NJCS Sub-committee Meeting 2022: ठेका मजदूरों को एस-1 ग्रेड का न्यूनतम वेतन दिलाने नियमित कर्मचारी भी उतरेंगे सड़क पर

अज़मत अली, भिलाई। सेल के करीब 84 हजार ठेका मजदूरों का न्यूनतम वेतन तय करने के लिए एक बार फिर 26 मई को दिल्ली में बैठक होगी। नेशनल ज्वाइंट कमेटी फॉर स्टील इंडस्ट्री-एनजेसीएस सब-कमेटी की बैठक में इसका रोडमैप घोषित किया जा सकता है।

स्टील वर्कर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया-सीटू ने सेल प्रबंधन पर दबाव बनाने लिए नियमित कर्मचारियों के साथ मिलकर ठेका मजदूरों की आवाज उठाने का फैसला लिया है। सेल की हर इकाइयों में 12 मई से आंदोलन शुरू होगा, जो 26 मई तक चलता रहेगा। नियमित कर्मचारियों और ठेका मजदूरों को एक साथ लेकर आंदोलन शुरू किया जा रहा है ताकि एकजुटता का संदेश दिया जा सके। संयंत्रों में करीब 60 प्रतिशत से ज्यादा कामों में ठेका मजदूरों की हिस्सेदारी है। इसलिए इन्हें एस-1 ग्रेड का न्यूनतम वेतन देने की मांग की जा रही है।

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स्टील वर्कर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया-सीटू के महासचिव ललित मोहन मिश्र ने सूचनाजी.कॉम को बताया कि बहुत ही दुर्भाग्य की बात है कि अधिकारी वर्ग खुद के बारे में सोचता है, लेकिन ठेका मजदूरों को उनके हाल पर छोड़े हुए है। तीन से चार लाख रुपए पीआरपी पाने वाले अधिकारी की नजरों के सामने ठेका मजदूरों का शोषण हो रहा है। ठेकेदार शोषण कर रहे हैं। एटीएम कार्ड तक रख लिए जा रहे।

आठ हजार रुपए में परिवार का खर्च चलाने वाले मजदूरों को नियमित कर्मचारियों का एस-1 ग्रेड का न्यूनतम वेतन दिलाने के लिए संघर्ष शुरू किया जा रहा है। प्रबंधन नियमित कर्मचारियों और ठेका मजदूरों में भेदभाव का दांव खेलती है। लेकिन सीटू ऐसा नहीं होने देगा। इसलिए इस बार के आंदोलन में नियमित कर्मचारियों का भी समर्थन ठेका मजदूरों को है।

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वर्चुअल बैठक में बनी रणनीति, सरकार और प्रबंधन पर गरजे तपन सेन

सेल की सभी इकाइयों के सीटू ठेका यूनियन के पदाधिकारियों के साथ एनजेसीएस सब-कमेटी के सदस्यों के साथ एसएफडब्ल्यूआई के अध्यक्ष पूर्व सांसद तपन सेन ने वर्चुअल मीटिंग की। तपन सेन ने कहा-हमें ठेका श्रमिकों के लिए न्यूनतम वेतन से संतोषजनक स्तर तक आगे बढ़ना है, जिनके योगदान के आधार पर कंपनी ने वित्त वर्ष 21-22 में 14000 करोड़ से अधिक का लाभ अर्जित किया है। एनजेसीएस में स्थायी और ठेका श्रमिकों दोनों के लिए हमारा स्टैंड हमारे संगठन को मजबूत करेगा बशर्ते हम सभी तक पहुंचें। उन्होंने यह भी कहा कि एफएसएनएल और एनएसपीसीएल सेल में स्टील की उत्पादन प्रक्रिया का अभिन्न अंग हैं। हमें आक्रामक आंदोलन द्वारा एफएसएनएल और एनएसपीसीएल दोनों के निजीकरण का विरोध करना होगा।

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प्लांट गेट से लेकर शॉप तक होगा आंदोलन

-12 से 24 मई तक अलग-अलग रूप में फैक्ट्री के गेट से शॉप तक आंदोलन किया जाएगा।
-पहला संयुक्त (स्थायी और अनुबंध दोनों) एक साथ वेतन संशोधन की मांग को लेकर 18 मई को प्रदर्शन करेंगे।
-बैज पहनने का कार्यक्रम 23 तारीख से शुरू होकर 26 मई तक चलेगा।
-सभी संयंत्रों में ईडी वर्क्स कार्यालय के सामने 25 मई को स्थायी कर्मचारियों के सहयोग से संविदा कर्मियों का व्यापक प्रदर्शन।

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