बोनस की घटती रकम, INTUC की बातों पर BMS को गम, पढ़ें दोनों यूनियन नेताओं का पक्ष

0
intuc bn chaubey, bms dk pandey
इंटक बोकारो के बीएन चौबे ने 84 हजार से लेकर 45 हजार तक के घटते क्रम और एकजुटता पर सूचनातजी.कॉम को दी जानकारी।
AD DESCRIPTION

भारतीय मजदूर संघ ने प्रबंधन को स्पष्ट बता दिया है कि जिस प्रकार वेज रिवीजन के एमओयू में फैसला लिया है। वह इसमें नहीं चलेगा, जो भी बात करना है एक फोरम में सबके सामने बात करनी होगी।

अज़मत अली, भिलाई। सेल बोनस को लेकर हर तरफ बवाल मचा हुआ है। सोशल मीडिया आरोप-प्रत्यारोप से भरा पड़ा है। मीटिंग के बाद इंटक ने अपने ऊपर उठ रहे सवालों का जवाब दिया। बीएमएस का भी नाम लिया। इंटक बोकारो के बीएन चौबे के शब्दों पर बीएमएस के डीके पांडेय को आपत्ति हो गई है। बीएमएस ने मीटिंग की बातों को सार्वजनिक किया। किसने क्या कहा और क्या हुआ, ये सब विज्ञप्ति के माध्यम से बताया गया।

ये खबर भी पढ़ें:सेल बोनस पर मचा बवाल, पीएम मोदी तक उठ रहा सवाल

AD DESCRIPTION AD DESCRIPTION

बता दें कि स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड-सेल ने बोनस मीटिंग को लेकर इतिहास रच दिया है। 2016 से पहले तक दो मीटिंग में बोनस की राशि तय होती थी। इसके बाद एक मीटिंग में ही पूरा मामला तय हो जाता था। इस बार तीसरी मीटिंग की नौबत आ गई है। बोनस की राशि 63 हजार से घटाकर 45 हजार रुपए करने को लेकर सोशल मीडिया पर सारा गुस्सा इंटक के राष्ट्रीय अध्यक्ष डाक्टर संजीवा रेड्‌डी पर उतारा जा रहा है। आखिर मीटिंग में सुबह से रात तक टर्निंग प्वाइंट क्या-क्या थे। बैठक खत्म होने के बाद इंटक बोकारो के बीएन चौबे ने सूचनाजी.कॉम को विस्तार से जानकारी दी। एनजेसीएस सदस्य बीएन चौबे ने कहा कि चार गुणा बोनस 84 हजार की मांग सबसे पहले संजीवा रेड्‌डी जी ने ही की थी।

ये खबर भी पढ़ें:SAIL BONUS MEETING UPDATES: यूनियन 18 हजार घटी और प्रबंधन 5 हजार बढ़ा, सेल बोला-26 हजार एडवांस देंगे, विरोध पर अब 10 अक्टूबर को तीसरी मीटिंग

इसके बाद सीटू, बीएमएस, एटक, एचएमएस के प्रतिनिधि आपस में मिलकर एक राशि तय करके 63 हजार रुपए का प्रस्ताव रखा था। दूसरी मीटिंग शनिवार को शुरू हुई तो प्रबंधन के रुख को देखते हुए सबने तय किया कि 59 हजार रुपए का प्रस्ताव रखा जाए। प्रबंधन स्वीकार नहीं कर रहा था। इस वजह से संयुक्त रूप से राशि को कम करते हुए 52 हजार रुपए की गई। दूसरे तरफ प्रबंधन दोपहर तक 22 हजार से अधिक देने का तैयार नहीं था। मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी यूनियन के नेताओं ने आपस में चर्चा की।

ये खबर भी पढ़ें:WCL की एक ही बैठक में रोजगार, कैंटीन, सुरक्षा, चिकित्सा और फीमेल वीआरएस के मुद्दे हल, पढ़ें-एचएमएस के 21 सवाल और सीएमडी का जवाब

राशि को कम करके प्रबंधन से समझौता करने का रास्ता निकाला। सभी यूनियन ने सहमति बनाई। बीएमएस के डीके पांडेय ने खुद संजीवा रेड्‌डी जी को कहा था-रेड्‌डी साहब, आप 45 हजार रुपए बोल दीजिए। मीटिंग में सबसे वरिष्ठ होने की वजह से सबने इज्जत की वजह से उनके मुंह से 45 हजार रुपए की राशि प्रबंधन के सामने रखवाई।

यह राशि अकेले इंटक ने तय नहीं की थी। अब जो लोग माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं, शायद उन्हें मीटिंग की सच्चाई पता नहीं होगी। एक यूनियन के 55 हजार रुपए पर अड़े रहने के दावे पर बीएन चौबे ने कहा कि पूरी मीटिंग में 55 हजार आया ही नहीं…ये शब्द कहां से पैदा हो गया।

