Ministry of Steel: सांसदों, प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), विशिष्ट व्यक्तियों, मंत्रिमंडल और राज्य सरकारों से प्राप्त संदर्भ भी शामिल हैं।
- अभियान के दौरान 37 लंबित जन शिकायतों का निपटारा करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
सूचनाजी न्यूज, नई दिल्ली। इस्पात मंत्रालय ने लंबित मामलों को तेजी से निपटाने और सरकारी कार्यालयों में कामकाज को अधिक व्यवस्थित बनाने के लिए विशेष अभियान 6 (SCDPM 6) शुरू किया है। मंत्रालय और उसके केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (CPSEs) में यह अभियान 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक चलेगा। अभियान के दौरान स्वच्छता से लेकर पुरानी फाइलों के निस्तारण और जन शिकायतों के समाधान तक कई स्तरों पर काम किया जाएगा।
अभियान का तैयारी चरण 15 सितंबर से 30 सितंबर 2026 तक पूरा किया जा चुका है। इस दौरान इस्पात मंत्रालय और उसके अधीन आने वाले सीपीएसई ने अभियान के लिए लक्ष्य तय करने के साथ जरूरी तैयारियां पूरी कीं।
20,763 फिजिकल और 9,056 ई-फाइलों के निपटारे का लक्ष्य
विशेष अभियान के दौरान सबसे बड़ा फोकस लंबित फाइलों के निस्तारण पर रहेगा। मंत्रालय और उसके सीपीएसई ने 20,763 भौतिक फाइलों तथा 9,056 ई-फाइलों के निपटारे का लक्ष्य रखा है। इसके जरिए पुराने और लंबित रिकॉर्ड को व्यवस्थित करने के साथ कार्यालयों में अनावश्यक रूप से घिरी जगह को भी खाली करने की कोशिश होगी।
37 लंबित जन शिकायतों के समाधान पर नजर
जन शिकायतों के मामले में भी मंत्रालय ने स्पष्ट लक्ष्य तय किया है। अभियान के दौरान 37 लंबित जन शिकायतों का निपटारा करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उद्देश्य यह है कि अभियान के अंत तक लंबित जन शिकायतों की संख्या को शून्य तक लाया जा सके।
301 स्थानों पर स्वच्छता गतिविधियां
सिर्फ फाइलों के निपटारे तक अभियान सीमित नहीं रहेगा। इस्पात मंत्रालय और उसके सीपीएसई के विभिन्न कार्यालयों और स्थानों पर 301 स्वच्छता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। कार्यालय परिसरों की सफाई, अनुपयोगी सामग्री हटाने और कार्यस्थल को अधिक व्यवस्थित बनाने पर जोर रहेगा।
सांसदों और पीएमओ से जुड़े संदर्भ भी अभियान में शामिल
विशेष अभियान का एक अहम पहलू उन मामलों का समयबद्ध निपटारा है, जो विभिन्न महत्वपूर्ण स्तरों से मंत्रालय तक पहुंचते हैं। इनमें सांसदों, प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), विशिष्ट व्यक्तियों, मंत्रिमंडल और राज्य सरकारों से प्राप्त संदर्भ भी शामिल हैं।
यानी अभियान का उद्देश्य केवल पुरानी फाइलों का ढेर कम करना नहीं है, बल्कि ऐसे लंबित मामलों को भी गति देना है जिनका सीधा संबंध शासन व्यवस्था, जन शिकायतों और विभिन्न संस्थागत संदर्भों से है।
पुराने रिकॉर्ड और कार्यालयी जगह के बेहतर इस्तेमाल पर जोर
अभियान के दौरान पुराने रिकॉर्ड के उचित प्रबंधन, अनुपयोगी फाइलों के निस्तारण और कार्यालयों में उपलब्ध स्थान के बेहतर उपयोग पर भी ध्यान दिया जाएगा। इससे सरकारी कार्यालयों में दस्तावेजों के प्रबंधन को व्यवस्थित करने और कामकाज के लिए बेहतर वातावरण तैयार करने की कोशिश होगी।
इस्पात मंत्रालय के लिए SCDPM 6 इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि मंत्रालय के साथ उसके कई बड़े सीपीएसई भी अभियान में शामिल हैं। अभियान के जरिए लंबित मामलों को कम करने, निर्णय प्रक्रिया को तेज करने, जन शिकायतों के समाधान में तेजी लाने और कार्यालयों को अधिक स्वच्छ एवं कार्यकुशल बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
