MP Vijay Baghel BSP Visit: कंसल्टेंसी एजेंसी सास्या पर 22 करोड़ उड़ाने के बजाय रेस्ट रूम, कैंटीन, टॉयलेट, बाथरूम पर होना था खर्च, बीटीआई नहीं हॉट शॉप पर हो ट्रेनिंग, आखिर 21 नंबर लॉकर पर क्यों रुके सांसद, पढ़ें पूरी खबर

-भिलाई स्टील प्लांट में कभी मजदूरी करते थे सांसद विजय बघेल, आज पहुंचे निरीक्षण करने।
-सांसद विजय बघेल का मेन गेट पर कर्मचारियों ने किया स्वागत। हॉट शॉप और मिल्स में कर्मियों से फीडबैक लिया।
-कैंटीन में खाद्य पदार्थाें की क्वालिटी और शौचालय की गंदगी पर नाराजगी।
-बीएसपी में काबिल कम नहीं, बाहरी एजेंसी की क्या जरूरत।

अज़मत अली, भिलाई। भिलाई स्टील प्लांट की चहारदीवारी के अंदर विजय बघेल कभी एक आम कर्मचारी हुआ करते थे। आज सांसद हैं। बतौर सांसद उसी प्लांट का दौरा करने पहुंचे, जहां काम किया करते थे। सांसद की अगुवानी भावी डायरेक्टर पर्सनल केके सिंह व ईडी वर्क्स अंजनी कुमार ने की। स्टील स्टैंडिंग कमेटी की 1 जुलाई को आंध्र प्रदेश के तिरुपति में बैठक होनी है। दुर्ग जिले के सांसद विजय बघेल भी बैठक में शामिल होंगे।

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आंध्रप्रदेश रवाना होने से पहले सांसद ने भिलाई स्टील प्लांट का दौरा किया। लगातार हो रहे हादसों, बीएसपी के सेफ्टी इक्यूपमेंट को देखने और कर्मचारियों से फीडबैक लेने के लिए सांसद भिलाई स्टील प्लांट शुक्रवार सुबह 10 बजे पहुंचे। सांसद विजय बघेल का बीएसपी दौरा काफी खास रहा। लगातार हादसे और उससे जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच करने के लिए वह खुद स्टील मेल्टिंग शॉप-2, रेल मिल, वायर राड मिल, मर्चेंट मिल पहुंचे। ठेका मजदूरों से हेलमेट आदि विषयों पर बातचीत की। अपने पुराने कार्यस्थल रेल मिल पहुंचे तो वहां कर्मचारियों से दास्ताना, हेलमेट आदि की गुणवत्ता पर फीडबैक लिया। कैंटीन में भजिया खाई। शौचालय का जायजा लिया तो नाक पर हाथ रखना पड़ गया। गंदगी देख भड़क गए।

सेफ्टी के सवाल पर प्रबंधन को आड़े हाथ लिया। 22 करोड़ रुपए कंसल्टेंसी एजेंसी सास्या पर खर्च करने के बाद भी हादसे नहीं रुकने पर चिंता जताई। कर्मचारियों से मिले फीडबैक पर उन्होंने कहा-22 करोड़ रुपए कंसल्टेंसी एजेंसी पर उड़ाने के बजाय कर्मचारियों के लिए रेस्ट रूम, कैंटीन, टॉयलेट, बाथरूम पर खर्च करते तो बेहतर होता। सेफ्टी ट्रेनिंग के नाम पर खानापूर्ति बंद की जाए। बीटीआई में बैठकर ट्रेनिंग प्रोग्राम चलाने से क्या फायदा हो रहा है। हॉट शॉप आदि कार्यस्थलों पर ही ट्रेनिंग दी जाए, ताकि कर्मचारियों को सीधेतौर पर फायदा मिल सके।

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श्रमिक नेताओं ने प्रबंधन से पूछे चुभते सवाल

-एटक के महासचिव विनोद सोनी ने एसएमएस-2 के सीजीएम से कहा कि पहले पूरा काम फिर आराम का नारा दिया गया है। मजदूर से पहले पूरा काम तो ले लिया जा रहा है, लेकिन एसएमएस-2 में मजदूर के आराम करने की व्यवस्था बिल्कुल भी खराब है।
-इस्पात श्रमिक मंच के महासचिव राजेश अग्रवाल ने एसएमएस-2 प्रबंधन से कहा कि हाल ही में हुई दुर्घटना के बाद प्रबंधन ने ऐसी दुर्घटना परिस्थितियों के लिए क्या उपाय किए हैं। प्रबंधन ने कहा-सास्या सेफ्टी एजेंसी को हमने टाटा स्टील का अनुसरण करते हुए अपनाया है। इस पर सांसद ने कहा कि हमारे पास खुद इतने एक्सपर्ट और काबिल लोग हैं, तो बाहरी एजेंसी की क्या जरूरत है।

