पीआरपी और प्रमोशन से थोड़ा फुर्सल निकालिए साहब, अब तो जोड़ दीजिए कर्मियों का ट्रेनिंग पीरियड…

सूचनाजी न्यूज, भिलाई। पिछले दिनों अधिकारियों का पीआरपी जारी किया गया। अब अधिकारियों का बंपर प्रमोशन हुआ। इन तोहफे से अधिकारी खुश हैं। वहीं, कर्मचारी 2003 से लेकर अक्टूबर 2008 तक भर्ती हुए कर्मियों का प्रशिक्षण काल को सेवाकाल में नहीं जोड़ने से मायूस और परेशान हैं। सोशल मीडिया पर बयानबाजी तेज हो गई है। सेल के कर्मचारी अपना दुखड़ा प्रबंधन तक पहुंचा रहे हैं।

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उच्च अधिकारियों से कह रहे हैं कि यदि अधिकारियों को दिए जाने वाले प्रमोशन एवं अन्य सुविधाओं से थोड़ी सी फुर्सत निकाल कर कर्मचारियों को मिलने वाले जायज हक पर एक नजर डाल लें। 2003 से 2008 के बीच भर्ती हुए कर्मियों के प्रशिक्षण काल को उनके सेवाकाल में जोड़ने के लिए उचित पहल करें। इस्पात उत्पादन से लेकर कमाई तक में कर्मचारी और अधिकारी का बराबर का योगदान होता है। ऐसे में एक वर्ग को मायूस करने से आक्रोश बढ़ता जा रहा है।

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जायज है सेवाकाल को प्रशिक्षण काल में जोड़ने की मांग

इस मुद्दे पर सीटू के संगठन सचिव डीवीएस रेड्डी ने कहा कि डिग्रेडेशन की मार झेल रहे कर्मियों को मदद करने के लिए उनके प्रशिक्षण काल को सेवाकाल में जोड़ने का निर्णय लिया गया। सेल के सभी इकाइयों में डिग्रेडेशन के पश्चात नई भर्ती 2008 अक्टूबर से शुरू हुई थी, किंतु भिलाई इस्पात संयंत्र में यह भर्ती 2003 से ही शुरू हो गई थी। इसीलिए भिलाई में प्रशिक्षण काल को सेवाकाल में 2003 से जोड़ा जाना है। किंतु ऐसा न करने के कारण 2008 के बाद भर्ती हुए कर्मी 2008 से पहले भर्ती हुए कर्मी से वरिष्ठ हो गए हैं, जो नियमता ही गलत है।

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लंबे प्रयास के बाद जगी है उम्मीद

कई दौर की बैठकों एवं भिलाई से लेकर एनजेसीएस तक किए गए प्रयासों का ही नतीजा है कि 2003 से 2008 तक के बीच भर्ती हुए कर्मियों के प्रशिक्षण काल को सेवाकाल में जोड़ने संबंधी पहल शुरू हुई है, जिससे कर्मियों की उम्मीद जगी है। निश्चित ही इस विषय पर सार्थक परिणाम निकलने की आशा व्यक्त की जा रही है।

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