ठेका मजदूरों का प्रदर्शन सेल की हर इकाइयों में, लेकिन बवाल सिर्फ भिलाई में, धक्का-मुक्की से बिगड़े हालात, देखिए तस्वीरें

एसडब्ल्यूएफआई-सीटू के आह्वान पर सेल और आरआइएनल में एक साथ किया गया विरोध-प्रदर्शन। सेल खदान से प्लांट तक ठेका मजदूरों की ललकार, एस-1 ग्रेड का वेतन चाहिए अबकी बार।

सूचनाजी न्यूज, भिलाई। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड-सेल के ठेका मजदूर सड़क पर उतरे। न्यूनतम वेतन एस-1 ग्रेड की मांग की। आठ से दस हजार रुपए माह में नौकरी करने वाले मजदूर नियमित कर्मचारियों के न्यूनतम वेतन के बराबर मजदूरी मांग रहे हैं। इसके समर्थन में सेल की हर इकाइयों और खदान में शांति पूर्वक प्रदर्शन किया गया। लेकिन आखिरी समय में भिलाई स्टील प्लांट में विवाद हो गया। धक्का-मुक्की से हालात बिगड़ गए। पुलिस को हल्का बल प्रयोग तक करना पड़ा। लाठी भांजनी पड़ी, ताकि भीड़ को इस्पात भवन की तरफ जाने से रोका जा सके।

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प्रदर्शनकारी इस्पात भवन के सामने विरोध दर्ज कराने के लिए मुर्गा चौक से आगे बढ़ रहे थे, तभी तीन घेरा बनाकर सीआइएसएफ और पुलिस ने रोक दिया। दूसरे घेरे पर ही विवाद हो गया। महिला ठेका मजदूर आगे बढ़ने की जिद पर थी, लेकिन फोर्स उन्हें वहीं रोक रही थी।

इसी बीच अफरा-तफरा हो गई। शोर-शराबा हुआ। फोर्स को मोर्चा संभालना पड़ा। इसके बाद सीटू के वरिष्ठ नेताओं ने ठेका मजदूरों को नियंत्रित किया। समझाकर मामले को शांत कराया।

इसी बीच प्रबंधन की तरफ से ज्ञापन लेने की बात बोली गई। जनसंपर्क विभाग तक पहुंच चुके प्रदर्शनकारी वापस आइआर विभाग के गेट पर आए। यहां महाप्रबंधक जेएन ठाकुर ने ज्ञापन लिया और आश्वासन दिया कि दो दिन के भीतर सीजीएम पर्सनल के साथ यूनियन प्रतिनिधिमंडल की वार्ता कराई जाएगी।

इधर-सीआइएसएफ के कमांडेंट एसके बाजपेयी इस बात पर भड़के थे कि जवानों के साथ धक्का-मुक्की क्यों की गई। इसे लेकर सीटू के कार्यकारी अध्यक्ष अशोक खातरकर से कहासुनी भी हो गई। प्रबंधन की तरफ से दावाा किया जा रहा है कि कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है। इस आंदोलन में सैकड़ो मजदूरो के साथ हिंदुस्तान इस्पात ठेका श्रमिक यूनियन सीटू के अध्यक्ष शान्तनु मरकाम, महासचिव योगेश सोनी व हिंदुस्तान स्टील एम्प्लाई यूनियन के अधयक्ष सविता मालवीय, महासचिव एसपी डे, डीवीएस रेडी के अलावा शांत कुमार, जमील अहमद, एसआर नंदी आदि शामिल थे।

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13 सूत्रीय मांगों पर डारेक्टर इंचार्ज के नाम सौंपा ज्ञापन

