सेल हड़ताल के नाम पर रुका प्रमोशन अब बहाल, कर्मियों को राहत

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सूचनाजी न्यूज़, भिलाई। 30 जून 2021 की हड़ताल में भाग लेने के नाम पर शैक्षणिक योग्यता आधारित क्लस्टर ग्रोथ के लाभ से वंचित रखे गए युवा कर्मियों को अब पदोन्नति आदेश जारी कर दिया गया है। हिंदुस्तान स्टील एम्पलॉइज़ यूनियन, (सीटू) के प्रभावशाली हस्तक्षेप के पश्चात ऐसा हो सका। यूनियन ने कुछ ऐसा ही दावा किया है।

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डीग्रेड होकर नियुक्त हुए कर्मियों को शीघ्र ~ग्रोथ~ देने के लिए जारी हुआ था दिशा निर्देश

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ज्ञात हो कि सेल में डिग्रेड कर नियुक्ति करने के मामले को जून 2016 में एनजेसीएस में उठाए जाने के पश्चात सेल कॉरपोरेट कार्यालय द्वारा 30 जून 2016 को क्वालिफिकेशन बेस्ड कैरियर ग्रोथ (QBCG) से संबंधित दिशा निर्देश सभी सयंत्रों को जारी किया गया था जिसे भिलाई में सितंबर 2016 में प्रबंधन द्वारा सार्वजनिक किया गया। उक्त दिशा निर्देश के तहत ऐसे कर्मी जिनके पास तकनीकी योग्यता है उनके प्रशिक्षण काल को सेवा काल में जोड़ कर क्लस्टर परिवर्तन के समय अनिवार्य रूप से 3 वर्ष में प्रमोशन दिए जाने का प्रावधान है ।

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उक्त दिशा निर्देश के तहत एस-1 ग्रेड में नियुक्त होने वाले ऐसे कर्मी जिनके पास आईटीआई की योग्यता है उन्हें ए क्लस्टर से बी क्लस्टर में 3 वर्ष में पदोन्नति दिया जाना है तथा ऐसे कर्मी जिनकी नियुक्ति एस-3 ग्रेड में हुई है उन्हें बी क्लस्टर से सी क्लस्टर में 3 वर्ष में पदोन्नति दिए जाने का प्रावधान है।

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हड़ताल में भाग लेने के नाम पर सिर्फ भिलाई में रोकी गयी पदोन्नति

उक्त दिशा निर्देश के तहत 2015 में एस-1 ग्रेड में भर्ती होने वाले कर्मचारियों को ए क्लस्टर से बी क्लस्टर अर्थात एस-2 ग्रेड से एस-3 ग्रेड में सितंबर 2022 में पदोन्नति दिया जाना था किंतु दिशा निर्देश की शर्त केअनुसार विगत 3 वर्षों में किसी अवैध हड़ताल में भागीदारी नहीं होनी है, की गलत व्याख्या कर कई कर्मियों को पदोन्नति से वंचित रखा गया।
कर्मियों द्वारा मामले को संबंधित विभाग प्रमुख तथा कार्मिक विभाग के सामने उठाया गया तब उन्हें यह बताया गया कि उन्होंने 30 जून 2021 की हड़ताल में भाग लिया है इसलिए उन्हें पदोन्नति नहीं दिया जाएगा।

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सीटू द्वारा किया गया प्रभावशाली हस्तक्षेप

कर्मियों ने हिंदुस्तान स्टील एम्पलॉइज़ यूनियन (सीटू) को इसकी जानकारी दी। यूनियन के महासचिव एसपी डे कुछ विभाग के कार्मिक अधिकारी, शीजा मैथ्यू (महाप्रबंधक-कार्मिक), तथा श्रीमती निशा सोनी (मुख्य महाप्रबंधक- कार्मिक) से इस संबंध में चर्चा की। उन्हें भी यही जवाब दिया गया कि कर्मियों को पदोन्नति से इसलिए वंचित रखा गया है क्योंकि उन्होंने 30 जून 2021की हड़ताल में भाग लिया है तथा 30 जून 2021 की हड़ताल अवैध थी । जब सीटू नेता ने हड़ताल की अवैधता से संबंधित दस्तावेज के बारे में जानना चाहा तो उन्होंने कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दिया।

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सीटू प्रतिनिधि मंडल ने 8 अक्टूबर 2022 को श्री एम एम गदरे , अधिशासी निदेशक (कार्मिक एवं प्रशासन) से इस मामले में चर्चा की और उन्हें इस मामले से अवगत कराया गया कि किसी भी हड़ताल को वैध या अवैध घोषित करने का अधिकार केवल न्यायालय को है इसके अलावा किसी और को नहीं है। अधिशासी निदेशक श्री गदरे ने ध्यानपूर्वक यूनियन का पक्ष समझने के पश्चात संबंधित कार्मिक अधिकारियों से चर्चा कर इस मामले के शीघ्र निराकरण का आश्वासन दिया था।

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उप मुख्य श्रमायुक्त (केंद्रीय) से भी की चर्चा

इस संबंध में सीटू नेता ने श्री आर.के. पुरोहित उप मुख्य श्रमायुक्त (केंद्रीय) से भी चर्चा की। उन्होंने लिखित में अपनी शिकायत देने का परामर्श दिया। जिसके संदर्भ में यूनियन ने तैयारी शुरू कर दी थी । यूनियन की ओर से अधिशासी निदेशक (कार्मिक एवं प्रशासन) श्री एम एम गदरे को 18 अक्टूबर 2022 को पत्र लिखकर यह जानकारी दी गई कि उनके पास शिकायत करने के 10 दिन के पश्चात भी कोई निराकरण नहीं हुआ ।

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अंततः हुआ संतोषजनक निराकरण

अंत में गुरुवार को प्रबंधन द्वारा सीटू महासचिव को यह जानकारी दी गई कि इस मामले का निराकरण हो गया है तथा जिन कर्मियों की पदोन्नति हड़ताल में भाग लेने के कारण रोकी गयी थी उन्हें शीघ्र जारी कर दिया जाएगा ।

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