इंटक का पलटवार, कहा-एनजेसीएस से भागने और जुमलेबाजी करती है बीएमएस, 14 कर्मियों को सजा व ग्रेच्युटी सिलिंग इन्हीं की देन

सूचनाजी न्यूज, भिलाई। चुनावी दंगल में बीएमएस के दांव पर इंटक ने नया पैतरा खेल दिया है। आरोप-प्रत्यारोप के दौर में बीएमएस के जुबानी हमले का जवाब इंटक ने चंद घंटे के भीतर ही दे दिया है। डी-कलस्टर पर बीएमएस ने इंटक को घेरा था। इस पर पलटवार करते हुए इंटक ने कहा-सेल में ग्रेच्युटी सिलिंग बीएमएस की सरकार के आदेश पर हुआ है न कि किसी यूनियन के साथ समझौते पर। आज जो केंद्र में सरकार है। वह कर्मचारियों के लिए क्या कर रही है, सभी जानते हैं। बीएमएस को न तो वेतन समझौता समझ में आता है। न ही नान एक्जीक्यूटिव प्रमोशन पॉलिसी, जो यूनियन एनजेसीएस की बैठक से भाग जाती है और सिर्फ जुमलेबाजी करती है।

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स्टील इम्प्लाइज यूनियन-इंटक के महासचिव एसके बघेल ने कहा जिस यूनियन को प्रमोशन पॉलिसी के बारे में जानकारी नहीं है। वह अनर्गल बयानबाजी तो करेगी ही। अगर उसको लगता है चीफ का मतलब एक होता है तो पहले डी-कलस्टर में 10% पोस्ट रहती थी, जिसे अभी बढ़ाकर 20% कर दिया है। चार्जमैन के पद को सुरक्षित रखा गया है, जो नेता बयान कर रहे हैं, वह नेता अपने फायदे के लिए ब्लास्ट फर्नेस में नॉन एक्जीक्यूटिव प्रमोशन पॉलिसी लागू करवाए और फायदा लेकर के अब इस पॉलिसी को चुनाव आने की वजह से खराब बोल रहे हैं। उस समय इन लोगों ने ब्लास्ट फर्नेस में विरोध नहीं किया। जबकि इस पॉलिसी में ऑप्शन दिया हुआ है, जो कर्मचारी नहीं चाहता वह लिखकर दे सकता है।

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महासचिव एसके बघेल ने कहा कि केंद्र में सरकार होने और इस्पात मंत्री होने के बावजूद भी ये 15,35 का नारा देते रहे। और सेल के 14 कर्मचारियों को सजा दिलवा दिए। यह यूनियन श्रमिक विरोधी यूनियन है, क्योंकि हर चीज का विरोध करना आता है। आज तक किसी विषय पर परिणाम नहीं दिला पाए। इंटक यूनियन के प्रयास से ही आज वेतन समझौता इस रूप में हो पाया है।

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महासचिव ने कहा कि आज लगभग सभी कर्मचारियों को 3% इंक्रीमेंट मिलेगा और 39 महीने का एरियर दिलाने एवं नया वेतनमान का प्रयास इंटक यूनियन कर रही है। बीएमएस यूनियन भिलाई इस्पात संयंत्र में चुनाव को देखते हुए अपने प्रभाव का उपयोग करते हुए पूर्ण एनजेसीएस की बैठक नहीं होने दे रही है, जिस प्रकार राउरकेला के चुनाव के समय, वेतन समझौते के एरियर को रुकवा दिया गया था। उसी तरीके से अभी भी वेतन समझौता पूर्ण करने से रोकने का प्रयास कर रही है। इंटक यूनियन का संघर्ष का इतिहास रहा है। सेल पेंशन स्कीम से लेकर, अनेक कार्य किए हैं। आगे भी श्रमिक हित में अच्छे कार्य करने का प्रयास कर रही है।

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