कर्मचारियों का सवाल-भाजपा समर्थित है बीएमएस, इस्पात मंत्री भी साथ, फिर क्यों वेतन समझौता में अन्याय, कार्यकारी अध्यक्ष ने दिए जवाब…

सूचनाजी न्यूज, भिलाई। भिलाई इस्पात मजदूर संघ-बीएमएस ने अपने जनसंपर्क अभियान के तहत बोरिया गेट के भारत बाजार में लोगों से संपर्क किया। आने वाले यूनियन मान्यता चुनाव में बीएमएस को सहयोग करने की अपील की। बीएमएस नेताओं ने कहा कि लोगों से मिल रहे फीडबैक तथा चर्चाओं से एक बात तो स्पष्ट हो गई कि जिस प्रकार से वेज रिवीजन में कर्मियों का नुकसान हुआ है। इसके बाद ग्रेच्युटी सिलिंग हुई है,उससे कर्मचारी नाराज हैं।

बीएमएस नेताओं ने बताया कि लोगों से मिल रहे फीडबैक तथा चर्चाओं से एक बात तो स्पष्ट हो गई कि जिस प्रकार से वेज रिवीजन में कर्मियों का नुकसान हुआ है,बदलाव के मूड में हैं। उनका सवाल है कि जिन तीन यूनियनों ने MOU पर हस्ताक्षर किए थे और इसे ऐतिहासिक समझौता बताए वह अब कहां है। अधिकारियों को तो 15 % एमसीबी तथा 35% पर्क्स मिल गया। साथ ही एरियर का पर्क्स भी मिल गया, पर अब सवाल यह है कि उन्हें 15/35% मिल सकता है तो कर्मचारियों के 13/26.5% पर हस्ताक्षर कौन से गणित के हिसाब से किए थे।
39 माह के एरियर के सवाल पर इंटक के एक बड़े एनजेसीएस पदाधिकारी के द्वारा इस बात को स्वीकार करते हैं कि 39 महीने के एरियर पर कोई बात नहीं हुई है। एक कर्मचारी ने कहा कि जब हस्ताक्षर कर रहे थे उस समय जल्दी क्या थी। किसे खुश करना चाह रहे थे। लोगों ने सीटू के सब कमेटी में जाने पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब यह लोग एनजेसीएस में एमओयू पर हस्ताक्षर नहीं किए और सभी को मैसेज किए कि हम इस एमओयू से सहमत नहीं है, पर इन्हें सब कमेटी में जाने से परहेज नहीं है। सवाल यह है कि जब आप जिन मुद्दों पर सहमत ही नहीं है,फिर उन्हीं मुद्दों के लिए चर्चा करने कैसे जा सकते हैं। इस प्रकार का दो तरफा रवैये से स्पष्ट दिख रहा है कि इन लोगों ने भी अपनी मूक सहमति दे दी है, पर दिखावे के लिए विरोध कर रहे हैं।

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लोगों के इस सवाल पर कि भारतीय मजदूर संघ भाजपा समर्थित है और उनके ही इस्पात मंत्री हैं, फिर वेज रिवीजन में अन्याय क्यों। इस पर कार्यकारी अध्यक्ष चन्ना केशवलू ने बताया कि हमारी और उनकी विचारधारा एक होने के कारण हमें उनका सहयोग मिलता रहता है, पर मंत्री महोदय ने सदन में स्पष्ट कर दिया है कि वेज रिवीजन का समझौता सिर्फ एनजेसीएस में ही प्रबंधन के साथ होता है। इसी कारण एमओयू एनजेसीएस में ही हुआ है, पर जो भी नुकसान हम लोगों का हो रहा है, उसे मंत्रालय को अवगत करवा दिया गया है। जब भी एग्रीमेंट होग, हमारी यूनियन 39 महीने की एरियर्स पर्क्स सहित 28% पर्क्स तथा ग्रेच्युटी सीलिंग समाप्त होने की सहमति बनने के बाद ही एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर करेगी। पूरी उम्मीद है कि मंत्रालय इन सब मुद्दों पर मंथन कर रहा है। इसका परिणाम सभी कर्मियों के पक्ष में आएगा।

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प्रचार अभियान के दौरान अध्यक्ष आईपी मिश्रा, कार्यकारी अध्यक्ष चन्ना केशवलू, हरि शंकर चतुर्वेदी, राजेश चौहान, शारदा गुप्ता, विनोद उपाध्याय, एविसन वर्गीस, उमेश मिश्रा, रामवीर सिंह, अशोक माहोर, अनिल गजभिए, महेंद्र प्रताप सिंह, प्रवीण मारडीकर, देवेंद्र कौशिक, आरके पांडे, श्रीनिवास मिश्रा, जगजीत सिंह, भागीरथी चंद्राकर, भूपेंद्र बंजारे, एसएस यादव, संदीप पांडे, अवधेश पांडे, सुनील गजभिए आदि मौजूद रहे।

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