मोदी जी, ईपीएस 95 पेंशनर्स के सामने जीवन-मरण की स्थिति, पेंशनर्स का पीएम को दुख भरा पत्र

Modi ji EPS 95 pensioners are facing a life and death situation pensioners sent a sad letter to the PM (1)
मासिक औसतन पेंशन राशि 1170 मिलने के कारण एवं मेडिकल सुविधा के अभाव में अत्यंत दयनीय अवस्था में जीवन जी रहे हैं।
  • 2013 में भगत सिंह कोश्यारी की अध्यक्षता में गठित समिति ने न्यूनतम पेंशन 3,000 रुपये करने और इसे मुद्रास्फीति सूचकांक से जोड़ने की सिफारिश की थी।
  • केंद्र सरकार के आश्वासनों से आस भी जगी है। इसमें पीएम की भूमिका महत्वपूर्ण बताई जा रही।

सूचनाजी न्यूज, भोपाल। कर्मचारी पेंशन योजना 1995 (Employee Pension SCheme 1995)। न्यूनतम पेंशन 7500 के लिए भगवान से दुआ मांगी जा रही। साथ ही पीएम मोदी को भी लेटर लिख दिया गया है। ईपीएस 95 राष्ट्रीय संघर्ष समिति मध्य प्रदेश की ओर से भी कलेक्टर के माध्यम से पीएम मोदी को मांग पत्र भेजा गया है।

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भोपाल के कलेक्टर को पत्र सौंपा गया है। पीएम मोदी को संबोधित पत्र में लिखा है कि राज्य एवं केंद्र सरकार के सार्वजनिक/निजी एवं मीडिया क्षेत्र एवं औद्योगिक/सहकारी क्षेत्र के सेवानिवृत्त कर्मचारी EPS 95 पेंशनर्स, जिनकी देश में संख्या 78 लाख है।

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रोडवेज, बिजली बोर्ड, सहकारी बैंक, क्रेडिट सोसायटी, कारखाने, धागा मिल, बीड़ी उद्योग, एमआईडीसी, कृषि उद्योग विकास निगम, खाद्य एवं बसा निगम आदि सहित देश के विभिन्न 186 उद्योगों में काम करने वाले श्रमिकों ने अपनी सेवा के दौरान पेंशन निधि में प्रति माह 417/541/1250 रुपए का योगदान दिया है।

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योगदान के कारण, ईपीएस 95 पोजना और एनपीएस दोनों अलग-अलग हैं। उन्हें मासिक औसतन पेंशन राशि 1170 मिलने के कारण एवं मेडिकल सुविधा के अभाव में अत्यंत दयनीय अवस्था में जीवन जी रहे हैं व पेंशन की आस लगाए सैकड़ों की संख्या में प्रतिदिन इस संसार से विदा हो रहें हैं।

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संगठन द्वारा पिछले 8 वर्षों से वृद्ध EPS 95 पेंशनर्स को न्याय प्रदान करवाने की दृष्टि से तहसील स्तर से राष्ट्रीय स्तर (दिल्ली स्तर) तक विविध प्रकार के अनेकानेक आंदोलन किए गए व संपर्क अभी भी जारी है, अनेक सांसद ने यह मुद्दा सदन में भी उठाया है।

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2013 में सांसद भगत सिंह कोश्यारी की अध्यक्षता में गठित समिति ने न्यूनतम पेंशन 3,000 रुपये करने और इसे मुद्रास्फीति सूचकांक से जोड़ने की सिफारिश की थी। हालाँकि 01.09.2014 से न्यूनतम पेंशन 1000 किया गया है। पिछले 10 वर्षों में बढ़ती मुद्रास्फीति सूचकांक को ध्यान में रखते हुए, ईपीएस 95 के तहत उपलब्ध न्यूनतम पेंशन 1000 रुपये बढ़ाकर 7500 रुपये कर दी जानी चाहिए थी।

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सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद भी संघर्ष 

ईपीएस 95 पेंशनर्स न्यूनतम पेंशन 7500 महीना व मंहगाई भत्ता, पति-पत्नी को मुफ्त चिकित्सा सुविधा, तथा बिना किसी भेदभाव के सुप्रीम कोर्ट के निर्णय 04.10.2016 व 04.11.2022 के अनुसार वास्तविक वेतन पर उच्च पेंशन का लाभजादि मांगों को लेकर पिछले 8 वर्षों से संघर्ष कर रहे हैं।

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2018 से क्रमिक भूख हड़ताल

संगठन का मुख्यालय बुलढाणा में है, वहां पर उपरोक्त ईपीएस 95 की मांग को लेकर 24.12.2018 से जिला कलेक्टर कार्यालय के सामने क्रमिक भूख हड़ताल चल रही है। आज इस प्रश्न हड़ताल को छह साल हो गये हैं।

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दो बार संगठन के प्रतिनिधिमण्डल को आश्वासन

पेंशनभोगियों ने पीएम मोदी को याद दिलाया कि आप स्वयं दो बार संगठन के प्रतिनिधिमण्डल को आश्वासन दे चुके हैं तथा श्रम मंत्री भी कई बार आश्वासन दे चुके हैं, लेकिन इसके बाद भी मांगें स्वीकृत न होने तथा पेंशनर्स के समक्ष जीवन-मरण की स्थिति उत्पन्न होने के कारण पेंशनर्स में रोष है। लेकिन आपके आश्वासनों से आस भी जगी है। इसमें आपकी भूमिका महत्वपूर्ण है। निवेदन है कि कृपया संसद के इसी सत्र में ईपीएस 95 पेंशनर एवं अति अल्प पेंशन धारकों की मांगों को स्वीकृत करने की कृपा करें।

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