International Yoga Day 2022: योगा करने वालों के लिए खादी लाया स्पेशल ड्रेस ‘स्वधा’, किरण बेदी भी फिदा

सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय के अधीन खादी और ग्रामोद्योग आयोग ने राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (निफ्ट) में खादी उत्कृष्टता केंद्र (सीओईके) की स्थापना की है।

सूचनाजी न्यूज, भिलाई। 21 जून को देश आठवां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मना रहा है। योग के मूल विचार को केंद्र में रखते हुए, खादी उत्कृष्ट केंद्र की डिजाइन टीम ने ‘स्वधा’ नामक आरोग्य वस्त्रों की श्रृंखला तैयार की है, ताकि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर खादी के बहुआयामी पक्षों को प्रदर्शित किया जा सके। अथर्ववेद में ‘स्वधा’ का अर्थ सहजता, सुविधा या आनन्द होता है। यह वास्तव में इस संकलन की विशेषता है।

ये खबर भी पढ़ें: छत्तीसगढ़ में पेट्रोल-डीजल की किल्लत, ड्राई हो रहे डिपो और एम्बुलेंस सेवा प्रभावित, किसानों का बढ़ा बीपी

सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय के अधीन खादी और ग्रामोद्योग आयोग ने राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (निफ्ट) में खादी उत्कृष्टता केंद्र (सीओईके) की स्थापना की है। इसका उद्देश्य है खादी संस्थानों को डिजाइन तैयार करने में दक्ष बनाना, खादी उत्पादों का उत्पादन और भारतीय तथा विश्व बाजार में उन्नत किस्म के भांति-भांति के खादी उत्पादों को प्रस्तुत करना।

ये खबर भी पढ़ें:ईएसआईसी देशभर में खोलेगा 23 नए 100 बेड वाले अस्पताल और 62 डिस्पेंसरी, 10 विषयों में चलेगा सर्टिफिकेट कोर्स, 6400 पदों पर होगी नई भर्ती

खादी उत्कृष्टता केंद्र ‘खादी भावना’ को ध्यान में रखते हुए इसे आगे बढ़ाने का काम कर रहा है। इसका सीधा-सादा अर्थ “पृथ्वी पर रहने वाले हर मानव के प्रति भाईचारे की भावना” है। योग का सार-तत्त्व संतुलन होता है, यानी केवल शरीर या मन और शरीर के बीच संतुलन नहीं, वरन विश्व में मानव सम्बंधों के बीच संतुलन भी इसमें सम्मिलित है। संकलन को योगाभ्यासियों और योग का शौक रखने वालों को दिखाया गया है कि वे इनका उपयोग करके अपने विचार दें। इन वस्त्रों को इस तरह तैयार किया गया है कि ये कंधे पर ढीले हैं, ऊपरी वस्त्र के बीच का हिस्सा इस तरह बनाया गया है कि झुकने में आसानी होती है।

ये खबर भी पढ़ें:Coal India: कोयला उत्पादन 28 प्रतिशत छलांग के साथ 138 मिलियन टन तक पहुंचा, संकट में बिजली सेक्टर को 24 दिनों तक सप्लाई का भरपूर भंडार

पांव फैलाने में आसानी हो, इसलिए निचला हिस्सा भी ढीला-ढाला बनाया गया है। आरोग्य को ध्यान में रखते हुए ये खूबियां उल्लेखनीय हैं। समाजसेवी, रैमन मैगसेसे पुरस्कार से सम्मानित और पुदुच्चेरी की पूर्व उप-राज्यपाल डॉ. किरण बेदी ने निफ्ट स्थित खादी उत्कृष्टता केंद्र का दौरा किया तथा वहां डिजाइनरों से बातचीत की। उन्होंने इस संकलन की प्रशंसा की। भारत के ‘प्लॉगमैन’ रिपु दमन बेवली ने स्वधा संकलन को चुना और खादी से बने इन वस्त्रों की सराहना की। उनके अनुसार योग या कसरत करते समय इन वस्त्रों से बहुत आराम मिलता है।

ये खबर भी पढ़ें:भारत में स्कूली शिक्षा में आईसीटी के उपयोग को यूनेस्को की मिली मान्यता, 25000 अमेरिकी डॉलर का मिलेगा पुरस्कार

आरोग्य वस्त्र संकलन ‘स्वधा’ श्रृंखला में मन की शक्ति और दृढ़ता पर बल दिया गया है। इसका लक्ष्य है कि सभी आयुवर्ग के लोगों को आकर्षित करना। इन आरोग्य वस्त्रों को हाथ से बुना गया है और प्राकृतिक रंगों का इस्तेमाल किया गया है। खादी की डोर पूरे विश्व के लोगों को एक-दूसरे से बांधती है और यह ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की सच्ची भावना का प्रतीक है।

ये खबर भी पढ़ें: सेल स्कॉलरशिप का 4 महीने पहले थमाया सर्टिफिकेट, आज तक नहीं मिली रकम, परेशान हो रहे बच्चे

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!