सेल में डी-कलस्टर को सुपरवाइजरी कैडर घोषित कर पदनाम के साथ दें स्पेशल एलाउंस, काफी हाउस को हैंडओवर करें सभी कैंटीन

इंटक यूनियन की सेफ्टी कमेटी पूरे संयंत्र में जिम्मेदारी से सुरक्षा पालन करवाने के लिए प्रयास कर रही है। सुरक्षा के मामले में जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रही है। सेफ्टी कमेटी ने बताया कि जून में हुई दुर्घटना में सभी जगह निरीक्षण और परीक्षण का अभाव रहा, जिसकी वजह से दुर्घटना में बढ़ोतरी हुई।

सूचनाजी न्यूज, भिलाई। इंटक के महासचिव एसके बघेल ने कहा कि सेल में डी-कलस्टर को सुपरवाइजरी कैडर घोषित कर सम्मानजनक पदनाम देकर स्पेशल एलाउंस दिया जाना चाहिए, जिससे संयंत्र के कार्यों का सही तरीके से निरीक्षण हो पाएगा। और संयंत्र अपने उत्पादन लक्ष्य को प्राप्त कर सकेगा। दुर्घटना में भी कमी आएगी। अन्य पब्लिक सेक्टर आरआईएनएल एवं बीएचईएल में सुपरवाइजरी कैडर रखा गया है। सेल में भी सुपरवाइजर कैडर होना चाहिए।

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अतिरिक्त महासचिव संजय साहू ने कहा संयंत्र में बढ़ते ठेकेदारी प्रथा में सही कुशल एवं तकनीकी रूप से जानकार श्रमिकों की भर्ती नहीं हो रही है, जो श्रमिक कार्य करते हैं, उसे संयंत्र के कार्य प्रणाली एवं मरम्मत के दौरान की सुरक्षा की जानकारी नहीं होती। सेल प्रबंधन अप्रेंटिसशिप में किए गए लोगों को प्राथमिकता के साथ ठेका में तकनीकी कार्यों में रखें। सेल में मरम्मत कार्य में जिम्मेदार व्यक्ति नहीं होने के कारण भी दुर्घटना बढ़ रही है।

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आउट सोर्सिंग से बढ़ते जा रहे हादसे

स्टील इम्प्लाइज यूनियन इंटक के कार्यकारिणी की बैठक में भिलाई इस्पात संयंत्र में हुए हादसो पर चर्चा की गई। सदस्यों ने कहा कि बढ़ते आउट सोर्स के कारण दुर्घटना में बढ़ोतरी हो रही है। इंटक यूनियन की सेफ्टी कमेटी पूरे संयंत्र में जिम्मेदारी से सुरक्षा पालन करवाने के लिए प्रयास कर रही है। सुरक्षा के मामले में जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रही है। सेफ्टी कमेटी ने बताया कि जून में हुई दुर्घटना में सभी जगह निरीक्षण और परीक्षण का अभाव रहा, जिसकी वजह से दुर्घटना में बढ़ोतरी हुई।
इंटक यूनियन के कार्यकारिणी ने मांग की है कि संयंत्र में कर्मचारी भर्ती होने से लेकर सेवानिवृत्त तक एक ही कैडर में कार्य करते हैं। कर्मचारी एक ही प्रकार के कार्य करते हैं, जिससे उसकी स्वास्थ्य एवं मानसिक स्थिति पर प्रभाव होने से अनेक बीमारियों का शिकार होना पड़ता है।

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बीएसपी की सभी कैंटीन काफी को हैंडओवर करें

उप महासचिव पीवी राव ने कहा संयंत्र की कैंटीन व्यवस्था दिनोंदिन गुणवत्ता हीन होते जा रही है। खाने की गुणवत्ता एवं कैंटीन की स्थिति निरीक्षण करने पर पाया गया कि कैंटीन में, ठंडी हवा का अभाव है। प्लेट मिल जैसे मॉडल कैंटीन की स्थिति बद से बदतर हो गई है। न खाने की गुणवत्ता है। न पंखा एवं कूलर भी नहीं है, जिसकी शिकायत प्रबंधन को कई बार करने के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं की गई है। प्रबंधन सभी कैंटीन को काफी हाउस को सौंप दें तो व्यवस्था अच्छी हो जाएगी।

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कार्यकारिणी बैठक में ये रहे शामिल

बैठक में पीयूषकर, पूरण वर्मा, रमेश तिवारी, एसके खिचरिया, सच्चिदानंद पांडे, मदनलाल सिन्हा, संतोष कीचलू, संजय साहू, चंद्रशेखर, पीवी राव, वंश बहादुर सिंह,तुरिंदर सिंह, शेखर शर्मा ,अनिमेष पसीने, विपिन बिहारी मिश्रा, दीनानाथ सिंह, जीआर सुमन, जयंत बराठे, सीपी वर्मा, शिव शंकर सिंह, आरके त्रिपाठी, सुरेश कुमार, धनेश प्रसाद, राजकुमार, आर. दिनेश, रेशम राठौर, खुर्शीद कुरैशी, रमन मूर्ति, राममूर्ति, विजय विश्वकर्मा, जीके अग्रवाल, प्रदीप विश्वास, मनोज, उमापति मिश्रा, डीपी खरे, जसवीर सिंह, आनंद बघेल, गुरुदेव साहू, रमेश पाल, घनश्याम, मनोहर, अर्जुन प्रसाद आदि उपस्थित थे।

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