बीएसपी के ठेकेदार शाम 4 बजे के बाद गुजरे इस राह से तो माने जाएंगे अवैध, होगा एक्शन

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Bhilai Steel Plant contractors started protest1
मजदूरों को पूरा पेमेंट करने का दबाव और ठेकेदारों के कार को आइआर विभाग तक आने की अनुमति न देने का मामला। प्रदर्शन के बाद मिली राहत।
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भिलाई स्टील प्लांट के ठेकेदारों ने बीएसपी वेलफेयर कांट्रैक्टर एसोसिएशनक बैनर तले आइआर विभाग के बाहर प्रदर्शन किया गया।

सूचनाजी न्यूज, भिलाई। सेल-भिलाई स्टील प्लांट और ठेकेदारों के बीच ठन गई है। ठेका मजदूरों को पूरा पेमेंट करने का दबाव और ठेकेदारों के चार पहिया वाहनों को आइआर विभाग तक आने की अनुमति न देने का मामला तूल पकड़ चुका है। सोमवार को ठेकेदारों ने बीएसपी के खिलाफ मोर्चा खोल दिय। आइआर विभाग के बाहर विरोध-प्रदर्शन किया। काफी हंगामे के बाद प्रबंधन ने कुछ राहत दी है।

सुरक्षा के मद्देनजर सख्ती भी बरती जाएगी। ठेकेदारों को राहत देते हुए सुबह 10 से शाम 4 बजे तक अपनी कार आइआर विभाग तक लाने की अनुमति दे दी गई है। साथ ही यह शर्त लगाई गई है कि अगर, 4 बजे के बाद कोई भी गाड़ी आइआर विभाग को पार करते हुए प्लांट की तरफ गई तो उसे अवैध माना जाएगा। सीआइएसएफ रोकेगी और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सीसीटीवी कैमरे से निगरानी रखी जाएगी।

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इधर-बीएसपी वेलफेयर कांट्रैक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष त्रिलोकी सिंह का आरोप है कि प्रबंधन बाहरी ठेकेदारों को प्रति मजदूर 2200 रुपए में पेमेंट करती है। स्थानीय ठेकेदारों को 500 रुपए तक का ठेका दिया जाता है। ठेकेदार भी कमाने के लिए यहां आते हैं, गंवाने के लिए नहीं है। प्रबंधन की इस तरह की नीति के खिलाफ आवाज उठाई रही है। मांग की जा रही है कि ऑक्शन प्रक्रिया में बदलाव किया जाए।

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बाहरी ठेकेदारों को काम न दिया जाए। उन्होंने कहा कि तीन चार माह से लगातार ज्ञापन सौंपा जा रहा है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। ठेकेदारों को चार पहिया वाहन से आइआर विभाग जाने की अनुमति नहीं है, जबकि यही ठेकेदार प्लांट में जा सकते हैं। इसलिए मांग की जा रही है कि आइआर के लिए गेट खोला जाए।

त्रिलोकी सिंह का कहना है कि भिलाई के ठेकेदारों का टेंडर रिवर्स ऑक्शन से होता है। एल-1 की वजह से प्रतिस्पर्धा होती है। कम रेट में ठेका लिया जाता है। ऐसे में पूरा पेमेंट कैसे संभव है। बीएसपी खुद ठेकेदारों का शोषण कर रही है। और लेबर पेमेंट पूरा करने का दबाव बना रही है।

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टेंडर को छत्तीसगढ़ के रेट में निकालने की मांग की जा रही है। इसके अलावा जुलाई-अगस्त का क्लियरेंस रुका हुआ है। प्रबंधन एकाउंट स्टेटमेंट मांग रहे हैं। ठेकेदार इसे सार्वजनिक नहीं करना चाह रहा है। या वर्कर का पासबुक मांग रहे हैं। इसलिए इसका विरोध किया जा रहा है।

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