जब सांसद ने 21 नंबर के लॉकर पर रखा हाथ

सांसद विजय बघेल रेल मिल में कार्य कर चुके हैं। बीएसपी दौर पर पहुंचे तो रेल मिल के पुराने कर्मचारियों के साथ गुजरी यादों में खो गए। रेल मिल के पुराने साथियों संग सेल्फी ली। दोस्ताना अंदाज में हंसी-ठिठोली भी होती रही। इस दोरान सांसद ने 21 नंबर लॉकर को याद किया। इसी 21 नंबर के लॉकर में विजय बघेल का सामान रहता था।

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जब ठेका श्रमिकों ने कहा-खुद खरीदते हैं सेफ्टी-शू

ठेका श्रमिक को जो सुरक्षा उपकरण दिए जा रहे हैं, उसकी क्वालिटी पर सांसद ने काफी नाराजगी जताई। कर्मचारियों के लिए रेस्ट रूम की हालत देखकर काफी नाराज हुए। टॉयलेट, बाथरूम की स्थिति बहुत ही दयनीय थी। महिलाओं के लिए अलग से टॉयलेट बाथरूम नहीं था। महिला कर्मचारी भी जेंट्स टॉयलेट इस्तेमाल करती हैं। ठेका श्रमिक ने शिकायत दर्ज कराई कि सेफ्टी शू ठेकेदार उपलब्ध नहीं कराता। वे खुद खरीदकर लाते हैं।

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साफ-सफाई न होने पर खरी-कोटी सुनाई

सांसद प्लांट के वर्क्स एरिया के भीतर हाउसकीपिंग एवं कार्यस्थल की हालत देखकर काफी नाराज हुए। अधिकारियों को खरी-खोटी सुनाई। इन सब दौरे के बाद भी कार्यरत कर्मचारी कानाफूसी करते रहे कि इस प्रकार के दौरे पहले भी होते रहे हैं। हम जानते हैं कि आगे भी हमारे हक में कुछ नहीं होगा। जैसा है वैसे ही चलते रहेगा, यह सब दिखावा है। कर्मचारियों का कहना था कि ठेका श्रमिकों की हालत में अगर सुधार नहीं होगा तो आगे आने वाले समय में भिलाई प्लांट को बचाना बहुत मुश्किल है।

मेन गेट पर बीएसपी कर्मचारियों ने किया स्वागत, टास्क फोर्स के सदस्य भी रहे साथ

मेन गेट पर कर्मचारियों ने स्वागत किया। ईडी पीएंडए केके सिंह व ईडी वर्क्स अंजनी भी पहुंचे। सांसद को सबसे पहले सेफ्टी एक्सीलेंट सेंटर ले जाया गया। यहां बीएसपी द्वारा सुरक्षा को लेकर किए जा रहे कार्यों की विस्तृत जानकारी दी गई।साथ ही इक्यूपमेंट आदि को दिखाया गया। सांसद के सवालों का ईडी पीएंडए व ईडी वर्क्स ने खुद जवाब दिया। सेफ्टी एक्सीलेंट सेंटर से निकलने के बाद हॉट शॉप और मिल्स एरिया का भी दौरा किया। वहां कर्मचारियों से फीडबैक लिया।

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इस दौरान बीएसपी द्वारा गठित टास्क फोर्स के सदस्य भी मौजूद रहे। सदस्यों में जीएम सेफ्टी जीबी सिंह, जीएम शीजा मैथ्यू, बीएसपी आफिसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष एनके बंछोर, इंटक के अतिरिक्त महासचिव संजय साहू, बीएमएस के महामंत्री रवि सिंह, इस्पात श्रमिक मंच के शेख महमूद, राजेश अग्रवाल, एटक के महासचिव विनोद कुमार सोनी, एससी-एसटी फेडरेशन के चेयरमैन सुनील रामटेके, बीएसपी वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष उज्ज्वल दत्ता मौजूद थे

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सब्सिडी दर पर कैंटीन सुविधा दी जाए