  • ठेका श्रमिको का न्यूनतम वेतन स्थायी कर्मियों के एस-1 ग्रेड के न्यूनतम वेतन के बराबर हो।
  • ठेका श्रमिको को भी नियमित कर्मियों की तरह रात्रि पाली भत्ता दिया जाए।
  • कार्य के दौरान दुर्घटना होने व कोविड महामारी में मृत्यु होने पर एक आश्रित को अनुकम्पा नियुक्ति दी जाए।
  • ठेका बदलने पर भी ठेका श्रमिकों को न बदला जाए।
  • लागत मूल्य से कम में ठेका देना एल-1, रिवर्स ऑक्शन सिस्टम पर रोक लगाई जाए।
  • ठेका श्रमिको की हाजिरी में गड़बडी पर रोक लगाने बायोमेट्रिक सिस्टम लागू किया जाए।
  • ठेका श्रमिको का सामूहिक बीमा योजना लागू करो।
  • बेवजह छंटनी, वेतन से जबरन उगाही, न्यूनतम वेतन भुगतान न करने वाले ठेकेदार पर ब्लैक लिस्ट की कार्यवाही हो।
  • खाली आवासों को ठेका श्रमिकों को लीज/लाइसेंस में उपलब्ध कराया जाए।
  • नियमित कर्मियों की तरह ठेका श्रमिको को भी स्वास्थ्य केंद्र मे जांच की सुविधा मुहैया कराया जाए।
  • स्थायी या स्थायी प्रकृति के कार्य मे स्थाई कर्मियों की नियुक्ति हो।
  • महिला श्रमिकों को सरकारी नियमानुसार मातृत्व अवकाश लाभ दिया जाए व तमाम श्रमिको को सवैतनिक अवकाश EL(अर्जित अवकाश),CL (आकस्मिक अवकाश), FL(त्योहारी अवकाश) NH(राष्ट्रीय अवकाश )का लाभ मिले यह सुनिश्चित किया जाए।
  • तमाम ठेका श्रमिको को न्यूनतम वेतन, हाजिरी कार्ड, वेतन पर्ची, समाजिक सुरक्षा कार्यस्थल पर सुरक्षा  सुनिश्चित की जाए।
भिलाई स्टील प्लांट के ठेका मजदूर मुर्गा चौक पर प्रदर्शन कर रहे हैं।

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एसडब्ल्यूएफआई-सीटू के आह्वान पर ठेका मजदूरों के समर्थन में प्रदर्शन किया गया। आरआइएनएल के अलावा सेल इकाई बोकारो, दुर्गापुर, राउरकेला, अलॉय आदि स्थानों पर प्रदर्शन किया गया। सेल की जीतपुर कोलयरी के मजदूर सम्मानजनक वेतन समझौता की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। प्रबंधन को मांग पत्र सौंपा ताकि 26 मई को होने वाली एनजेसीएस सब-कमेटी की बैठक में ठोस फैसला लिया जा सके।

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इसी तरह सेल के कुलती खदान में भी कर्मचारियों ने प्रोटेस्ट किया। दूसरी ओर राउरकेला स्टील प्लांट के कामगारों के साथ नियमित कर्मचारी हाथों में बैनर और तख्ती लेकर सड़क पर खड़े रहे। एनजेसीएस बैठक में वेतन समझौता को जल्द से जल्द पास करने की मांग की गई। वहीं, सेल की कोलयरी डिवीजन रामनागोर के कार्मिकों ने भी हक की आवाज उठाई।

अलॉय स्टील प्लांट के कर्मचारी भी पीछे नहीं रहे। सम्मानजनक वेतन समझौता के समर्थन में नारेबाजी करते रहे। ड्यूटी जाने वाले कर्मचारियों से समर्थन भी मांगा। प्रदर्शन करने वालों में कालता माइंस का भी नाम शामिल है। वेतन समझौता के साथ सेफ्टी और सोशल सिक्योरिटी की मांग के समर्थन में कर्मचारियों ने प्रबंधन को ज्ञापन सौंपा।

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ओडिशा के बोलानी ओर माइंस के बाहर भी प्रदर्शन किया गया। ठेका मजदूरों के साथ नियमित कर्मचारियों ने इंद्रमणि बेहरा के नेतृत्व में प्रदर्शन किया गया। इधर-दुर्गापुर स्टील प्लांट में एसडब्ल्यूएफआई के जनरल सेक्रेटरी ललित मोहन मिश्र के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रशासनिक भवन के बाहर सीटू नेताओं ने डेरा डाला था। ठेका मजदूरों के समर्थन में आरआइएनएल और विश्वेश्वरैया स्टील प्लांट के कर्मचारियों ने भी प्रबंधन को मांग पत्र सौंपा है।

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