स्टील की ढलाई के साथ बेरोजगारों की भलाई के लिए जलकुंभी की खेती करा रहा सेल

सूचनाजी न्यूज, भिलाई। बोकारो स्टील प्लांट के मानव संसाधन विकास केंद्र में बोकारो के आस-पास के परिक्षेत्रीय गांव (महुआर, चिताही तथा रितुडीह) के ग्रामीणों के लिए जलकुंभी की खेती और उसके बाद हस्तशिल्प वस्तुओं के रूप में बुनाई कर उसका उपयोग पर एक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। लगभग 80 स्थानीय पुरुष एवं महिला भाग ले रहे हैं और जलकुंभी की खेती और उसके बाद हस्तशिल्प वस्तुओं के रूप में बुनाई कर इसके उपयोग के विषय में जानकारी प्राप्त कर रहे हैं।

ये खबर भी पढ़ें:    पब्लिक सेक्टर यूनिट में ओएनजीसी से शुरू होगी नई परंपरा, चेयरमैन तक बन सकेगा निजी कंपनी का एक्सपर्ट, सेल भी आएगा दायरे में

प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बीएसएल के सीएसआर के तहत बोकारो स्टील सिटी को एक हस्तशिल्प क्लस्टर के रूप में विकसित करना है। यह प्रयास न केवल आस-पास के गांवों में रहने वाले लोगों के लिए आजीविका के अवसर पैदा करेगा, बल्कि बोकारो को शिल्प कला के क्षेत्र में झारखंड तथा भारत के मानचित्र पर एक केंद्र के रूप में पहचान भी दिलाएगा। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अधिकारियों ने जलकुंभी की खेती और इससे जुड़ी संभावनाओं पर चर्चा की. प्रतिभागियों को प्रशिक्षण कार्यक्रम से लाभान्वित होने के लिए भी प्रेरित किया गया।

ये खबर भी पढ़ें:SAIL Chairman Interview: सोमा मंडल का अप्रैल 2023 में रिटायरमेंट, चयन प्रक्रिया होने जा रही शुरू, डायरेक्टर इंचार्ज अमरेंदु प्रकाश, अनिर्बान, बीपी सिंह व डायरेक्टर पर्सनल केके सिंह होंगे दावेदार

बीएसएल के सीएसआर विभाग का जलकुंभी की खेती से हस्तशिल्प और अन्य उपयोगी वस्तुओं को बनाने की दिशा में प्रशिक्षण देने का प्रयास का पहला कदम है। बोकारो तथा इसके आस-पास के गांवों में जलकुंभी की पर्याप्त उपलब्धता को देखते हुए बोकारो इसके लिए उपयुक्त माना जा रहा है। प्रशिक्षण कार्यक्रम बीएसएल के सीएसआर विभाग तथा झारखंड में बहु-कौशल के क्षेत्र में काम करने वाली अग्रणी संगठन ईएसएएफ-एलआईएमएस के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है।

ये खबर भी पढ़ें:भिलाई स्टील प्लांट में एक और हादसा, ठेका मजदूर के सिर पर गिरी लोहे की चेन, मौके पर मौत

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!