बकाया एरियर, अधूरा वेतन समझौता, इंसेंटिव और पदनाम, सेल कर्मी काला बिल्ला लगाकर कर रहे काम

सूचनाजी न्यूज, भिलाई। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड-सेल के कर्मचारियों के लंबित मुद्दों पर प्रबंधन के खिलाफ घेराबंदी अब तेज कर दी है। आधा-अधूरा वेतन समझौता, बकाया एरियर, रिवाइज्ड इंसेंटिव और पदनाम की मांग को लेकर कर्मचारी आंदोलन कर रहे हैं। प्रतीकात्मक विरोध दर्ज कराते हुए कर्मचारी काला बिल्ला लगाकर काम कर रहे हैं। भिलाई स्टील प्लांट के कर्मचारी काला बिल्ला लगाकर कार्यस्थल पहुंचे। सेल प्रबंधन तक आवाज पहुंचाने के लिए अधिकारियों के माध्यम से अपनी बात रख रहे हैं। प्लांट के अंदर विरोध-प्रदर्शन की झलक दिख रही है। भिलाई स्टील प्लांट के कर्मचारी काला बिल्ला लगाकर इस्पात उत्पादन में अपना योगदान दे रहे हैं। 39 माह के बकाया एरियर आदि विषयों को लेकर सेल कर्मचारियों में खासा नाराजगी है। इंटक के उप महासचिव व एनजेसीएस सदस्य वंश बहादुर सिंह के नेतत्व में दर्जनों पदाधिकारी विरोध दर्ज कराने के लिए जुटे और प्रबंधन से जल्द से जल्द एनजेसीएस की बैठक बुलाने की मांग की।

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मान्यता प्राप्त यूनियन चुनाव से पहले प्लांट में माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है। कर्मचारियों के मुद्दों को हर स्तर पर उठाया जा रहा है। सभी यूनियनें कर्मचारियों से संवाद स्थापित कर रही हैं ताकि विश्वास जीता जा सके। इधर-स्टील इम्प्लाइज यूनियन-इंटक भिलाई ने सभी पदाधिकारियों, कार्यकारिणी सदस्यों, प्रतिनिधियों एवं सक्रिय सदस्यों सहित सभी कर्मचारियों से अपील किया था कि बुधवार को काला बिल्ला लगाकर ड्यूटी पहुंचें। इसी तरह 17 जून शुक्रवार को बोरिया गेट में सुबह 8:00 से 9:00 बजे तक प्रदर्शन में शामिल हों। ग्रेच्युटी सिलिंग, 39 माह की बकाया एरियर राशि, सेल स्तर पर सम्मानजनक पदनाम, मंथली इंसेंटिव स्कीम रिवाइज, पे-स्ट्रक्चर को लागू करने सहित विभिन्न कर्मचारी हितों की मांगों को लेकर प्रदर्शन किया जाएगा।

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इंटक का कहना है कि कर्मचारियों के लिए यूनियन हमेशा संघर्ष करती रही है। अधूरे वेतन समझौता को पूर्ण कराने के लिए एनजेसीएस की बैठक जल्द से जल्द बुलाने की मांग की जा रही है, ताकि कर्मचारियों के मुद्दों को तत्काल हल किया जा सके। इंटक के केंद्रीय नेता लगातार प्रबंधन के संपर्क में हैं। एनजेसीएस की बैठक बुलाने की मांग की जा रही है। वहीं, नॉन फाइनेंशियल मोटिवेशन स्कीम को आगे भी जारी रखने की मांग की जा रही है ताकि कर्मचारियों का मनोबल बढ़ा रहे।

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