राउरकेला स्टील प्लांट के मंच पर बीएसपी के कलाकारों ने जगजीत सिंह, सलमा आगा, किशोर और लता मंगेशकर की आवाज को किया जिंदा, अलॉय ने सात चक्र और दुर्गापुर ने दिखाई बंगाली संस्कृति

भिलाई इस्पात संयंत्र, बोकारो इस्पात संयंत्र, दुर्गापुर इस्पात संयंत्र, इस्को इस्पात संयंत्र, अलॉय इस्पात संयंत्र और राउरकेला इस्पात संयंत्र के गायक, नर्तक, संगीतकार, नाटककार और चित्रकार कलाकारों की टीम सांस्कृतिक कार्यक्रम में भाग ले रही है।

सूचनाजी न्यूज, राउरकेला। सेल की स्वर्ण जयंती यानी कंपनी के 50वें साल का समावेश के प्रतीक के उपलक्ष्‍य में सांस्कृतिक उत्सव ‘सेल सुरभि’ का आगाज हो गया है। राउरकेला इस्पात संयंत्र (आरएसपी) के सिविक सेंटर में प्रारंभ हुआ। आरएसपी के निदेशक प्रभारी अतनु भौमिक इस भव्‍य कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे। उल्लेखनीय है कि इस सांस्‍कृतिक कार्यक्रम में भिलाई इस्पात संयंत्र, बोकारो इस्पात संयंत्र, दुर्गापुर इस्पात संयंत्र, इस्को इस्पात संयंत्र, अलॉय इस्पात संयंत्र और राउरकेला इस्पात संयंत्र के गायक, नर्तक, संगीतकार, नाटककार और चित्रकार कलाकारों की टीम सांस्कृतिक कार्यक्रम में भाग ले रही है।

कार्यक्रम का शुभारंभ श्लोक उच्चारण के मध्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम का समापन गण्यमान्यों द्वारा कलाकारों को सम्मानित करने के साथ हुआ। वरिष्ठ प्रबंधक (सीसीडब्ल्यू) दिव्या दास और प्रबंधक (कार्मिक) संगीता मारिया सिंदूर इस शाम के मास्‍टर ऑफ सेरेमनी थे। आरएसपी के कर्मचारियों ने अपने परिवार के सदस्यों के साथ बड़ी संख्या में कार्यक्रम का आनंद उठाया । यह कार्यक्रम 16 जून को रज उत्सव के समापन के साथ समाप्त होगा।

इस अवसर पर एडीएम (राउरकेला), नगर पालिका कॉमिशनर (आरएमसी) और सीईओ (राउरकेला स्मार्ट सिटी), डॉ. शुभंकर महापात्र, वरिष्ठ मंडल प्रबंधक, संबलपुर डिवीजन (एलआईसी), बीएल.दास, निदेशक प्रभारी, एनआईटी (राउरकेला), प्रदीप सरकार, आईएफएस (आर.सी.सी.एफ.), डॉ. अरुण कुमार मिश्र, कार्यपालक निदेशक (खान) एके.कुंडू, कार्यपालक निदेशक (वर्क्‍स) एसआर.सूर्यवंशी, कार्यपालक निदेशक (कार्मिक एवं प्रशासन) तथा कार्यपालक निदेशक (परियोजना) के अतिरिक्त भार सहित पीके शतपथी, दीपिका महिला संघति की उपाध्यक्ष इंद्राणी कुंडू, हर्षला सूर्यवंशी और हिरणमयी शतपथी शामिल थीं।

भिलाई के प्राभंजय ने जगजीत सिंह की गजलों से छेड़ा तान, लता, किशोर और सलमा आगा की आवाज भी गूंजी

इस शाम की पहली प्रस्तुति भिलाई इस्पात संयंत्र की संगीत मंडली द्वारा की गई, जिन्‍होने शास्त्रीय संगीतों, भजनों, भावपूर्ण ग़ज़लों और मधुर संगीतों के मिश्रण से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। भिलाई स्टील प्लांट के कर्मचारियों ने बतौर कलाकार सेल की सभी इकाइयों के कलाकारों को प्रभावित किया। लता मंगेशकर, सलमा आगा, किशोर कुमार, रेशमा, जगजीत सिंह की आवाजों में हर कोई खोया रहा। प्राभंजय चतुर्वेदी ने जगजीत सिंह की गलत की ऐसी तान छेड़ी कि श्रेता मोहित हो गए। खूब वाह-वाह होती रही।

वहीं, सपना अवस्थी ने सलमा आगा और रेशमा की आवाज में प्रस्तुति दी। हाय लंबी जुदाई…की तान छेड़ते ही हर कोई टकटकी लगाए सुनता रहा। लता मंगेशकर की आवाज को महुआ चटर्जी ने बखूबी निभाया। गुजरे जमाने के संगीत को ताजा कर दिया। सलमा आगा और लता मंगेशकर की आवाज को लोगों ने खूब सुना। पीटी उल्लास ने यशु दास और देवव्रत रॉय ने किशोर कुमार की आवाज को जिंदा कर दिया। कलाकारों की मंडली में भालचंद्र सेगेकर-तबला, तरुण पहाड़े-की-बोर्ड, भागवत साहू-ढोलक, देवव्रत मजूमदार-आक्टोपैड पर संगत की। भिलाई की टीम के कार्यक्रम का संचालन सुप्रियो सेन ने किया।

अलॉय इस्पात संयंत्र द्वारा ‘सात चक्र’ की प्रस्तुति

इसके बाद अलॉय इस्पात संयंत्र द्वारा ‘सात चक्र’ की विषय वस्तु पर आधारित शानदार प्रदर्शन किया गया, जो दर्शकों को मोहित कर दिया। प्रत्येक चक्र को उनके संबंधित रंगों और सार के साथ गीत, नृत्य और पेंटिंग के संयोजन द्वारा खूबसूरती से चित्रित किया गया था।

दुर्गापुर इस्पात संयंत्र ने समृद्ध बंगाली संस्कृति की पेश की झलक

दुर्गापुर इस्पात संयंत्र ने समृद्ध बंगाली संस्कृति पर ध्यान केंद्रित किया, जिसकी शुरुआत रवींद्र संगीत से हुई और फिर सदाबहार गीतों के माध्यम से महान हिंदी फिल्मी गायकों को श्रद्धांजलि दी गई। उनके द्वारा प्रस्तुत वर्षा पर आधारित रमणीय नृत्य और लोक नृत्यों ने दर्शकों को इतना मंत्रमुग्ध कर दिया कि दर्शक ताल के साथ ताल मिलाकर नाचते हुए देखे गए।

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