तीन मासूम बच्चे और मां-पत्नी का निवाला मौत ने छीना, इधर-परमेश्वर है घर में इकलौता कमाने वाला, शादी को 6 माह ही गुजरा, जिंदगी मौत से जूझ रहा…

अज़मत अली, भिलाई। भिलाई स्टील प्लांट के ब्लास्ट फर्नेस-7 के एसजीपी में हुए हादसे का असर दो परिवार की जिंदगी पर पड़ गया है। जख्मी परमेश्वर परिवार में इकलौता कमाने वाला है, जो सेक्टर-9 अस्पताल के बर्न वार्ड में जिंदगी और मौत से जूझ रहा है। चिकित्सकों की पूरी टीम जिंदगी बचाने के लिए जुटी हुई है। परिवार को उम्मीद है कि बेटा एक बार फिर दो जून की रोटी का इंतजाम करने के लिए घर लौटकर आएगा। दूसरी ओर, तीन मासूम बच्चे और मां-पत्नी को छोड़कर दुनिया से रुखसत हो चुके राहुल उपाध्याय का परिवार है।

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घर में कोहराम मचा हुआ है। हर कोई गमगीन है। ड्यूटी से घर जाते समय बच्चों के लिए कुछ न कुछ लेकर पहुंचने वाले राहुल का इंतजार बच्चे भी कर रहे हैं। दुर्ग जिले के पुरैना निवासी मृतक राहुल उपाध्याय को 3 बच्चे हैं। एक लड़का और दो लड़की है। लड़की की उम्र 11 साल, नौ माह और लड़के की 9 साल है। अकेला कमाने वाला था। परिवार में बूढ़ी मां है, जिसका सहारा दुनिया से जा चुका है।

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इधर-परमेश्वर सिक्का के बारे में बताया जा रहा है कि छह माह पूर्व ही शादी हुई थी। शादी की खुमारी उतरी भी नहीं थी कि किसमत ने जिंदगी का दांव लगा दिया। यह भी परिवार में कमाने वाला इकलौता है। मां और परिवार का खर्च यही चलाता है। फिलहाल, अस्पताल के बेड पर इलाज करा रहा है। आग में झुलसने की वजह से शरीर की चमड़ी उधड़ चुकी है। चेहरा बाल-बाल बच गया है, लेकिन शरीर का निचला हिस्सा गंभीर रूप से जला हुआ है।

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