WCL की एक ही बैठक में रोजगार, कैंटीन, सुरक्षा, चिकित्सा और फीमेल वीआरएस के मुद्दे हल, पढ़ें-एचएमएस के 21 सवाल और सीएमडी का जवाब

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वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (वेकोलि/WCL) संचालन समिति की बैठक में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की गई। एचएमएस, सीटू, एटक शामिल।
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केंद्रीय अध्यक्ष-सह-वेकोलि संचालन समिति सदस्य शिवकुमार यादव एवं महामंत्री-सह-वेकोलि संचालन समिति सदस्य फ्रांसिस दारा बैठक में शामिल हुए।

सूचनाजी न्यूज, नागपुर। वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (वेकोलि/WCL) संचालन समिति की बैठक में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की गई। कोयला श्रमिक सभा-एचएमएस के अध्यक्ष शिवकुमार यादव ने रोजगार, कैंटीन, सुरक्षा, चिकित्सा, फीमेल वीआरएस के साथ-साथ अन्य कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर त्वरित निर्णय कराया।
केंद्रीय अध्यक्ष-सह-वेकोलि संचालन समिति सदस्य शिवकुमार यादव एवं महामंत्री-सह-वेकोलि संचालन समिति सदस्य फ्रांसिस दारा बैठक में शामिल हुए। सीटू से एचएस बेग और एटक से मसके जी बैठे थे। बीएमएस ने बहिष्कार किया था।
ये है शिवकुमार यादव के द्वारा उठाए गए मुद्दे और हुए निर्णय…

  1. आश्रित के तहत नौकरी प्रस्ताव जो कि लगभग 574 की संख्या में हैं, सालों से मुख्यालय द्वारा अकारण ही रोका गया है, अतः आश्रित के तहत रोजगार प्रदान करने हेतु 3 माह की समयावधि निर्धारित की जाए। उसमें भी कर्मी की मृत्यु दिनांक अनुसार जिसकी मृत्यु पहले हुई है, उसके आश्रित को पहले नौकरी दी जाए।
    निर्णय-उक्त मुद्दे पर वेकोलि सीएमडी मनोज कुमार ने अधिकारियों को आदेशित कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने तत्काल आदेशित किया।
  2. कंपनी स्तर की औद्योगिक संबंध की बैठक में महाप्रबंधक (का./औ.सं.) के अधिकार क्षेत्र से बाहर के मुद्दों पर तत्काल निर्णय नहीं हो पाते हैं।
    निर्णय-ऐसी स्थिति में उसी दिन तुरंत निदेशक (कार्मिक) के साथ बैठक कर 1 घंटे के भीतर सभी मामले निपटाए जाएंगे।
  3. शिवकुमार यादव ने मांग की है कि ऐसे प्रकरण जिसमें अस्पताल द्वारा मृत्यु का कारण कोरोना सस्पेक्ट लिखा हुआ है, उनके आश्रितों को न तो 15 लाख (Ex-Gratia) की राशि और न ही निर्धारित समयावधि में नौकरी दी जा रही है, शिवकुमार ने कहा कि कोरोना सस्पेक्ट क्या होता है, देश इतनी बड़ी त्रासदी हुई है। कई घर उजड़ गए कई परिवार अनाथ हो गए हैं। लाखों की संख्या में मृत कई रोगियों की तो जाँच तक न हो पाई। अतः मृत्यु का कारण कोरोना सस्पेक्ट को कोरोना से मृत्यु मानते हुए उनके आश्रितों को कोरोना गाइड लाइन के अनुसार सभी लाभ दिया जाए।
    निर्णय-इस मामले पर सीएमडी ने आश्वस्त किया कि वे कोल इंडिया स्तर पर चर्चा कर शीघ्र ही इस पर उचित निर्णय लेंगे।
  4. शिवकुमार ने जैसे ही ग्रुप A और ग्रुप B के तहत आई.एम.ई. किये जाने का मुद्दा उठाया तो निदेशक (कार्मिक) डॉ. संजय कुमार ने कहा कि उक्त मुद्दे पर कोल इंडिया से स्वयं बात कर निर्णय करवाएंगे तथा निदेशक ने शिवकुमार से भी आग्रह किया कि वे स्वयं जे.बी.सी.सी.आई. के भी सदस्य हैं, इसलिए कृपया मज़दूर हित में आप भी कोल इंडिया से इस हेतु स्पष्ट दिशा निर्देश जारी करवाने प्रयास करें।