एक ठेका श्रमिक ने कहा-15 से 30 किलोमीटर तक साइकिल चलाकर वे ड्यूटी करने आते हैं। यहां जब आते हैं तो जी-तोड़ काम करते हैं। मानवीय आधार पर कम से कम सस्ते दर पर कैंटीन में खाना मिल सके। इसका भी इंतजाम किया जाना चाहिए। पहले एक रुपए में चार समोसा मिला करता था, यह सब देखा हुआ है। खाली पेट आप सुरक्षित स्टील नहीं बना सकते हैं। खाली पेट से सुरक्षित स्टील का प्रोडक्शन संभव नहीं है। श्रमिक का पेट भरने के लिए सब्सिडी रेट पर कैंटीन की सुविधा दी जानी चाहिए। कार्यस्थल पर गैस, गर्मी, पसीना से मजदूर जूझते हैं। जटिल परिस्थिति में पेट भरा रहने पर ही काम आसान होगा। प्रबंधन को मजदूर की इस पीड़ा को भी समझना होगा।

बीएसपी वर्कर्स यूनियन के ये पदाधिकारी थे आगे-पीछे

बीएसपी वर्कर्स यूनियन के पदाधिकारियों द्वारा अध्यक्ष उज्ज्वल दत्ता के नेतृत्व में सांसद विजय बघेल का सवागत किया गया। इस दौरान महासचिव खूबचंद वर्मा, शिव बहादुर सिंह, टी दिलेश्वर राव, सुरेश सिंह, आशीष श्रीवास्तव, सी नरसिंह राव, अमित बर्मन, विमल कांत पांडे, मंगेश हरदास, यस गिरीश, मनोज डढसेना, राजकुमार सिंह, डीके गिरी, डी शंकरराव, भवानी शंकर, राम सुमेर राय, सुजीत सोनी, रमेश कुमार देशमुख, सतनाम सिंह, राजकुमार क्षत्रिय, डी सिंह चंद्रवंशी, गोपाल कृष्ण वर्मा, रवि शंकर सिंह, लक्ष्मीनारायण साहू, शिव शंकर शर्मा, जितेंद्र देसलहरे आदि शामिल थे।

रिवर्स आक्शन को तत्काल बंद कराएं सांसद जी

दौरे के दौरान ही कुछ कर्मचारियों ने चर्चा में कहा-सिस्टम बिगड़ चुका है। सांसद को दौरा करने की नौबत क्यों आ रही है। हालात खराब हो चुके हैं। ठेका श्रमिकों की हालत नहीं सुधारी गई तो बीएसपी को बचाना मुश्किल हो जाएगा। ठेका श्रमिक ही बीएसपी को चला रहे हैं। बीएसपी का कर्मचारी सुपरवाइजर और बड़े कार्यों तक सीमित हो गया है। कैपिटल रिपेयर और मेंटेनेंस का काम शत-प्रतिशत ठेका मजदूर कर रहे हैं। सांसद आए हैं, बहुतत अच्छी बात है, लेकिन सांसदजी को भी अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। रिवर्स आक्शन को तत्काल बंद कराया जाए। वित्त मंत्रालय के आदेश पर ही ये हो रहा है। सांसद जी सरकार का हिस्सा हैं, इसलिए इस मुहिम को भी आगे बढ़ाएं।

बीएमएस-इंटक के ये पदाधिकारी रहे सांसद के साथ

भिलाई इस्पात मजदूर संघ के अध्यक्ष आईपी मिश्रा, महामंत्री रवि सिंह, कार्यकारी अध्यक्ष चिन्ना केशवलु, उपाध्यक्ष शारदा गुप्ता, हरिशंकर चतुर्वेदी, राजेश चौहान, महेंद्र सिंह, उमेश मिश्रा, सीपी सिंह, श्रीनिवास मिश्रा, अनिल सिंह, प्रदीप पाल, वीरेन मुरकुटे, संजय शर्मा, माधवराव, रविंद्र राऊल, जान आथर मौजूद रहे। वहीं, इंटक के अतिरिक्त महासचिव संजय साहू, पार्षद मनीष यादव, मनोज वर्मा-सांसद निजि सचिव, संतोष किचलू, शेखर सिंह, गोपाल कृष्ण वर्मा, डागेश्वर परगनिया, भागीरथी चंद्राकर, डोमन सोनी सहित उपस्थित थे।

खबर अपडेट की जा रही है…।

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