तो क्या CBI जांच से खुल सकता है सेल प्रबंधन-यूनियन गठबंधन का राज, इधर-भिलाई के एक नेताजी प्रबंधन के निशाने पर

सूचनाजी न्यूज, भिलाई। सेल प्रबंधन पर उसके ही कर्मचारी भड़के हुए हैं। 39 माह के बकाया एरियर को लेकर सुलग रही आग में प्रबंधन की चुप्पी घी डालने का काम कर रही है। खासतौर से यूनियन नेताओं को राडार पर लिया जा रहा है। एक के बाद एक राज खोलने के दावे किए जा रहे हैं। गोपनीय बातों को सोशल मीडिया पर साझा किया जा रहा है। सार्वजनिक रूप से दावा किया जा रहा है कि यूनियन नेताओं ने अपने करीबियों को प्रबंधन से गठबंधन करके नौकरी दिलवाई है।

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इस बात का दावा सेल कर्मियों के सोशल मीडिया पर एक कर्मचारी ने किया। कर्मचारी ने लिखा कि-जितने भी तथाकथित नेता हैं। उनके करीबियों की नियुक्ति अवैध तरीके से सेल में हुई है। और बाद में उन्हें किसी संयंत्र में स्थानांतरित करके लाया गया है। यदि इस पर CBI जांच हो तो यूनियन और प्रबंधन की मिलीभगत का एक महत्वपूर्ण रिश्ता इस देश को देखने को मिलेगा। इस बात को सेल के एक कर्मचारी ने लपक लिया है। बताया जा रहा है कि वह सीबीआई को गोपनीय तरीके से इसकी शिकायत भी करने की तैयारी में है। सेल प्रबंधन के खिलाफ सोशल मीडिया पर खोले गए मोर्चा में कहा जा रहा है कि कर्मचारियों के हक की आवाज को प्रबंधन दबाने पर तुला हुआ है। निलंबन और ट्रांसफर का डर दिखाकर प्रताड़ित कर रहा है।

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दूसरी ओर भिलाई स्टील प्लांट के एक श्रमिक को प्रबंधन ने निशाने पर ले लिया है। हर बात में सियासी दखल से कइयों की भौं तन चुकी है। अपने ही विभागीय अधिकारी को बेवजह घेरने पर चेतावनी दी जा चुकी है। पूर्व में भी जैसे-तैसे नौकरी बची थी। अब प्रबंधन ने दो-टूक बोल दिया है कि तीसरी बार मौका नहीं दिया जाएगा। इस बात से नेताजी का रुख भी पहले जैसा नहीं रह गया। वहीं, नेताजी के विरोधी गुट ने भी कोई मौका नहीं छोड़ा है। मौका मिलते ही मांद में घुसकर चौका मार दिया। इससे तिलमिलाए नेताजी आपा खो बैठे और अधिकारियों से ही भिड़ गए। अब अधिकारियों ने भी दबी जुबान सबक सिखाने का मन बना लिया है।

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