  5. वेकोलि में पति-पत्नी दोनों कार्यरत होने तथा दोनों में से किसी एक मृत्यु होने पर आश्रित को कंपनी नियमानुसार नौकरी दी जाना चाहिए, किन्तु ऐसे प्रकरण में अकारण ही रोक लगाई जा रही है। अतः ऐसे केस में आश्रितों को तत्काल नौकरी दी जाने कार्यवाही की जाए।
    निर्णय-उक्त मुद्दे पर काफी लंबी बहस व चर्चा पश्चात निदेशक (कार्मिक) ने शीघ्र ही इस संबंध में सकारात्मक निर्णय लेने आश्वस्त किया।
  6. अधिक वजन/मोटापे के मामले में आई.एम.ई. के दौरान रोजगार ग्रहिताओं को सीधे नौकरी हेतु अयोग्य घोषित किया जा रहा है। जो कि सरासर गलत है, ऐसे मामले में महिला एवं पुरुष दोनों को रियायत (छूट) मिलनी ही चाहिए।
    निर्णय-इस मामले में सीएमडी ने आश्वस्त किया कि शीघ्र ही कंपनी स्तर पर चर्चा कर उचित व सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा।
  7. सुरक्षा प्रहरियों के लिए सुरक्षित चेकपोस्ट (GUARDING POST)/सुरक्षित केबिन(GUARDING CABIN) सुरक्षित ऊंचाई पर बनाकर दिया जाए तथा सुरक्षा प्रहरियों को सुरक्षा उपकरण/आर्म से लैस किया जाए।
    निर्णय-निदेशक (कार्मिक) ने कहा कि इसके लिए शीघ्र ही प्रक्रिया प्रारम्भ की जाएगी।
  8. ऐसे कर्मचारी जिन्हें वर्षों पूर्व मेडिकल अथवा आवश्यकता अनुसार भूमिगत खदान से ओपनकास्ट खदानों में पदस्थापित किया गया था, वे जिस कार्य में वर्षों से कार्यरत हैं उनका उसी कैडर में समावेश किया जाए।
    निर्णय-सीएमडी ने शीघ्र ही उचित व सकारात्मक निर्णय लेने आश्वस्त किया।
  9. मिशन सेहत के तहत होने वाले समस्त कार्य कल्याण मण्डल तथा क्षेत्रीय कल्याण समिति की देखरेख में किया जाए।
    निर्णय- इस हेतु प्रबंधन ने अपनी सहमति दी।
  10. HEMM ट्रेनिंग के एक वर्ष पूर्ण करने के तुरंत बाद लाभार्थियों को प्रारम्भिक ग्रेड प्रदान किया जाए, इसमें विलंब न किया जाए।
    निर्णय-शीघ्र ही उचित व सकारात्मक निर्णय लेकर दिशा निर्देश जारी किए जाएंगे।
  11. आपातकालीन परिस्थिति में कर्मचारी/आश्रित का पैनल अस्पताल के स्थान पर अन्य अस्पताल में इलाज करवाने की स्थिति में CGHS दर से कर्मचारी को भुगतान(रिअम्बर्समेन्ट) किया जाए।
    निर्णय-उक्त संबंध में शीघ्र ही SOP जारी कर ऐसे मामलों की समीक्षा कर CGHS दर से भुगतान करने प्रबंधन ने अपनी सहमति प्रदान की।
  12. नौकरी प्रदान करने हेतु कंपनी द्वारा महिलाओं से अविवाहित प्रमाण पत्र की मांग की जाती है जो कि सरासर असंवैधानिक है, भारत सरकार द्वारा ऐसा कोई विभाग बनाया ही नहीं गया जो कि अविवाहित प्रमाण पत्र जारी करता हो, अतः नौकरी हेतु महिलाओं से शासकीय अविवाहित प्रमाण पत्र न मांगा जाए।
    निर्णय-ऐसे मामलों में महिलाओं द्वारा स्व घोषित (स्वयं सत्यपित) प्रमाण पत्र मान्य होगा।
  13. वेकोलि के समस्त क्षेत्रीय महाप्रबंधक, उपक्षेत्रीय प्रबंधक, तथा क्षेत्रीय/मुख्यालय के विभाग प्रमुखों हेतु विभागीय गाड़ियों तथा उसे चलाने हेतु विभागीय चालकों की व्यवस्था की जाए।
    निर्णय-इस संबंध में सीएमडी ने अपनी पूर्ण सहमति दी। और अग्रिम कार्यवाही हेतु अधीन अधिकारियों को निर्देशित किया।
    14 वेकोलि के सभी गेस्ट हाउस एवं कैंटीन को वातानुकूलित, सर्व व्यवस्था एवं सर्वसुविधायुक्त बनाया जाए। साथ ही इनका संचालन विभाग द्वारा विभागीय कर्मचारियों से कराया जाए।
    निर्णय-सीएमडी ने इस हेतु अधीन अधिकारियों को आदेशित किया और मैनपावर चयन प्रक्रिया शुरू कर शीघ्र ही सकारात्मक पहल कर इसकी शुरुआत करने आश्वस्त किया।