बीएन चौबे ने कहा कि दोनों डायरेक्टर कोई फैसला नहीं ले पा रहे थे। सेल चेयरमैन से बात नहीं हो पा रही थी। इस वजह से उन्होंने समय लिया और 10 अक्टूबर की तारीख तय की है।

ये खबर भी पढ़ें:निर्वाचित यूनियन ही बोनस मीटिंग से बाहर, जानिए विश्वेश्वरैया और सेलम स्टील प्लांट का दर्द, एक लाख बोनस की मांग

इंटक की बातें बीएमएस को नहीं आई रास,जानिए सफाई में क्या कहा…

भारतीय मजदूर संघ-बीएमएस के उद्योग प्रभारी डीके पांडेय ने कहा कि 19/09/2022 को एक ही मांग की गई थी कि सभी कर्मचारियों को एक महीने की सैलरी का भुगतान होना चाहिए। बोनस फॉर्मूला बना नहीं है। इसलिए आज एकमात्र सुव्यवस्थित गणना विधि (फार्मूला) एक महीने की सैलरी ही बोनस के लिए उपयुक्त है। जब आम सहमति की बात आई तो बीएमएस ने कहा हमारे चार यूनियनों के प्रतिनिधि जो तय करेंगे, हम उसे स्वीकार कर कर्मचारियों की एकता बनाये रखने में सहभागी बनेंगे। वेतन समझौते के लिए वार्ता में जिस तरह वरीयता का आधार लेकर एमओयू हस्ताक्षरित हुआ, वैसा इस बार बोनस वार्ता में कारगर नहीं होने दिया जाएगा।

ये खबर भी पढ़ें:…कम बोनस पर सेल से समझौता नहीं स्वीकार, वैसे-हड़ताल और कोर्ट का खुला है द्वार

इंटक के तरफ से डाक्टर जी. संजीवा रेड्डी तथा विरेन्द्र कुमार चौबे चार गुणा लाभ के पक्ष में चार गुणा बोनस अर्थात 84000 की मांग की। प्रबंधन को स्वीकार नहीं था। फिर सीटू से ललित मोहन मिश्रा तथा विश्वरूप बनर्जी ने कहा कि 63000 रुपए प्रबंधन को देना चाहिए, यह भी मंजूर नहीं हुआ।

एटक से डी. आदिनारायण तथा रामाश्रय प्रसाद ने कुल लाभ का 5% की राशि कर्मचारियों में वितरित करने की मांग की। एचएमएस से संजय बढ़ावकर तथा राजेन्द्र सिंह डाक्टर रेड्डी के द्वारा दी गई मांग के साथ रहे।

ये खबर भी पढ़ें:…SAIL-SEFI Meeting: सेल का कर्ज 13000 करोड़ से बढ़कर 28000 करोड़ हुआ, कंपनी ने कुछ में भरी हामी, बाकी में आश्वासन देने से इन्कार

बीएमएस के तरफ से देवेन्द्र कुमार पाण्डेय और रंजय कुमार के तरफ से कहा गया कि आप सभी जो तय कर लें, हमारा समर्थन रहेगा। प्रबंधन गत वर्ष की बोनस भुगतान राशि 21000 का ऑफर दिया। दूसरी मीटिंग में 24/09/2022 को भी अन्तिम समय तक भारतीय मजदूर संघ इस मांग के साथ ही खड़ा रहा।

श्रम संगठनों के प्रतिनिधि तथा प्रबंधन का भरपूर प्रयास रहा कि भारतीय मजदूर संघ भी एक राशि का खुलासा करे, पर हमारे तरफ से बार बार यही कहा गया कि एस-1 और एस-11 के सैलरी का औसत निकाल कर भुगतान कर दिया जाना चाहिए।

ये खबर भी पढ़ें:…खुर्सीपार में भिलाई स्टील प्लांट के 690 मकान कब्जे में, करोड़ों की लग रही चपत, 100 को थमाया नोटिस, बारी-बारी से सब होंगे बेदखल

के पांडेय ने बताया कि प्रबंधन बार-बार आग्रह करता रहा कि आम सहमति से एक राशि तय हो तो वार्ता आगे बढ़ाई जाए। सभी श्रम संगठन के प्रतिनिधिमण्डल एक साथ बैठक कर 55000 रुपए तय किया। प्रबंधन को स्वीकार नहीं रहा। फिर 50000 की राशि तय हुई।

प्रबंधन के प्रयास से डाक्टर रेड्डी ने 45000 की राशि तय कर फिर विरेन्द्र कुमार चौबे हमसे कहे कि 45000 की घोषणा किया जाए? हमने कहा आप सभी राशि तय करें साथ देंगे। कभी भी किसी एक राशि का आंकड़ा भारतीय मजदूर संघ ने उल्लेख नहीं किया।

AD DESCRIPTION AD DESCRIPTION

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here