हाउस लीज आंदोलन रहेगा जारी, पूर्व कैबिनेट मंत्री के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित, विधायक को बताया हमदर्द

सूचनाजी न्यूज, भिलाई। हाउस लीज संयुक्त संघर्ष समिति की साप्ताहिक रविवार को शक्ति सदन में हुई। स्थाई बसाहट के लिए जारी आंदोलन और 6 मई को जिलाधीश दुर्ग को दिए गए ज्ञापन के संबंध में सदस्यों को विस्तार से जानकारी दी गई। कुछ सदस्यों ने छत्तीसगढ़ के पूर्व कैबिनेट मंत्री के फेसबुक बयान पर सवाल उठाए। समिति इस संबंध में स्पष्ट घोषणा करती है कि आंदोलन सुनिश्चित रूप से स्थाई बसाहट के लिए है।

अधक्ष राजेंद्र सिंह परगनिहा ने कहा कि समिति के सदस्य अपने लोकप्रिय नारे मुक्तिधाम जाएंगे बीएसपी के आवासों से, के लिए संकल्पित है। 5 जून 2014 को हमारी समिति की नीव पड़ी तथा आगामी 5 जून को आठवीं वर्षगांठ पूरे उत्साह के साथ मनाने का निर्णय भी लिया गया।

भारत सरकार के पूर्व केंद्रीय इस्पात मंत्री स्वर्गीय रामविलास पासवान द्वारा सार्वजनिक रूप से 9 फरवरी 2008 को बीएसपी के स्वर्ण जयंती के अवसर पर हाउस लीज की छठे चरण की घोषणा कर उसे लागू करने की बात कही गई थी, जिसे 25 जुलाई 2008 को सेल बोर्ड के 340वीं बैठक में अनुमोदन के साथ इस आंदोलन को स्वयं ही नैतिक व कानूनी अधिकार प्राप्त हो गया है। संविधान की धारा 14 के तहत समानता के अधिकार को लागू करने हेतु यह आंदोलन सतत जारी रहेगा।

राजेंद्र सिंह परगनिहा ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य के पूर्व मंत्री को इस सच्चाई से अवगत होना चाहिए कि खुर्सीपार कैंप में भी बीएसपी के आवास हैं। मैनपावर की कमी से जूझते संयंत्र प्रबंधन के 33000 आवासों में मात्र आठ से 10,000 संयंत्र कर्मी आज निवासरत है।

लीज या लाइसेंस की प्रकृति एक ही है, परंतु राजनीति बाजो ने इस पर राजनीति ही की है, जबकि विकल्प तलाशना वर्तमान केंद्र सरकार के नुमाइंदों को ही है। रहा सवाल वर्तमान विधायक का तो वरिष्ठ नागरिकों के साथ शासक का बर्ताव नहीं करते हुए आंदोलनकारियों के साथ उनका व्यवहार सहानुभूति पूर्वक है।

उन पर मिथ्या आरोप लगाना पूरी तरह से राजनीति ही है। समिति वर्तमान विधायक को सम्मान एवं स्नेह करती है। बैठक में छत्तीसगढ़ के पूर्व केबिनेट मंत्री के बयान के खिलाफ निंदा प्रस्ताव भी पारित किया गया। बैठक में राजेंद्र परगनिहा के अलावा पीसी शर्मा, पीआर वर्मा, राजेंद्र शर्मा, तुलसी राम साहू, रमेश पाल आदि उपस्थित थे।

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