ही 77 हजार रुपए प्रति कर्मचारी बोनस के लिए एमाउंट रिजर्व करके रखा था, तब क्यों साढ़े 76 हजार में एग्रीमेंट किया गया। वहीं, नाराज ट्रेड यूनियन नेताओं का यह भी आरोप है कि मीटिंग में बैठने वाले नेताओं ने मायूस किया है। अब अधिकारियों को यही राशि पीआरपी मद में बांट दी जाएगी।

कर्मचारियों का हक मारा गया है। पिछली बार प्रॉफिट का साढ़े 13 प्रतिशत बोनस दिया गया था। इस बार भी इसी फॉर्मूले पर रहते तो यह राशि 90 हजार तक पहुंच जाती। बीच का रास्ता निकाला जाता तो 80 से 85 हजार तक रकम तय होनी चाहिए थी।

जानिए बोनस मीटिंग में राशि तय होने तक क्या हुआ…

कोल इंडिया CIL) के करीब ढाई लाख कर्मचारियों के खाते में इस बार चार हजार रुपए अधिक बोनस की राशि आएगी। प्रबंधन और यूनियन के बीच समझौता हो गया है। 76500 रुपए बोनस तय हो गया है। सुबह 11 बजे से चली बैठक शाम सात बजे खत्म हुई। कोल इंडिया प्रबंधन और ट्रेड यूनियन के नेताओं के बीच रांची में बैठक हुई। पिछले साल साढ़े 72 हजार रुपए बोनस कर्मचारियों को दिया गया था।

इस बार 86 हजार रुपए बोनस की मांग की गई थी। जबकि प्रबंधन 74800 रुपए देने का ऑफर दिया था। लंच से पहले काफी मान मनव्वल का दौर चला, लेकिन 86 हजार पर बात नहीं बन सकी। अंत तक बहस होती रही और 76500 रुपए बोनस तय किया गया। बताया जा रहा है कि सैलरी के साथ ही बोनस की राशि भी कर्मचारियों के खाते में आ जाएगी। एक तारीख को पेमेंट हो जाएगा। प्रबंधन ने पहले से ही तैयारी करके रखा है। 25 तारीख को ही पे-रोल को फाइनल कर लिया गया है। अब बोनस राशि को ही जारी करना है।

बैठक में एचएमएस, सीटू, एटक और बीएमएस के नेता शामिल रहे। बताया जा रहा है कि प्रबंधन 75 हजार से ज्यादा देने के मूड में नहीं थी। लंच के बाद दोबारा श्रमिक नेताओं के साथ प्रबंधन की वार्ता शुरू हुई तो नए सिर से 86 हजार रुपए की मांग की गई। प्रबंधन ने 76200 रुपए तक राजी होने का संकेत दिया, लेकिन यूनियन ने इन्कार कर दिया। अंत में साढ़े 76 हजार रुपए बोनस तय हो गया है।

कोल इंडिया के श्रमिक नेताओं का कहना है कि प्रबंधन ने पिछले साल साढ़े 72 हजार रुपए बोनस दिया था। कंपनी के प्रॉफिट के आधार पर साढ़े 13 प्रतिशत बोनस दिया गया था। इस बार अगर, वही फॉर्मूला लागू किया गया होता तो यह राशि 90 हजार तक पहुंचती। लेकिन बैठक में जिस तरह से दबाव बनाना चाहिए था, यूनियन नेताओं ने नहीं बनाया। सोशल मीडिया पर इसे लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। फिलहाल, कर्मचारियों को इस बात की खुशी है कि उन्हें पिछले साल से अधिक बोनस मिलने जा रहा है। त्योहार की खुशियां कई गुणा बढ़ जाएंगी। एकमुश्त मोटी रकम आने से हर घर में उल्लास का माहौल होगा।

यूनियन नेताओं का कहना है कि 500-1000 तक बढ़ाने पर बहस होती रही। सरकार का दबाव था कि प्रबंधन ज्यादा बोनस न बढ़ाने पाए। इसलिए बोनस की मीटिंग महीने के आखिरी समय में की गई, ताकि यूनियन को मौका न मिल सके। त्योहार के समय यूनियन भी दबाव में रहे। एक मीटिंग में ही सबकुछ फाइनल कर लिया जाए। जबकि पूर्व में एक माह पहले ही मीटिंग करके बोनस तय कर लिया जाता था।

बता दें कि कोल इंडिया के बोनस को तय करने के लिए यूनियन प्रतिनिधि के रूप में बीएमएस से सुधीर एच घुरडे, जयनाथ चौबे, एचएमएस से नाथूलाल पांडेय, एसके पांडेय, एटक से रमेंद्र कुमार, सीटू से डीडी रमानंदन शामिल थे। वहीं, सीआइएल के डायरेक्टर पर्सनल एंड आइआर विनय रंजन, बीसीसीएल के डायरेक्टर पर्सनल समीर दत्ता, एमसीएल के डायरेक्टर पर्सनल केशव राव, सीएमडीपीडीआईएल के डायरेक्टर टेक्नीकल सत्येंद्र कुमार गोमास्ता, सीसीएल के डायरेक्टर पर्सनल हर्षनाथ मिश्र, एनसीएल के डायरेक्टर पर्सनल मनीष कुमार, सीआइएल के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर पर्सनल-एचओडी एमपी एंड आइआर एके चौधरी, सीआइएल के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर फाइनेंस सुनील कुमार मेहता शामिल थे।

बता दें कि कोल इंडिया ने वित्तीय वर्ष 2021-22 में लंबी छलांग लगाई है। उत्पादन से लेकर मुनाफे तक अच्छा परिणाम रहा है। सीआइएल (CIL) ने 622.63 MT उत्पादन किया। 2020-21 की अवधि से तुलना करें तो 26.41 MT उत्पादन बढ़ा, यानी 4.4 % का ग्रोथ रहा। पिछले वित्तीय वर्ष में 596.22 MT प्रोडक्शन था।

CIL का कोल ऑफ-टेक 661.89 MT रहा। वहीं, पहली बार एक लाख करोड़ के रेवेंन्यू के आंकड़े को भी पार कर लिया है। इसी तरह 2021-22 में CIL ने Pre-Tax Profit 23616.28 करोड़ और post-tax profit 17378.42 करोड़ कमाया है। साल 2020-21 में pre-tax profitof 18009.24 करोड़ और post-tax profit 12702.17 करोड़ रहा।

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