  14. HEMM ऑपरेटर बनाये जाने हेतु वेकोलि के सभी क्षेत्रों में विभागीय चयन प्रक्रिया प्रारम्भ की जाए तथा इस प्रक्रिया में सुरक्षा प्रहरी को भी पात्रता दी जाए।
    निर्णय-सीएमडी ने उक्त मांग को स्वीकार कर, इस संबंध में शीघ्र आदेश जारी करने आश्वस्त किया।
  15. मध्यप्रदेश में स्थित पाथाखेड़ा क्षेत्र जहां कि कई सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं की भारी कमी है। जहां यदि कोई कर्मचारी/आश्रित बीमार पड़ जाए अथवा खदान में गंभीर दुर्घटना होने पर बेहतर इलाज हेतु पैनल अस्पताल नागपुर आने में ही लगभग 3 से 4 घंटे लग जाते हैं। इसलिए पाथाखेड़ा क्षेत्र में सर्वसुविधा एवं वेंटिलेटर व्यवस्था (life Support System) से लैस एम्बुलैंस की व्यवस्था की जाए।
    निर्णय- सीएमडी ने 15 दिन के भीतर पाथाखेड़ा क्षेत्र को Life Support System से लैस एम्बुलेंस प्रदान करने अधीन अधिकारियों को आदेशित किया। अन्य क्षेत्रों में भी इसी प्रकार आवश्यकता अनुसार एक एम्बुलेंस प्रदान करने सहमति बनी।
  16. पाथाखेड़ा क्षेत्र के विभागीय अस्पतालों में एक्सरे, सोनोग्राफी एवं स्कैन आदि की सुविधा उपलब्ध नहीं रहने की स्थिति में कर्मचारियों को खुले मार्केट से उक्त सुविधा प्राप्त करने स्वतंत्र रखा जाए तथा उन्हें वास्तविक खर्च का रिअम्बर्समेन्ट किया जाए।
    निर्णय- सीएमडी ने इसके लिए अपनी सहमति दी और कर्मचारियों को वास्तविक खर्च राशि का पूर्ण रिअम्बर्समेन्ट करने भी अपनी सहमति दी।
  17. ऐसे कर्मचारी जिन्हें भूमिगत खदानों में एक वर्ष पूर्ण हो चुके हैं। उन्हें आवश्यता अनुरूप वेकैंसी निकालकर ओपनकास्ट खदानों में पदस्थापित किया जाए, ताकि जनशक्ति का सदुपयोग हो सके।
    निर्णय-इस पर सीएमडी ने अपनी सहमति दी।
  18. नौकरी प्राप्त करने पूर्व रोजगार गृहीता द्वारा अज्ञानता वश घोषणा पत्र देने पर कि मुझ पर किसी भी प्रकार को कोई कोर्ट केस आदि नहीं है। ऐसे प्रकरणों में जबकि कर्मचारी पर गंभीर प्रकरण जैसे चोरी, डकैती, हत्या अथवा हत्या की साजिश जैसे अपराध न होने की स्थिति में भी दुर्भावनावश कर्मचारियों को सीधे नौकरी से बर्खास्त किया जा रहा है। इसे बंद किया जाए।
    निर्णय- सीएमडी एवं निदेशक (कार्मिक) ने उचित एवं सकारात्मक निर्णय लेकर बिना गंभीर अपराध के बर्खास्तगी जैसे आदेश पर रोक लगाने आश्वस्त किया।
  19. लाभ होने पश्चात अन्य अनुशंगी कंपनियों में कर्मचारियों को प्रोत्साहन राशि अथवा पुरस्कार वितरण किये जा रहे हैं, उसी प्रकार इतने सालों बाद लाभ में आने पर वेकोलि कर्मचारियों को भी पुरस्कार मिलना चाहिए।
    निर्णय-आंकलन कर शीघ्र ही इस पर उचित निर्णय लिया जाएगा।
  20. शिवकुमार ने वेकोलि में फीमेल व्ही.आर.एस. के तहत लगभग 24 आश्रितों को ट्रेनिंग/अप्रेंटिस पश्चात अभी तक नौकरी देने के मामले को उठाते हुए उन सभी को नौकरी देने मांग की।
    निर्णय-उक्त संबंध में सीएमडी ने एक बार पुनः इन सभी 24 प्रकरणों की पूर्ण समीक्षा (Review) कर नियमानुसार उचित निर्णय लेने आश्वस्त किया।
  1. शिवकुमार ने वेकोलि में फीमेल व्ही.आर.एस. के तहत लगभग 24 आश्रितों को ट्रेनिंग/अप्रेंटिस पश्चात अभी तक नौकरी देने के मामले को उठाते हुए उन सभी को नौकरी देने मांग की।
    निर्णय-उक्त संबंध में सीएमडी ने एक बार पुनः इन सभी 24 प्रकरणों की पूर्ण समीक्षा (Review) कर नियमानुसार उचित निर्णय लेने आश्वस्त किया।
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