एक क्लिक पर भिलाई स्टील प्लांट की जमीन की कुंडली

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Inauguration of LRIMS
बीएसपी के निदेशक प्रभारी ने “भूमि अभिलेख सूचना तथा प्रबंधन प्रणाली” का किया शुभारंभ। ईडी और सीजीएम मौजूद रहे।
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-पाइपलाइन, सीवरेज सिस्टम, हाई टेंशन लाइन आदि जैसी भूमिगत सुविधाओं को एक डिजिटल मानचित्र में एकीकृत किया गया।

  • -एनआरएससी-इसरो हैदराबाद से प्राप्त एक उपग्रह छवि को आरोपित किया गया।
  • -साइट पर सटीक पहचान के लिए सभी सुविधाओं को जियो-टैग भी किया गया है।

सूचनाजी न्यूज, भिलाई। माउस के सिंगल क्लिक पर बीएसपी की भूमि और मानचित्रों की तत्काल जानकारी हो सकेगी। इस प्रणाली नगर सेवा विभाग के विभिन्न कार्यों में सुविधा प्रदान करने में सहायक सिद्ध होगी। सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के निदेशक प्रभारी अनिर्बान दासगुप्ता ने संयंत्र के भूमि अभिलेख सूचना तथा प्रबंधन प्रणाली (एलआरआईएमएस) का औपचारिक उद्घाटन कर प्रणाली का शुभारम्भ किया।

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इस अवसर पर संयंत्र के कार्यपालक निदेशक (कार्मिक एवं प्रशासन) एमएम गद्रे व मुख्य महाप्रबंधक (नगर सेवाएं एवं सीएसआर) एसवी नंदनवार तथा नगर सेवा विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी विशेष रूप से उपस्थित थे।

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विदित हो कि भिलाई इस्पात संयंत्र जिसे स्थापना काल में भिलाई स्टील प्रोजेक्ट के रूप में जाना जाता था। इसके द्वारा स्थापना के समय, 1950 के दशक में भिलाई और उसके आसपास स्टील प्लांट और टाउनशिप की स्थापना के लिए काफी जमीन का अधिग्रहण किया गया था। चूंकि ऐसी भूमि को भिलाई स्टील प्रोजेक्ट के लिए अधिग्रहित की गई थी। अतः इस भूमि को राष्ट्रपति के दो अनुबंधों के माध्यम से भिलाई इस्पात संयंत्र को सौंप दिया गया।

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सेल भिलाई इस्पात संयंत्र, एक सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम होने के नाते, इस फ्रीहोल्ड भूमि का पूर्ण स्वामित्व प्राप्त हो गया। इस प्रकार कुछ समय से जीआईएस (भौगोलिक सूचना प्रणाली) प्रौद्योगिकी (जो सटीक अक्षांश-देशांतर निर्देशांक के माध्यम से किसी भी स्थान की पहचान करने के लिए नवीनतम उपकरण है।) के अनुप्रयोग के माध्यम से सभी अधिग्रहित भूमि को मानचित्रों और अधिग्रहण रिकॉर्डों के साथ समेकित करने का प्रयास किया जा रहा था।

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उल्लेखनीय है कि हाल ही में देश भर में विभिन्न स्थानों पर सेल के स्वामित्व वाली भूमि के भूमि रिकॉर्ड को डिजिटाइज करने के लिए सेल कॉर्पोरेट स्तर पर भी पहल की गई है।इस दिशा में बीएसपी के नगर सेवा विभाग ने 2019-20 में एक निविदा जारी की और कोलकाता स्थित एक जीआईएस एजेंसी को भिलाई टाउनशिप और परिधीय भूमि से संबंधित भूमि अभिलेखों के डिजिटलीकरण का काम सौंपा।

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पिछले डेढ़ वर्षों के दौरान, भिलाई टाउनशिप और परिधीय भूमि से संबंधित सभी मानचित्रों, अभिलेखों को स्कैन और भू-संदर्भित किया गया। साथ ही सभी महत्वपूर्ण सतह के ऊपर की विशेषताएं जैसे घर, बाजार, सड़क, खेल के मैदान, पार्क आदि के रूप में चिन्हित किया गया।

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साथ ही पाइपलाइन, सीवरेज सिस्टम, हाई टेंशन लाइन आदि जैसी भूमिगत सुविधाओं को एक डिजिटल मानचित्र में एकीकृत किया गया, जिस पर एनआरएससी-इसरो हैदराबाद से प्राप्त एक उपग्रह छवि को आरोपित किया गया। इसके अलावा, साइट पर सटीक पहचान के लिए सभी सुविधाओं को जियो-टैग भी किया गया है।

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