इंटक का दावा-सेल में सबसे बेहतर है भिलाई इस्पात संयंत्र की नॉन एक्जीक्यूटिव प्रमोशन पॉलिसी, नहीं खत्म होगा चार्जमैन पदनाम

सूचनाजी न्यूज, भिलाई। भिलाई इस्पात संयंत्र के रेल एवं स्ट्रक्चर मिल में इंटक यूनियन के प्रतिनिधिमंडल ने महाप्रबंधक प्रभारी एसके क्षत्रिय एवं वरिष्ठ प्रबंधक कार्मिक नरेंद्र इंगले के साथ बैठक की। पूर्व मान्यता प्राप्त यूनियन सीटू द्वारा विरोध और कर्मचारियों के बिगड़े तेवर पर चर्चा की गई। इंटक नेताओं ने कहा कि भिलाई इस्पात संयंत्र की नॉन एक्जीक्यूटिव प्रमोशन पॉलिसी सेल में सबसे बेहतर है।

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इंटक के अतिरिक्त महासचिव संजय साहू का कहना है कि नॉन एक्जीक्यूटिव फेडरेशन-एनईपीपी के विरोध में कुछ यूनियनों द्वारा गलत भ्रम फैलाकर लोगों को गुमराह करने का प्रयास किया जा रहा है, जबकि एनईपीपी पूरे सेल में सबसे बेहतर प्रमोशन पॉलिसी है।

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प्रबंधन ने बताया चार्जमैन का पद यथावत रहेगा

-वरिष्ठता सूची प्रकाशित की गई है। वह अस्थाई है। इस पर 15 दिन के अंदर अपनी शिकायत कार्मिक विभाग में कर सकते हैं।
-इसके उपरांत ही डीपीसी की जाएगी, उसके बाद सभी का नया पदनाम आएगा। एनईपीपी, से किसी भी कर्मचारियों को कोई नुकसान नहीं होगा।
-इससे अधिक से अधिक कर्मचारियों की पदोन्नति होगी। यह प्रमोशन पॉलिसी भिलाई इस्पात संयंत्र के 36 विभागों में लागू की जा चुकी है।
-वहां के कर्मचारियों को अधिक से अधिक लाभ मिला है। डी-कलस्टर में 10% के जगह पर दिसंबर 2020, डीपीसी में वन टाइम 20% पद कर देने से ज्यादा लोगों को प्रमोशन मिलेगा।
-जून 2021 के डीपीसी से 18% पद पर लोगों को प्रमोशन मिलेगा।
-ए क्लस्टर से बी और बी से सी एवं कलस्टर में जाने पर अब 3 साल में प्रमोशन मिलेगा।
-ए क्लस्टर एवं बी कलस्टर एवं सी कलस्टर में सभी को पदनाम मिलेगा।
-54% प्रतिशत ई सी (एक्सटेंडेड कलस्टर) में थे, सभी को पदनाम मिलेगा।
-ए से सी कलस्टर तक सभी को प्रमोशन मिलेगा।

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1986 में इंटक ने ही कलस्टर सिस्टम लागू कराया, अब चुनावी विरोधी

उप महासचिव चंद्रशेखर ने कहा कि 1986 में इंटक यूनियन द्वारा ही कलस्टर सिस्टम को लाया गया था। जब पहले लोगों को एक ग्रेड से दूसरे ग्रेड में जाने पर 8 से 10 साल लग जाते थे। यह प्रमोशन पॉलिसी से जूनियर कर्मचारियों को ज्यादा फायदा होगा। इस प्रमोशन पॉलिसी भिलाई इस्पात संयंत्र के कर्मचारियों लिए बहुत फायदेमंद होगा। प्रमोशन पॉलिसी में डीपीसी के पश्चात इसका फायदा नजर आएगा। कर्मचारियों से अनुरोध है कि कुछ यूनियनों के बहकावे में ना आएं, जो यूनियन विरोध कर रहे हैं, उसके वरिष्ठ नेताओं के विभाग में यह पॉलिसी लागू हो चुकी है। उस समय वह लोग विरोध नहीं किए, क्योंकि पॉलिसी में, कर्मचारियों को लाभ था। अब जब चुनाव आया है तो दिखावे के लिए विरोध कर रहे हैं। इंटक यूनियन के प्रतिनिधिमंडल में उप महासचिव चंद्रशेखर सिंह, सचिव बाल सिंह, उपसचिव कौशलेंद्र सिंह, एके दत्ता, अनूप घोष, एके सिंह उपस्थित थे।

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